NCERT Class 12 Psychology Manovigyan: Chapter 5 — चिकित्सा उपागम
यह अध्याय, 'चिकित्सा उपागम', मनश्चिकित्सा की मूल प्रवृत्तियों और प्रक्रियाओं का परिचय देता है। यह बताता है कि विभिन्न प्रकार की चिकित्साएँ लोगों की सहायता कैसे करती हैं, अंतःक्षेप के मनोवैज्ञानिक रूपों का उपयोग कैसे किया जाता है, और मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को कैसे पुन:स्थापित किया जा सकता है। अध्याय में मनश्चिकित्सा की प्रकृति, प्रक्रिया, और विभिन्न उपागमों पर चर्चा की गई है, जिसमें चिकित्सक और रोगी के बीच चिकित्सीय संबंध का महत्व भी शामिल है। यह विभिन्न चिकित्साओं के उद्देश्यों जैसे संवेगात्मक दबाव को कम करना, आदतों में संशोधन करना, और आत्म-जागरूकता बढ़ाना पर प्रकाश डालता है। यह अध्याय छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में विभिन्न उपचार विधियों की समझ विकसित करने और CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Psychology |
| Book | Manovigyan |
| Chapter | Chapter 5 — चिकित्सा उपागम |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 558 |
Learning outcomes
- मनश्चिकित्सा की मूल प्रवृत्तियों और प्रक्रियाओं को समझना।
- विभिन्न प्रकार की चिकित्साओं की उपयोगिता का मूल्यांकन करना।
- मनोवैज्ञानिक अंतःक्षेपों के उपयोग को समझना।
- मानसिक विकारों से ग्रस्त व्यक्तियों के पुन:स्थापन की विधियों को जानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| मनश्चिकित्सा | मानसिक विकारों के उपचार की एक विधि। |
| उपागम | दृष्टिकोण या विधि। |
| अंतःक्षेप | किसी समस्या के समाधान के लिए हस्तक्षेप। |
| पुन:स्थापन | समाज में पुनः एकीकृत करना। |
| चिकित्सीय संबंध | चिकित्सक और रोगी के बीच विश्वासपूर्ण संबंध। |
| सेवार्थी | वह व्यक्ति जो चिकित्सा या सहायता प्राप्त करता है। |
| आत्म-अवगाहन | स्वयं को समझने की क्षमता। |
| क्रिया-अभिविन्यस्त | व्यवहार पर केंद्रित। |
| मनोगतिक | मनोविश्लेषण से संबंधित। |
| व्यक्ति-केंद्रित | रोगी की भावनाओं और अनुभवों पर केंद्रित। |
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Practice questions
- मनश्चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य क्या है? Answer: मनश्चिकित्सा का उद्देश्य दुरनुवूफलक व्यवहारों को बदलना, वैयक्तिक कष्ट की भावना को कम करना तथा रोगी को अपने पर्यावरण से बेहतर ढंग से अनुवूफलन करने में मदद करना है।
- चिकित्सीय संबंध की प्रकृति कैसी होती है? Answer: चिकित्सीय संबंध गोपनीय, अंतर्वैयक्तिक एवं गत्यात्मक होता है।
- मनश्चिकित्सा के कुछ सामान्य उद्देश्य बताइए। Answer: सेवार्थी के सुधार के संकल्प को प्रबलित करना, संवेगात्मक दबाव को कम करना, सकारात्मक विकास के लिए संभाव्यताओं को प्रकट करना, आदतों में संशोधान करना, चिंतन के प्रतिरूपों में पर्रिन करना, आत्म-जागरूकता को बढ़ाना।
Practice MCQs
Q1. मनश्चिकित्सा का उद्देश्य क्या नहीं है?
Explanation: मनश्चिकित्सा का उद्देश्य रोगी को उसके पर्यावरण से बेहतर ढंग से अनुवूफलन करने में मदद करना है, न कि सामाजिक बहिष्कार को बढ़ाना।
Q2. चिकित्सक और रोगी के बीच के संबंध को क्या कहा जाता है?
Explanation: चिकित्सक और रोगी के बीच के विशेष संबंध को चिकित्सात्मक संबंध या चिकित्सात्मक मैत्राी कहा जाता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा मनश्चिकित्सा का एक सामान्य उद्देश्य है?
Explanation: मनश्चिकित्सा का एक उद्देश्य चिंतन के प्रतिरूपों में परिवर्तन करना है।
Q4. मनश्चिकित्सा में कौन सा व्यक्ति मुख्य ध्यान का केंद्र होता है?
Explanation: चिकित्सात्मक प्रक्रिया में रोगी या सेवार्थी ही ध्यान का मुख्य केंद्र होता है।
Q5. मनश्चिकित्सा की प्रकृति कैसी होती है?
Explanation: सभी चिकित्सा उपागमों की प्रकृति सहायता करने वाली और सुधार करने वाली होती है।
Frequently asked questions
मनश्चिकित्सा क्या है?
मनश्चिकित्सा उपचार चाहने वाले (सेवार्थी) और उपचार करने वाले (चिकित्सक) के बीच एक ऐच्छिक संबंध है, जिसका उद्देश्य सेवार्थी की मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान करना होता है।
चिकित्सात्मक संबंध का क्या महत्व है?
चिकित्सात्मक संबंध एक गोपनीय, अंतर्वैयक्तिक एवं गत्यात्मक संबंध होता है जो किसी भी मनोवैज्ञानिक चिकित्सा का केंद्र होता है और परिणाम का माध्यम बनता है।
मनश्चिकित्सा के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
इसके मुख्य उद्देश्यों में सेवार्थी के सुधार के संकल्प को प्रबलित करना, संवेगात्मक दबाव को कम करना, सकारात्मक विकास की संभावनाओं को प्रकट करना, आदतों और चिंतन के प्रतिरूपों में संशोधन करना, और आत्म-जागरूकता बढ़ाना शामिल है।
क्या कोई भी व्यक्ति मनश्चिकित्सा कर सकता है?
नहीं, केवल वे व्यक्ति जिन्होंने पर्यवेक्षण में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, वे ही मनश्चिकित्सा कर सकते हैं। एक अप्रशिक्षित व्यक्ति अनजाने में हानि पहुँचा सकता है।
मनश्चिकित्सा उपागमों में कौन से अभिलक्षण पाए जाते हैं?
इनमें चिकित्सा सिद्धांतों का व्यवस्थित अनुप्रयोग, प्रशिक्षित चिकित्सक, एक चिकित्सक और एक सेवार्थी का होना, और दोनों का आत्म-जागरूक तरीके से संबंधित होना शामिल है।
मनश्चिकित्सा का अंतिम लक्ष्य क्या है?
मनश्चिकित्सा का लक्ष्य दुरनुवूफलक व्यवहारों को बदलना, कष्ट को कम करना, और व्यक्ति को अपने पर्यावरण से बेहतर ढंग से अनुवूफलन करने में मदद करना है।
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NCERT Class 12 Psychology — Manovigyan — Chapter 5 — चिकित्सा उपागम. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.