NCERT Class 12 Psychology Manovigyan: Chapter 3 — जीवन की चुनौतियों का सामना

NCERT CBSE Class 12 Psychology Manovigyan Chapter 3 Hindi PDF

यह अध्याय, 'जीवन की चुनौतियों का सामना', मनोविज्ञान की कक्षा 12 की पुस्तक 'मनोविज्ञान' का तीसरा अध्याय है। यह छात्रों को दबाव की प्रकृति, प्रकार और स्रोतों को जीवन की चुनौतियों के रूप में समझने में मदद करता है। अध्याय मनोवैज्ञानिक कार्यों पर दबाव के प्रभाव की व्याख्या करता है और दबाव का सामना करने के प्रभावी तरीके सिखाता है। यह उन जीवन कौशलों पर भी प्रकाश डालता है जो लोगों को स्वस्थ रहने में सहायता करते हैं, और उन कारकों की पड़ताल करता है जो सकारात्मक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देते हैं। राज के परीक्षा के तनाव के उदाहरण से शुरू होकर, यह अध्याय बताता है कि कैसे विभिन्न जीवन परिस्थितियाँ चुनौतियाँ और दबाव उत्पन्न कर सकती हैं, और लोग इनसे कैसे निपटते हैं। यह दबाव प्रबंधन तकनीकों और सकारात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectPsychology
BookManovigyan
ChapterChapter 3 — जीवन की चुनौतियों का सामना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count634

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
दबावStress
चुनौतीChallenge
मनोवैज्ञानिकPsychological
स्वास्थ्यHealth
कल्याणWell-being
जीवन कौशलLife skills
प्रबंधनManagement
सामान्य अनुकू लन संलक्षणGeneral Adaptation Syndrome
प्रतिरक्षक तंत्रImmune system
जीवन शैलीLifestyle

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. दबाव को जीवन की चुनौती के रूप में कैसे समझा जा सकता है? Answer: दबाव तब उत्पन्न होता है जब व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिन्हें वह अपने संसाधनों से अधिक मानता है, जिससे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाएँ होती हैं।
  2. राज के उदाहरण से दबाव के क्या लक्षण दिखाई देते हैं? Answer: राज के उदाहरण में नींद न आना, एकाग्रता में कमी, चिंता, अपराध बोध, हृदय गति का तेज होना, पसीने आना और मन का खाली हो जाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
  3. क्या सभी जीवन चुनौतियाँ दबाव उत्पन्न करती हैं? Answer: नहीं, सभी जीवन चुनौतियाँ अनिर्वाय रूप से दबाव उत्पन्न करने वाली नहीं होती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति उस चुनौती का अवलोकन किस प्रकार करता है।
  4. दबाव के सकारात्मक प्रभाव क्या हो सकते हैं? Answer: दबाव ऊर्जा प्रदान कर सकता है, मानव भाव-प्रबोधन में वृद्धि कर सकता है और निष्पादन को प्रभावित कर सकता है, जिससे व्यक्ति बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा दबाव का एक लक्षण नहीं है?

Q2. अध्याय के अनुसार, दबाव का ठीक से प्रबंधन करने से क्या होता है?

Q3. राज अपनी अंतिम परीक्षा के लिए अध्ययन करते समय किस प्रकार के विचारों से जूझ रहा था?

Q4. जीवन की चुनौतियाँ हमेशा क्या उत्पन्न करती हैं?

Q5. क्रिकेट में ग्यारहवें नंबर का बल्लेबाज किस प्रकार की चुनौती का अवलोकन करेगा?

Frequently asked questions

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय जीवन की चुनौतियों, दबाव की प्रकृति, प्रकार, स्रोतों, मनोवैज्ञानिक कार्यों पर इसके प्रभाव, दबाव का सामना करने के तरीकों और सकारात्मक स्वास्थ्य व कल्याण को बढ़ावा देने वाले कारकों के बारे में है।

दबाव को जीवन की चुनौती के रूप में कैसे समझा जा सकता है?

जब व्यक्ति को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिन्हें वह अपने संसाधनों से अधिक मानता है, तो वे चुनौतियाँ दबाव उत्पन्न करती हैं।

क्या दबाव हमेशा नकारात्मक होता है?

नहीं, दबाव ऊर्जा प्रदान कर सकता है और निष्पादन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अत्यधिक दबाव हानिकारक हो सकता है।

इस अध्याय से छात्र क्या सीख सकते हैं?

छात्र दबाव का सामना करने के तरीके, स्वस्थ रहने के लिए जीवन कौशल और सकारात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले कारकों के बारे में सीख सकते हैं।

राज के उदाहरण से क्या पता चलता है?

राज के उदाहरण से परीक्षा के तनाव के कारण होने वाले शारीरिक और मनोवैज्ञानिक लक्षणों का पता चलता है।

सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशल क्षेम को उन्नत करने के लिए क्या महत्वपूर्ण है?

दबाव का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करना और जीवन कौशल विकसित करना सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशल क्षेम को उन्नत करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Related resources

Important topics

दबाव की प्रकृति, प्रकार एवं स्रोत मनोवैज्ञानिक प्रकार्यों पर दबाव का प्रभाव दबाव का सामना करने के तरीके जीवन कौशल सकारात्मक स्वास्थ्य तथा कुशल क्षेम का उन्नयन

Topics covered

दबाव की प्रकृति, प्रकार एवं स्रोत मनोवैज्ञानिक प्रकार्यों पर दबाव का प्रभाव दबाव का सामना करने के तरीके जीवन कौशल सकारात्मक स्वास्थ्य तथा कुशल क्षेम का उन्नयन सामान्य अनुकू लन संलक्षण दबाव तथा प्रतिरक्षक तंत्र जीवन शैली दबाव प्रबंधान तकनीवेंफ स्थिति स्थापन तथा स्वास्थ्य

NCERT Class 12 Psychology — Manovigyan — Chapter 3 — जीवन की चुनौतियों का सामना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.