NCERT Class 12 Physics Bhautiki-I: Chapter 4 — 4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व
यह अध्याय, NCERT कक्षा 12 भौतिकी, Bhautiki-I, अध्याय 4, 'गतिमान आवेश और चुंबकत्व' पर केंद्रित है। यह विद्युत और चुंबकत्व के बीच ऐतिहासिक संबंध की पड़ताल करता है, जो हैंस क्रिश्चियन आॅसर्टेड की 1820 की खोज से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने देखा कि विद्युत धारा चुंबकीय सुई में विक्षेप उत्पन्न करती है। अध्याय बताता है कि गतिमान आवेश (विद्युत धारा) अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं, जैसा कि लौह चूर्ण के कणों के संकेंद्रित वृत्तों में व्यवस्थित होने से प्रदर्शित होता है। यह अध्याय आवेशित कणों और धाराओं पर चुंबकीय क्षेत्र के बल, साइक्लोट्रॉन में कणों के त्वरण, और गैल्वेनोमीटर के उपयोग जैसे विषयों पर प्रकाश डालता है। यह CBSE पाठ्यक्रम के लिए विद्युत चुंबकत्व की गहरी समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 4 — 4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 745 |
Learning outcomes
- विद्युत धारा और चुंबकीय क्षेत्र के बीच संबंध को समझना।
- चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आवेशित कणों पर लगाए गए बल का विश्लेषण करना।
- विद्युत चुम्बकीय तरंगों के उत्पादन और गुणों को जानना।
- साइक्लोट्रॉन और गैल्वेनोमीटर जैसे उपकरणों के कार्य सिद्धांत को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| विद्युत धारा | आवेशों का प्रवाह |
| चुंबकीय क्षेत्र | वह क्षेत्र जहाँ चुंबकीय प्रभाव महसूस किया जा सकता है |
| चुंबकीय सुई | चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताने वाला उपकरण |
| विक्षेप | अपनी सामान्य स्थिति से हटना |
| अभिलंबवत | लंबवत |
| संकेंद्रित वृत्त | एक ही केंद्र वाले वृत्त |
| विद्युत चुम्बकीय तरंगें | विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों से बनी तरंगें |
| साइक्लोट्रॉन | कणों को त्वरित करने वाला उपकरण |
| गैल्वेनोमीटर | विद्युत धारा मापने वाला उपकरण |
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Practice questions
- आॅसर्टेड ने अपने प्रयोग में क्या देखा? Answer: आॅसर्टेड ने देखा कि जब एक सीधे तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो पास रखी चुंबकीय सुई में विक्षेप उत्पन्न होता है।
- गतिमान आवेश अपने चारों ओर क्या उत्पन्न करते हैं? Answer: गतिमान आवेश (विद्युत धारा) अपने चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।
- चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को दर्शाने के लिए किन प्रतीकों का प्रयोग किया जाता है? Answer: कागश के तल से बाहर की ओर जाने वाली धारा या क्षेत्र को बिंदु (¤) द्वारा और तल के भीतर की ओर जाने वाली धारा या क्षेत्र को क्रॉस (⊗) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Practice MCQs
Q1. 1820 में किसने विद्युत धारा और चुंबकत्व के बीच संबंध का अनुभव किया?
Explanation: हैंस क्रिश्चियन आॅसर्टेड ने 1820 में यह अनुभव किया कि विद्युत धारा चुंबकीय सुई में विक्षेप उत्पन्न करती है, जिससे विद्युत और चुंबकत्व के बीच संबंध स्थापित हुआ।
Q2. एक सीधे धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएँ कैसी होती हैं?
Explanation: आॅसर्टेड के प्रयोगों से पता चला कि तार के चारों ओर लौह चूर्ण कण संकेंद्रित वृत्तों में व्यवस्थित हो जाते हैं, जो चुंबकीय क्षेत्र की रेखाओं को दर्शाते हैं।
Q3. कागश के तल से बाहर की ओर जाने वाली विद्युत धारा को किस प्रतीक से दर्शाया जाता है?
Explanation: पाठ्यपुस्तक के अनुसार, कागश के तल से बाहर की ओर जाने वाली विद्युत धारा या क्षेत्र को एक बिंदु (¤) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Q4. जेम्स मैक्सवेल ने 1864 में क्या एकीकृत किया?
Explanation: जेम्स मैक्सवेल ने 1864 में विद्युत और चुंबकत्व के ज्ञात नियमों को एकीकृत करके नए नियम बनाए और यह सिद्ध किया कि प्रकाश विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं।
Q5. साइक्लोट्रॉन का उपयोग किस लिए किया जाता है?
Explanation: अध्याय में बताया गया है कि साइक्लोट्रॉन एक ऐसी युक्ति है जिसका उपयोग कणों को अति उच्च ऊर्जाओं तक त्वरित करने के लिए किया जाता है।
Frequently asked questions
विद्युत और चुंबकत्व के बीच संबंध की खोज किसने की?
विद्युत और चुंबकत्व के बीच संबंध की खोज हैंस क्रिश्चियन आॅसर्टेड ने 1820 में की थी, जब उन्होंने देखा कि विद्युत धारा चुंबकीय सुई में विक्षेप उत्पन्न करती है।
चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को दर्शाने के लिए किन प्रतीकों का उपयोग किया जाता है?
कागश के तल से बाहर की ओर जाने वाली धारा या क्षेत्र को एक बिंदु (¤) द्वारा और तल के भीतर की ओर जाने वाली धारा या क्षेत्र को एक क्रॉस (⊗) द्वारा दर्शाया जाता है।
आॅसर्टेड के प्रयोग से क्या निष्कर्ष निकला?
आॅसर्टेड के प्रयोग से यह निष्कर्ष निकला कि गतिमान आवेश (अर्थात विद्युत धारा) अपने चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।
विद्युत चुम्बकीय तरंगें क्या हैं?
विद्युत चुम्बकीय तरंगें वे तरंगें हैं जो विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के दोलन से उत्पन्न होती हैं, और प्रकाश भी एक प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
साइक्लोट्रॉन का मुख्य कार्य क्या है?
साइक्लोट्रॉन का मुख्य कार्य आवेशित कणों को बहुत उच्च ऊर्जा तक त्वरित करना है।
अध्याय 4 में किस प्रकार की धाराओं का अध्ययन किया जाएगा?
इस अध्याय में मुख्य रूप से गतिमान आवेशों (विद्युत धाराओं) द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्रों और उन पर लगने वाले बलों का अध्ययन किया जाएगा।
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NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-I — Chapter 4 — 4. गतिमान आवेश और चुंबकत्व. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.