NCERT Class 12 Physics Bhautiki-II: Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
यह अध्याय, चालक इलेक्ट्राॅनिकी की दुनिया का परिचय देता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक परिपथों के मूलभूत निर्माण खंडों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह निर्वात नलिकाओं (जैसे डायोड, ट्रायोड) से लेकर आधुनिक ठोस-अवस्था अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी तक के विकास का वर्णन करता है। अध्याय धातुओं, अर्धचालकों और विद्युतरोधी पदार्थों के वर्गीकरण को उनकी चालकता के आधार पर समझाता है, जिसमें सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) जैसे तात्विक अर्धचालकों और विभिन्न यौगिक अर्धचालकों का उल्लेख है। यह अर्धचालक युक्तियों के लाभों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि उनका छोटा आकार, कम बिजली की खपत और उच्च विश्वसनीयता, जो उन्हें निर्वात नलिकाओं की तुलना में बेहतर बनाते हैं। यह अध्याय छात्रों को अर्धचालक भौतिकी की मूल अवधारणाओं और जंक्शन डायोड और ट्रांजिस्टर जैसी युक्तियों को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-II |
| Chapter | Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 757 |
Learning outcomes
- निर्वात नलिकाओं और अर्धचालक युक्तियों के बीच अंतर को समझना।
- चालकता के आधार पर ठोस पदार्थों (धातु, अर्धचालक, विद्युतरोधी) का वर्गीकरण करना।
- तात्विक और यौगिक अर्धचालकों के उदाहरणों को पहचानना।
- अर्धचालक युक्तियों के लाभों को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| निर्वात नलिका | Vacuum tube |
| ट्रांजिस्टर | Transistor |
| अर्धचालक | Semiconductor |
| ठोस-अवस्था | Solid-state |
| चालकता | Conductivity |
| प्रतिरोधाकता | Resistivity |
| जंक्शन डायोड | Junction diode |
| द्विध्रुवीय संधि ट्रांजिस्टर | Bipolar junction transistor |
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Practice questions
- निर्वात नलिकाओं की तुलना में अर्धचालक युक्तियों के क्या लाभ हैं? Answer: अर्धचालक युक्तियाँ आकार में छोटी होती हैं, कम शक्ति का उपभोग करती हैं, कम वोल्टता पर काम करती हैं, इनका जीवन लंबा होता है और इनकी विश्वसनीयता अच्छी होती है।
- चालकता के आधार पर ठोस पदार्थों का वर्गीकरण कैसे किया जाता है? Answer: चालकता के आधार पर ठोस पदार्थों को धातुओं (बहुत कम प्रतिरोधकता), अर्धचालकों (मध्यम प्रतिरोधकता) और विद्युतरोधी (बहुत अधिक प्रतिरोधकता) में वर्गीकृत किया जाता है।
- दो तात्विक अर्धचालकों के नाम बताइए। Answer: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge)।
Practice MCQs
Q1. ट्रांजिस्टर की खोज से पहले इलेक्ट्रॉनिक परिपथों में मुख्य रूप से किन युक्तियों का उपयोग किया जाता था?
Explanation: सन 1948 में ट्रांजिस्टर की खोज से पहले, निर्वात नलिकाएँ (जैसे डायोड, ट्रायोड) इलेक्ट्रॉनिक परिपथों की मूलभूत रचना खंड थीं।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा अर्धचालक युक्तियों का लाभ नहीं है?
Explanation: अर्धचालक युक्तियाँ अपने छोटे आकार के लिए जानी जाती हैं, न कि बड़े आकार के लिए।
Q3. धातुओं की प्रतिरोधकता का कोटि मान सामान्यतः कितना होता है?
Explanation: धातुओं की प्रतिरोधकता बहुत कम होती है, सामान्यतः 10⁻² से 10⁻⁸ Ω m की कोटि में।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा एक यौगिक अर्धचालक का उदाहरण है?
Explanation: GaAs (गैलियम आर्सेनाइड) एक यौगिक अर्धचालक का उदाहरण है, जबकि Si और Ge तात्विक अर्धचालक हैं।
Frequently asked questions
चालक इलेक्ट्राॅनिकी क्या है?
चालक इलेक्ट्राॅनिकी उन युक्तियों और परिपथों का अध्ययन है जिनमें इलेक्ट्रॉनों का नियंत्रित प्रवाह होता है, जो मुख्य रूप से अर्धचालक पदार्थों पर आधारित होते हैं।
निर्वात नलिकाएँ क्या थीं और उनकी मुख्य सीमाएँ क्या थीं?
निर्वात नलिकाएँ ट्रांजिस्टर से पहले उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ थीं, जिनमें निर्वात में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह होता था। इनकी सीमाएँ थीं - बड़ा आकार, अधिक बिजली की खपत, उच्च प्रचालन वोल्टता, कम जीवनकाल और कम विश्वसनीयता।
अर्धचालक क्या होते हैं?
अर्धचालक ऐसे पदार्थ होते हैं जिनकी विद्युत चालकता धातुओं और विद्युतरोधी पदार्थों के बीच की होती है। इनकी चालकता को नियंत्रित किया जा सकता है।
ठोस पदार्थों को उनकी चालकता के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
ठोस पदार्थों को उनकी चालकता के आधार पर धातुओं (उच्च चालकता), अर्धचालकों (मध्यम चालकता) और विद्युतरोधी (निम्न चालकता) में वर्गीकृत किया जाता है।
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिकी में अर्धचालक युक्तियों का क्या महत्व है?
अर्धचालक युक्तियाँ आधुनिक इलेक्ट्रॉनिकी का आधार हैं क्योंकि वे छोटी, कुशल, विश्वसनीय और कम लागत वाली होती हैं, जिससे स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण संभव होता है।
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NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-II — Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.