NCERT Class 5 Arts Bansuri (Hindi): Chapter 1 — स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित कर उनके साथ संवादात्मक

NCERT CBSE Class 5 Arts Bansuri (Hindi) Chapter 1 Hindi PDF

This chapter from NCERT Class 5 Arts Bansuri, Chapter 8, focuses on engaging local artists and artisans through interactive sessions and workshops. It emphasizes creating a conducive environment for students to actively participate in visual arts, express their imagination through practical activities, and experience the joy of art. The chapter outlines classroom requirements, pedagogical approaches like storytelling and real-life examples, encouraging free expression, observation, and collaboration. It also suggests incorporating field trips, familiarizing students with artists and artworks, and organizing workshops. Assessment should be based on learning outcomes, with students maintaining portfolios. Formative assessment should be integrated into classroom activities, while summative assessment can be done through project work at the end of a term. This chapter aims to develop practical skills and an appreciation for art in students.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 5
SubjectArts
BookBansuri (Hindi)
ChapterChapter 1 — स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित कर उनके साथ संवादात्मक
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count423

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
संवादात्मकInteractive
शिल्पकारArtisan
अभिव्यक्तExpress
व्यावहारिकPractical
अवलोकनObservation
सहयोगCollaboration
प्रस्तुतिPresentation
आकलनAssessment
पोर्टफोलियोPortfolio
रचनात्मकCreative
योगात्मकSummative
शैक्षणिक भ्रमणEducational trip

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Practice questions

  1. स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को स्कूल में आमंत्रित करने से विद्यार्थियों को क्या लाभ होता है? Answer: विद्यार्थियों को कला के व्यावहारिक अनुभव मिलते हैं, वे अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करना सीखते हैं और कला का आनंद प्राप्त करते हैं।
  2. दृश्य-कला के शिक्षणशास्त्र में कथा-कथन का उपयोग क्यों महत्वपूर्ण है? Answer: कथा-कथन अवधारणाओं और प्रक्रियाओं को समझाने में मदद करता है, जिससे विद्यार्थियों को विषय को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलती है।
  3. विद्यार्थियों को अपनी कलाकृतियों के लिए क्या बनाना सीखना चाहिए? Answer: विद्यार्थियों को अपनी कलाकृतियों के लिए एक पोर्टफोलियो बनाना और उसका अनुरक्षण करना सीखना चाहिए।
  4. रचनात्मक आकलन को कक्षा की गतिविधियों के साथ कैसे समेकित किया जाना चाहिए? Answer: रचनात्मक आकलन को विद्यार्थियों को गुणात्मक प्रतिपुष्टि देकर, उनकी चर्चाओं में सहभागिता को रिकॉर्ड करके और उनकी अवलोकन क्षमता का आकलन करके समेकित किया जाना चाहिए।
  5. योगात्मक आकलन के लिए सत्र के अंत में क्या किया जा सकता है? Answer: सत्र के अंत में परियोजना कार्य या प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से योगात्मक आकलन किया जा सकता है।

Frequently asked questions

यह अध्याय किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह अध्याय कक्षा 5 के कला विषय के लिए है, जो 'बाँसुरी' पुस्तक का हिस्सा है।

इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों के साथ जोड़ना और उन्हें दृश्य-कलाओं में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कक्षा में दृश्य-कला के लिए क्या आवश्यकताएँ बताई गई हैं?

कक्षा में पर्याप्त हवादार स्थान, कला-सामग्री, उपकरण, स्टेशनरी, श्रव्य-दृश्य सुविधाएँ और कलाकृतियों की प्रदर्शनी के लिए समुचित स्थान की आवश्यकता बताई गई है।

विद्यार्थियों को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से क्या व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए?

विद्यार्थियों को अपनी मौलिक कल्पनाएँ, भावनाएँ, विचार और जिज्ञासाएँ अपनी कलाकृतियों के माध्यम से स्वतंत्रतापूर्वक व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

कलाकृतियों का आकलन कैसे किया जाना चाहिए?

आकलन अधिगम प्रतिफलों पर आधारित होना चाहिए, विद्यार्थियों को पोर्टफोलियो बनाना सीखना चाहिए, और रचनात्मक आकलन को कक्षा की गतिविधियों के साथ समेकित किया जाना चाहिए, जबकि योगात्मक आकलन परियोजना कार्य से किया जाना चाहिए।

कला सीखने के लिए विद्यार्थियों को कहाँ ले जाने का सुझाव दिया गया है?

विद्यार्थियों को अपने परिवेश की संस्कृति और जीवन को देखने-समझने के लिए बाह्य गतिविधि और शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का सुझाव दिया गया है।

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Important topics

स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों के साथ संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों की कल्पनाओं की व्यावहारिक अभिव्यक्ति कला शिक्षणशास्त्र: कथा-कथन और अवलोकन कला गतिविधियों में स्वतंत्रता, सहयोग और संवाद शैक्षणिक भ्रमण का महत्व कलाकृतियों का पोर्टफोलियो और आकलन रचनात्मक और योगात्मक आकलन विधियाँ

Topics covered

स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित करना संवादात्मक सत्र और व्यावहारिक कार्यशालाएँ विद्यार्थियों में व्यावहारिक प्रवृत्ति विकसित करना कला-सामग्री का सावधानीपूर्वक उपयोग कलाकृतियों की प्रस्तुति और प्रदर्शनी दृश्य-कला का शिक्षणशास्त्र कथा-कथन और दैनिक जीवन के उदाहरण मौलिक कल्पनाओं और भावनाओं की अभिव्यक्ति दैनिक जीवन का अवलोकन कला गतिविधियों में स्वतंत्रता और सहयोग शैक्षणिक भ्रमण और बाह्य गतिविधियाँ कलाकृतियों का आकलन और पोर्टफोलियो रचनात्मक और योगात्मक आकलन

NCERT Class 5 Arts — Bansuri (Hindi) — Chapter 1 — स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित कर उनके साथ संवादात्मक. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.