NCERT Class 12 Sanskrit Bhaswati: Chapter 5 — सूक्ति-सौरभम्
NCERT Class 12 Sanskrit Bhaswati Chapter 5, "सूक्ति-सौरभम्" (A Garland of Good Sayings), presents a collection of profound Sanskrit verses from ancient and modern poets. These suktis, though brief, encapsulate vast wisdom and life experiences accumulated over centuries. The chapter highlights the importance of these sayings in reflecting a society's intellectual richness and their utility in debates, speeches, and daily life. It includes verses from poets like Bhartrihari, Mangaldev Shastri, Bhartranath Shastri, Mahakavi Vilhana, Vishnu Sharma, and Chanakya, emphasizing virtues like silence, knowledge, perseverance, and the qualities that attract prosperity. Students are encouraged to memorize these impactful verses for personal and academic growth within the CBSE curriculum.
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Sanskrit |
| Book | Bhaswati |
| Chapter | Chapter 5 — भास्वती |
| Language | Sanskrit |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 2 minutes |
| Word count | 246 |
Learning outcomes
- Understand the significance of Sanskrit suktis in reflecting societal wisdom.
- Learn and memorize selected verses from renowned poets.
- Appreciate the concise yet profound nature of Sanskrit aphorisms.
- Recognize the practical application of suktis in communication and daily life.
- Develop an understanding of virtues like silence, knowledge, and perseverance.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| सूक्तियाँ | Good sayings, aphorisms |
| मनीषियों | Wise people, scholars |
| अनुभूत | Experienced |
| कलेवर | Body, form |
| गांभीर्य | Seriousness, depth |
| द्योतित | Indicated, revealed |
| सुभाषित | Well-said sayings, beautiful verses |
| अर्वाचीन | Modern |
| कण्ठस्थ | Memorized |
| वाद-विवाद | Debate |
| प्रभावोत्पादक | Impactful |
| स्वायत्तम् | Self-controlled, independent |
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Practice questions
- सूक्तियों का महत्व क्या है? Answer: सूक्तियाँ समाज के मनीषियों के अनुभवों को प्रकट करती हैं और भाषा की समृद्धि को दर्शाती हैं।
- पाठ में किन कवियों की सूक्तियों को शामिल किया गया है? Answer: पाठ में चाणक्य, भर्तृहरि, विष्णुशर्मा, मंगलदेव शास्त्री, भर्तृनाथ शास्त्री, महाकवि विल्हण जैसे प्राचीन एवं अर्वाचीन कवियों की सूक्तियाँ शामिल हैं।
- मूर्ख व्यक्ति के लिए मौन क्यों विभूषण है? Answer: मूर्ख व्यक्ति के लिए मौन अज्ञानता को छिपाने का एक साधन है, जिससे वह विद्वानों के समाज में अपमानित होने से बच जाता है।
- लक्ष्मी किन व्यक्तियों के पास स्वयं जाती है? Answer: लक्ष्मी उन व्यक्तियों के पास जाती है जो उत्साही, क्रियाशील, व्यसनों से दूर, शूरवीर, कृतज्ञ और दृढ़-सौहार्द वाले होते हैं।
- चाणक्य के अनुसार, एक सुपुत्र का क्या महत्व है? Answer: चाणक्य के अनुसार, एक विद्यायुक्त सुपुत्र ही कुल का उद्धार कर सकता है, जैसे एक चन्द्रमा रात्रि को प्रकाशित करता है।
Practice MCQs
Q1. पाठ 'सूक्ति-सौरभम्' किस भाषा की सूक्तियों का संकलन है?
Explanation: पाठ 'सूक्ति-सौरभम्' संस्कृत भाषा की सूक्तियों का संकलन है।
Q2. भर्तृहरि के अनुसार, अज्ञानी व्यक्ति के लिए क्या विभूषण है?
Explanation: भर्तृहरि के अनुसार, अज्ञानी व्यक्ति के लिए मौन ही अज्ञानता को ढकने वाला आभूषण है।
Q3. किस कवि की सूक्ति में कहा गया है कि विद्या ही वास्तविक रूप है?
Explanation: मंगलदेव शास्त्री की सूक्ति में कहा गया है कि विद्यावानों के लिए विद्या ही वास्तविक रूप है, न कि केवल शारीरिक रूप।
Q4. शठ व्यक्ति को कितने भी सिखाने पर क्या नहीं मिलता?
