NCERT Class 12 Psychology Manovigyan: Chapter 7 — सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम
यह अध्याय, 'सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम', कक्षा 12 मनोविज्ञान के छात्रों के लिए समूह की प्रकृति, प्रकार और निर्माण को समझने पर केंद्रित है। यह बताता है कि कैसे समूह हमारे दैनिक जीवन, सामाजिक अंतःक्रियाओं और व्यक्तिगत विकास को प्रभावित करते हैं। अध्याय समूह की परिभाषा, इसकी प्रमुख विशेषताओं जैसे सामाजिक इकाई, पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएं, स्थिति और प्रत्याशाओं पर प्रकाश डालता है। यह विभिन्न प्रकार के समूहों, जैसे परिवार, कक्षा और खेल समूहों के उदाहरणों के माध्यम से समूह की अवधारणा को स्पष्ट करता है। यह अध्याय छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि वे न केवल समूहों से प्रभावित होते हैं, बल्कि स्वयं भी दूसरों और समाज को बदलने की क्षमता रखते हैं, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Psychology |
| Book | Manovigyan |
| Chapter | Chapter 7 — सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 476 |
Learning outcomes
- समूह की प्रकृति और प्रकारों को समझना।
- समूहों के निर्माण की प्रक्रिया का विश्लेषण करना।
- व्यक्ति के व्यवहार पर समूह के प्रभाव को पहचानना।
- सामाजिक अंतःक्रियाओं में समूह की भूमिका का मूल्यांकन करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अंतःक्रिया | आपसी मेलजोल या व्यवहार |
| समुच्चय | व्यक्तियों का समूह या संग्रह |
| अन्योन्याश्रित | एक दूसरे पर निर्भर |
| परस्पर-निर्भ | एक दूसरे पर निर्भर |
| अभिप्रेरणाएँ | प्रेरणाएँ या उद्देश्य |
| प्रतिमान | मानक या आदर्श |
| सामाजिक इकाई | समाज का एक हिस्सा या अंग |
| अनन्यता | विशिष्टता या पहचान |
| प्रत्याशाएँ | अपेक्षाएँ या उम्मीदें |
| क्रीड़ा-समूह | खेल खेलने वाले लोगों का समूह |
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Practice questions
- समूह को कैसे परिभाषित किया जा सकता है? Answer: समूह को दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक संगठित व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो एक दूसरे से अंतःक्रिया करते हैं, परस्पर निर्भर होते हैं, जिनकी समान अभिप्रेरणाएँ होती हैं, सदस्यों के बीच निर्धारित भूमिका संबंध होता है और व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए मानक होते हैं।
- समूह की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? Answer: समूह की प्रमुख विशेषताएँ हैं: सामाजिक इकाई, पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएँ, हैसियत या स्थिति, और एक दूसरे से प्रत्याशाएँ।
- परिवार, कक्षा और क्रीड़ा-समूह को समूह क्यों माना जाता है? Answer: क्योंकि इनमें पारस्परिक निर्भरता होती है, सभी सदस्यों की एक भूमिका होती है, हैसियत या स्थिति होती है और एक दूसरे से प्रत्याशाएँ होती हैं।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी समूह की विशेषता नहीं है?
Explanation: समूह में सदस्यों के बीच एक निर्धारित भूमिका संबंध और पारस्परिक निर्भरता होती है, न कि केवल अस्थायी उपस्थिति।
Q2. एक समूह को परिभाषित करने के लिए कम से कम कितने व्यक्ति आवश्यक हैं?
Explanation: एक समूह को परिभाषित करने के लिए कम से कम दो या दो से अधिक व्यक्तियों की आवश्यकता होती है।
Q3. कक्षा को किस प्रकार के समूह का उदाहरण माना जा सकता है?
Explanation: कक्षा को एक ऐसे समूह के रूप में देखा जा सकता है जहाँ सदस्यों के बीच घनिष्ठता और पारस्परिक निर्भरता होती है, जो प्राथमिक समूह की विशेषता है।
Q4. वे लोग जो किसी समारोह में क्रिकेट देखने के लिए एकत्रित हुए हैं, वे समूह क्यों नहीं हैं?
Explanation: सिर्फ एक स्थान पर उपस्थित होने से समूह नहीं बनता; समूह के लिए पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएँ और प्रत्याशाएँ आवश्यक हैं।
Frequently asked questions
मनोविज्ञान में 'समूह' का क्या अर्थ है?
मनोविज्ञान में, समूह को दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक संगठित व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक दूसरे से अंतःक्रिया करते हैं, परस्पर निर्भर होते हैं, जिनकी समान अभिप्रेरणाएँ होती हैं, सदस्यों के बीच निर्धारित भूमिका संबंध होता है और व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए मानक होते हैं।
समूह की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
समूह की मुख्य विशेषताएँ हैं: सामाजिक इकाई, पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएँ, हैसियत या स्थिति, और एक दूसरे से प्रत्याशाएँ।
क्या केवल एक स्थान पर उपस्थित लोग समूह बनाते हैं?
नहीं, केवल एक स्थान पर उपस्थित लोग समूह नहीं बनाते हैं। समूह के लिए पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएँ और एक दूसरे से प्रत्याशाएँ आवश्यक हैं।
कक्षा, परिवार और क्रीड़ा-समूह को समूह क्यों कहा जाता है?
इनको समूह इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनमें सदस्यों के बीच पारस्परिक निर्भरता, परिभाषित भूमिकाएँ, हैसियत और एक दूसरे से प्रत्याशाएँ होती हैं।
यह अध्याय छात्रों को क्या समझने में मदद करता है?
यह अध्याय छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि समूह क्या हैं, वे कैसे बनते हैं, और वे हमारे व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं। यह यह भी बताता है कि व्यक्ति स्वयं दूसरों को कैसे प्रभावित कर सकता है।
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NCERT Class 12 Psychology — Manovigyan — Chapter 7 — सामाजिक प्रभाव एवं समूह प्रक्रम. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.