NCERT Class 4 Hindi Veena: Chapter 12 — शतरंज में मात

NCERT CBSE Class 4 Hindi Veena Chapter 12 Hindi PDF

यह अध्याय विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार के विदूषक तेनाली रामकृष्ण (तेनालीरामन) के बारे में है, जो अपनी बुद्धिमत्ता और हास्य के लिए जाने जाते हैं। दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या करते हैं और राजा के दरबार में उनके बढ़ते प्रभाव से नाखुश हैं। वे तेनालीरामन को नीचा दिखाने की योजना बनाते हैं। जब राजा दरबार में आते हैं, तो दरबारी उन्हें बताते हैं कि तेनालीरामन शतरंज खेलने में व्यस्त हैं और राजा के बराबर के खिलाड़ी हैं। राजा, जो खुद को एक महान शतरंज खिलाड़ी मानते हैं, तेनालीरामन के साथ मुकाबला करने के लिए उत्साहित हो जाते हैं। दरबारी तेनालीरामन को राजा के सामने नीचा दिखाने की उम्मीद करते हैं, लेकिन तेनालीरामन अपनी चतुराई से स्थिति को संभाल लेते हैं। यह कहानी तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता और दरबारी की ईर्ष्या को दर्शाती है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 4
SubjectHindi
BookVeena
ChapterChapter 12 — शतरंज में मात
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time2 minutes
Word count369

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
विदूषकराजा के दरबार में मनोरंजन करने वाला
राज परामर्शदाताराजा को सलाह देने वाला
कुशाग्र बुद्धितेज दिमाग
हास्यहँसी-मजाक
वृत्तांतकहानियाँ या किस्से
दरबारीराजा के दरबार में रहने वाला
मुट्ठी में होनावश में होना
सिर चढ़ानाबहुत लाड़-प्यार करना
युक्तिउपाय या तरकीब
नगाड़ेएक प्रकार का वाद्य यंत्र
महाराजाधिराजराजाओं का राजा
शौकीनरुचि रखने वाला

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

PDF preview loads when you scroll to this section (saves data and speeds up the page). Uses full mobile width; tap the full-page icon beside the page controls for landscape reading when supported.

Preparing PDF preview…

Page 1 of —

Page 1 of —

Practice questions

  1. तेनाली रामकृष्ण किस राजा के दरबार में थे? Answer: तेनाली रामकृष्ण विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में थे।
  2. दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या क्यों करते थे? Answer: दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या करते थे क्योंकि राजा उन्हें बहुत महत्व देते थे और वे तेनालीरामन को अपने से ऊपर समझते थे।
  3. दरबारियों ने तेनालीरामन को नीचा दिखाने के लिए क्या योजना बनाई? Answer: दरबारियों ने यह योजना बनाई कि वे राजा को बताएंगे कि तेनालीरामन शतरंज के बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं और राजा के बराबर के हैं, ताकि राजा तेनालीरामन से मुकाबला करें और शायद हार जाएं।
  4. राजा तेनालीरामन के बारे में क्या सुनकर प्रसन्न हुए? Answer: राजा यह सुनकर प्रसन्न हुए कि तेनालीरामन शतरंज के अद्भुत खिलाड़ी हैं और उनके बराबर के हैं।

Frequently asked questions

यह कहानी किस बारे में है?

यह कहानी विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार के विदूषक तेनाली रामकृष्ण की चतुराई और दरबारियों की ईर्ष्या के बारे में है।

तेनाली रामकृष्ण किस लिए प्रसिद्ध थे?

तेनाली रामकृष्ण अपनी कुशाग्र बुद्धि, हास्य और राज परामर्शदाता के रूप में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्ध थे।

दरबारी तेनालीरामन के बारे में क्या सोचते थे?

दरबारी तेनालीरामन से ईर्ष्या करते थे और उन्हें राजा का पक्षपाती मानते थे।

कहानी में शतरंज के खेल का क्या महत्व है?

शतरंज का खेल दरबारी द्वारा तेनालीरामन को राजा के सामने नीचा दिखाने की योजना का हिस्सा है, जो तेनालीरामन की चतुराई को उजागर करता है।

यह कहानी किस पुस्तक से ली गई है?

यह कहानी NCERT की कक्षा 4 की हिंदी पुस्तक 'वीणा' से ली गई है।

Important topics

तेनालीरामन की बुद्धिमत्ता और हास्य दरबारियों की षड्यंत्रकारी योजना राजा का शतरंज के प्रति उत्साह

Topics covered

तेनाली रामकृष्ण का परिचय विजयनगर का दरबार दरबारियों की ईर्ष्या तेनालीरामन की चतुराई शतरंज का खेल राजा कृष्णदेव राय का चरित्र

NCERT Class 4 Hindi — Veena — Chapter 12 — शतरंज में मात. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.