Explanation: भर्तृनाथ शास्त्री की सूक्ति के अनुसार, शठ व्यक्ति को सहस्रों बार सिखाने पर भी सज्जनता प्राप्त नहीं होती।
Q5. महाकवि विल्हण की सूक्ति में खलों (दुष्टों) की तुलना किससे की गई है?
Explanation: महाकवि विल्हण की सूक्ति में खलों (दुष्टों) की तुलना उस गधे से की गई है जो केलिवन में प्रवेश करके केवल कंटीली झाड़ियों को देखता है।
Q6. विष्णुशर्मा के अनुसार, लक्ष्मी किन गुणों वाले व्यक्ति के पास जाती है?
Explanation: विष्णुशर्मा के अनुसार, लक्ष्मी उत्साही, क्रियाशील, व्यसनों से दूर, शूरवीर, कृतज्ञ और दृढ़-सौहार्द वाले व्यक्ति के पास स्वयं जाती है।
Q7. सूक्तिमुक्तावली के अनुसार, आलसी व्यक्ति का क्या होता है?
Explanation: सूक्तिमुक्तावली के अनुसार, आलसी व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य (वस्तु) क्षण भर में ही विनाश को प्राप्त हो जाता है।
Q8. चाणक्य नीति के अनुसार, एक अकेला क्या कर सकता है?
Explanation: चाणक्य नीति के अनुसार, एक अकेला विद्यायुक्त सुपुत्र ही कुल का उद्धार कर सकता है, जैसे एक चन्द्रमा रात्रि को प्रकाशित करता है।
Frequently asked questions
पाठ 'सूक्ति-सौरभम्' का क्या अर्थ है?
'सूक्ति-सौरभम्' का अर्थ है 'अच्छी उक्तियों का समूह' या 'सुभाषितों का बगीचा', जिसमें विभिन्न कवियों की चुनी हुई सार्थक उक्तियाँ शामिल हैं।
सूक्तियाँ क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती हैं?
सूक्तियाँ संक्षिप्त होने पर भी गहन अर्थ रखती हैं और समाज के मनीषियों के सदियों के अनुभवों को व्यक्त करती हैं, जिससे भाषा और संस्कृति की समृद्धि का पता चलता है।
इस पाठ में किन कवियों की सूक्तियों का समावेश है?
इस पाठ में भर्तृहरि, मंगलदेव शास्त्री, भर्तृनाथ शास्त्री, महाकवि विल्हण, विष्णुशर्मा और चाणक्य जैसे प्राचीन और आधुनिक कवियों की सूक्तियाँ संकलित हैं।
भर्तृहरि के अनुसार, अज्ञानी व्यक्ति के लिए मौन क्यों श्रेष्ठ है?
भर्तृहरि के अनुसार, मौन अज्ञानी व्यक्ति के लिए अज्ञानता को छिपाने का एक आभूषण है, जिससे वह विद्वानों के बीच अपमानित होने से बच जाता है।
विष्णुशर्मा ने लक्ष्मी के आगमन के लिए किन गुणों को आवश्यक बताया है?
विष्णुशर्मा के अनुसार, लक्ष्मी उन व्यक्तियों के पास स्वयं आती है जो उत्साही, क्रियाशील, व्यसनों से दूर रहने वाले, शूरवीर, कृतज्ञ और सच्चे मित्र होते हैं।
छात्रों को सूक्तियों को कंठस्थ करने की सलाह क्यों दी गई है?
सूक्तियों को कंठस्थ करने से छात्रों को वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिताओं और दैनिक व्यवहार में प्रभावोत्पादक ढंग से अपनी बात रखने में सहायता मिलती है।
चाणक्य नीति के अनुसार, एक अकेला व्यक्ति क्या कर सकता है?
चाणक्य नीति के अनुसार, एक अकेला विद्यायुक्त सुपुत्र ही अपने कुल का उद्धार कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे एक चन्द्रमा रात्रि को प्रकाशित करता है।
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NCERT Class 12 Sanskrit — Bhaswati — Chapter 5 — भास्वती. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 10 Aug 2026. Last updated 10 Aug 2026.