NCERT Class 12 Political Science Swatantra Bharat Mein Rajniti-II: Chapter 3 — नियोजित विकास की राजनीति

NCERT CBSE Class 12 Political Science Swatantra Bharat Mein Rajniti-II Chapter 3 Hindi PDF

यह अध्याय स्वतंत्र भारत के नेताओं द्वारा सामना की गई आर्थिक विकास की चुनौती पर केंद्रित है। पिछले दो अध्यायों में राष्ट्र-निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना पर चर्चा के बाद, यह अध्याय आर्थिक विकास के लिए लिए गए राजनीतिक निर्णयों की पड़ताल करता है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं की भूमिका, विकास को लेकर प्रमुख बहसें, शुरुआती दो दशकों में अपनाई गई रणनीतियाँ, उनकी उपलब्धियाँ और सीमाएँ, और बाद में इस रणनीति को क्यों छोड़ा गया, जैसे विषयों को शामिल किया गया है। अध्याय उड़ीसा में पोस्को इस्पात संयंत्र के उदाहरण के माध्यम से विकास से जुड़े विभिन्न हितों, जैसे कि स्थानीय समुदायों, पर्यावरणविदों और केंद्र सरकार के बीच टकराव को भी दर्शाता है। यह इस बात पर जोर देता है कि ऐसे निर्णय जनता द्वारा या उनके प्रतिनिधियों द्वारा लिए जाने चाहिए, जो विभिन्न सामाजिक समूहों और पीढ़ियों के हितों को संतुलित कर सकें।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectPolitical Science
BookSwatantra Bharat Mein Rajniti-II
ChapterChapter 3 — नियोजित विकास की राजनीति
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count746

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
राष्ट्र-निर्माणएक राष्ट्र की पहचान और एकता को स्थापित करने की प्रक्रिया।
लोकतंत्रशासन का एक रूप जिसमें सत्ता लोगों के पास होती है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचित प्रतिनिधि प्रणाली के माध्यम से प्रयोग की जाती है।
आर्थिक विकासकिसी देश की अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन में वृद्धि।
सार्वजनिक क्षेत्रसरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाले उद्योग और सेवाएँ।
परियोजनाएँबड़े पैमाने पर योजनाएँ, विशेष रूप से निर्माण या विकास से संबंधित।
सहमति-पत्रदो या दो से अधिक पक्षों के बीच एक औपचारिक समझौता।
निवेशपूंजी या धन का किसी व्यवसाय या परियोजना में लाभ कमाने के उद्देश्य से उपयोग।
रोजगारकाम या आजीविका का अवसर।
विस्थापितअपने घर या क्षेत्र से जबरन हटा दिया जाना।
पर्यावरणविदपर्यावरण संरक्षण के समर्थक।
खननपृथ्वी से खनिजों और अन्य मूल्यवान पदार्थों को निकालने की प्रक्रिया।
राजनीतिक टकरावविभिन्न राजनीतिक विचारों या हितों के बीच संघर्ष।

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Practice questions

  1. स्वतंत्र भारत के नेताओं के सामने तीसरी प्रमुख चुनौती कौन सी थी? Answer: आर्थिक विकास की चुनौती, ताकि सबकी भलाई सुनिश्चित की जा सके।
  2. पोस्को संयंत्र के विरोध में स्थानीय आदिवासी समुदायों की मुख्य चिंता क्या थी? Answer: अपने घर-बार से विस्थापन और आजीविका छिन जाने का डर।
  3. पोस्को परियोजना के संबंध में पर्यावरणविदों की क्या चिंता थी? Answer: खनन और उद्योग से पर्यावरण प्रदूषण का भय।
  4. अध्याय के अनुसार, विकास से जुड़े फैसलों में अंतिम निर्णय किसका होना चाहिए? Answer: जन-प्रतिनिधियों का, क्योंकि वे जनता की भावनाओं को समझते हैं।

Practice MCQs

Q1. स्वतंत्र भारत के नेताओं के सामने राष्ट्र-निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना के बाद तीसरी प्रमुख चुनौती कौन सी थी?

Q2. उड़ीसा में पोस्को इस्पात संयंत्र के प्रस्ताव के संबंध में केंद्र सरकार की क्या चिंता थी?

Q3. पोस्को-इंडिया इस्पात संयंत्र के विरोध का आयोजन किन संगठनों ने किया था?

Q4. विकास से जुड़े फैसलों में किसे अंतिम निर्णय लेना चाहिए, जैसा कि अध्याय में सुझाया गया है?

Q5. उड़ीसा में लौह-अयस्क के भंडार मुख्य रूप से किन जिलों में हैं?

Frequently asked questions

स्वतंत्र भारत के नेताओं के सामने राष्ट्र-निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना के बाद कौन सी प्रमुख चुनौती थी?

स्वतंत्र भारत के नेताओं के सामने राष्ट्र-निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना के बाद तीसरी प्रमुख चुनौती आर्थिक विकास की थी, ताकि सबकी भलाई सुनिश्चित की जा सके।

उड़ीसा में पोस्को इस्पात संयंत्र के प्रस्ताव से किन समूहों को चिंता थी और क्यों?

स्थानीय आदिवासी समुदायों को विस्थापन और आजीविका छिन जाने का डर था। पर्यावरणविदों को खनन और उद्योग से पर्यावरण प्रदूषण का भय था।

पोस्को परियोजना के संबंध में केंद्र सरकार का क्या दृष्टिकोण था?

केंद्र सरकार का मानना था कि यदि उद्योग लगाने की अनुमति नहीं दी गई, तो इससे एक बुरी मिसाल कायम होगी और देश में पूंजी निवेश को बाधा पहुंचेगी।

अध्याय के अनुसार, विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय किसे लेने चाहिए?

अध्याय के अनुसार, ऐसे निर्णय जन-प्रतिनिधियों द्वारा लिए जाने चाहिए क्योंकि वे जनता की भावनाओं को समझते हैं और उन्हें विभिन्न सामाजिक समूहों के हितों को संतुलित करना होता है।

विकास की बहस में किन पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखना पड़ता है?

विकास की बहस में मौजूदा पीढ़ी के हितों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के हितों को भी लाभ-हानि की तुला पर मापना पड़ता है।

पोस्को विरोध प्रदर्शन का आयोजन किन संगठनों ने किया था?

पोस्को विरोध प्रदर्शन का आयोजन राष्ट्रीय युवा संगठन और नवनिर्माण समिति ने किया था।

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Important topics

आर्थिक विकास की चुनौती और रणनीतियाँ पोस्को संयंत्र मामला: विकास बनाम हित सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका विकास से जुड़े राजनीतिक निर्णय हितों का टकराव और संतुलन

Topics covered

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NCERT Class 12 Political Science — Swatantra Bharat Mein Rajniti-II — Chapter 3 — नियोजित विकास की राजनीति. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.