NCERT Class 4 Environmental Studies Aas Paas: Chapter 16 — चें दहरती आई चिडिया
यह अध्याय 'चें दहरती आई चिडिया' NCERT कक्षा 4 पर्यावरण अध्ययन की पुस्तक 'आस-पास' का 16वां अध्याय है। यह अध्याय बच्चों को पक्षियों के घोंसले बनाने, अंडे देने और अपने बच्चों की देखभाल करने के बारे में बताता है। पत्र के माध्यम से, गिजुभाई बधेका बच्चों को विभिन्न पक्षियों जैसे फाख्ता, गौरैया, शक्कर-खोरा, कलचिड़ी और कोयल के बारे में जानकारी देते हैं। यह बताता है कि कैसे पक्षी अपने घोंसलों को विभिन्न सामग्रियों से बनाते हैं और अपने बच्चों को खिलाते हैं। अध्याय पक्षियों के व्यवहार में अंतर को भी उजागर करता है, जैसे कि कौआ और कलचिड़ी के घोंसले बनाने के तरीके में भिन्नता, और कोयल का अपना घोंसला न बनाना। यह अध्याय बच्चों को अपने आसपास के पक्षियों का निरीक्षण करने और उनके बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 4 |
| Subject | Environmental Studies |
| Book | Aas Paas |
| Chapter | Chapter 16 — चें दहरती आई चिडिया |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 430 |
Learning outcomes
- पक्षियों के घोंसले बनाने की प्रक्रिया को समझना।
- विभिन्न पक्षियों के घोंसलों और उनके आवासों में अंतर पहचानना।
- पक्षियों द्वारा अपने बच्चों की देखभाल के तरीकों का वर्णन करना।
- कोयल जैसे पक्षियों के व्यवहार की विशिष्टताओं को जानना।
- अपने आसपास के पक्षियों का अवलोकन करने और उनके बारे में चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित होना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| फ़ाख्ता | एक प्रकार का पक्षी (dove) |
| गोरैया | एक छोटा पक्षी (sparrow) |
| शक्कर-खोरा | एक छोटा पक्षी जो फूलों का रस पीता है (sunbird) |
| घोंसला | पक्षियों का घर (nest) |
| अंडा | पक्षियों द्वारा दिया गया प्रजनन योग्य उत्पाद (egg) |
| कलचिड़ी | एक प्रकार का पक्षी (Indian Robin) |
| दूरबीन | दूर की वस्तुओं को देखने का यंत्र (binoculars) |
| कोयल | एक पक्षी जो मीठा गाता है (cuckoo) |
| कौआ | एक सामान्य काला पक्षी (crow) |
| सेया | अंडों को सेकर बच्चे निकालना (incubate) |
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Practice questions
- पत्र में किन-किन पक्षियों का उल्लेख किया गया है? Answer: पत्र में फाख्ता, गौरैया, शक्कर-खोरा, कलचिड़ी और कोयल का उल्लेख किया गया है।
- कलचिड़ी अपना घोंसला कैसे बनाती है? Answer: कलचिड़ी घास से घोंसला बनाती है और उसके ऊपर नाजुक टहनी, जड़ें, ऊन, बाल और रूई बिछाती है।
- कोयल अपना घोंसला क्यों नहीं बनाती है? Answer: कोयल अपना घोंसला नहीं बनाती है, बल्कि वह कौए के घोंसले में अंडे दे देती है।
- कौए के घोंसले में क्या-क्या चीजें हो सकती हैं? Answer: कौए के घोंसले में लोहे के तार और लकड़ी की शाखाएँ जैसी चीजें भी हो सकती हैं।
- पक्षियों के घोंसले बनाने के तरीकों में क्या अंतर होता है? Answer: पक्षियों के घोंसले बनाने के तरीकों में अंतर होता है; जैसे कौआ पेड़ की ऊँची डाल पर घोंसला बनाता है, जबकि फाख्ता कैक्टस के काँटों या मेहंदी की मेड़ में बनाता है।
Frequently asked questions
यह पत्र किसने और कब लिखा था?
यह पत्र गिजुभाई बधेका ने 13 अप्रैल 1936 को लिखा था।
पत्र में पक्षियों के बारे में क्या बताया गया है?
पत्र में पक्षियों के घोंसले बनाने, अंडे देने, बच्चों को पालने और उनके व्यवहार के बारे में बताया गया है।
कलचिड़ी के घोंसले में क्या-क्या होता है?
कलचिड़ी के घोंसले में घास, नाजुक टहनी, जड़ें, ऊन, बाल और रूई बिछा होता है।
क्या कोयल अपना घोंसला बनाती है?
नहीं, कोयल अपना घोंसला नहीं बनाती है, वह कौए के घोंसले में अंडे देती है।
कौए के घोंसले और कलचिड़ी के घोंसले में क्या अंतर है?
कौए के घोंसले में लोहे के तार और लकड़ी की शाखाएँ जैसी चीजें होती हैं, जबकि कलचिड़ी का घोंसला घास और मुलायम चीजों से बना होता है।
यह अध्याय बच्चों को क्या सीखने के लिए प्रेरित करता है?
यह अध्याय बच्चों को अपने आसपास के पक्षियों को देखने, उनके घोंसलों का निरीक्षण करने और उनके बारे में जानने के लिए प्रेरित करता है।
Important topics
Topics covered
NCERT Class 4 Environmental Studies — Aas Paas — Chapter 16 — चें दहरती आई चिडिया. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.