NCERT Class 12 History Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-III: Chapter 1 — उपनिवेशवाद और देहात

NCERT CBSE Class 12 History Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-III Chapter 1 Hindi PDF

यह अध्याय बताता है कि औपनिवेशिक शासन देहात में रहने वाले लोगों के लिए कैसा था। इसमें बंगाल के जमींदारों, राजमहल की पहाड़ियों के पहाड़िया और संथाल लोगों, और दक्कन के लोगों के जीवन का वर्णन है। अध्याय बताता है कि ईस्ट इंडिया कंपनी ने देहात में अपना शासन कैसे स्थापित किया, राजस्व नीतियां कैसे लागू कीं, और इन नीतियों का विभिन्न वर्गों पर क्या प्रभाव पड़ा। यह भी बताया गया है कि लोग कानूनों का पालन करते हुए भी अन्यायपूर्ण कानूनों का विरोध कैसे करते थे। अध्याय सरकारी अभिलेखों, सर्वेक्षणों, यात्रा वृत्तांतों और जांच आयोगों की रिपोर्टों जैसे स्रोतों पर भी प्रकाश डालता है। यह अध्याय छात्रों को औपनिवेशिक काल के ग्रामीण समाज और ब्रिटिश नीतियों के प्रभावों को समझने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectHistory
BookBharatiya Itihas ke kuchh Vishay-III
ChapterChapter 1 — उपनिवेशवाद और देहात उपनिवेशवाद और देहात उपनिवेशवाद और देहात उपनिवेशवाद और देहात उपनिवेशवाद और देहात
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time5 minutes
Word count950

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
औपनिवेशिककिसी देश पर दूसरे देश द्वारा शासन स्थापित करना।
देहातगाँव या ग्रामीण क्षेत्र।
जमींदारभूमि का मालिक या भू-राजस्व एकत्र करने वाला अधिकारी।
राजस्वसरकार द्वारा लिया जाने वाला कर या आय।
इस्तमरारी बंदोबस्तस्थायी बंदोबस्त, जिसमें जमींदारों से निश्चित राजस्व राशि तय की जाती थी।
नीलामीसार्वजनिक रूप से वस्तुओं या संपत्तियों को सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को बेचना।
महालसंपत्ति या भू-संपदा।
सर्वेक्षणकिसी क्षेत्र का विस्तृत जांच या मापन।

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. इस्तमरारी बंदोबस्त का मुख्य उद्देश्य क्या था? Answer: ब्रिटिश अधिकारियों का मानना था कि इससे बंगाल की ग्रामीण अव्यवस्था को ठीक किया जा सकेगा और कृषि, व्यापार व राजस्व में वृद्धि होगी।
  2. 1797 में ज़मीं की नीलामी में क्या अजीब बात देखी गई? Answer: नीलामी में खरीदार अक्सर राजा के ही नौकर या एजेंट थे, जिन्होंने राजा की ओर से ही ज़मीनों को खरीदा था, जिससे ज़मींदारी का नियंत्रण राजा के हाथों में ही रहा।
  3. अठारहवीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में ग्रामीण बंगाल की क्या स्थिति थी? Answer: बार-बार अकाल पड़ रहे थे और खेती की पैदावार घट रही थी, जिससे ग्रामीण अव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही थी।

Practice MCQs

Q1. यह अध्याय मुख्य रूप से किस क्षेत्र के ग्रामीण जीवन पर केंद्रित है?

Q2. इस्तमरारी बंदोबस्त कब लागू किया गया था?

Q3. नीलामी में ज़मीनों को खरीदने वाले अक्सर कौन होते थे?

Q4. 1770 के दशक में बंगाल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था किस दौर से गुजर रही थी?

Q5. चित्रा 9.1 में क्या दिखाया गया है?

Frequently asked questions

यह अध्याय किस बारे में जानकारी देता है?

यह अध्याय बताता है कि औपनिवेशिक शासन देहात में रहने वाले लोगों के लिए कैसा था, जिसमें बंगाल के जमींदार, राजमहल की पहाड़ियों के लोग और दक्कन के लोग शामिल हैं।

इस्तमरारी बंदोबस्त क्या था?

यह एक राजस्व प्रणाली थी जिसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने लागू किया था, जिसमें प्रत्येक जमींदार के लिए राजस्व की एक निश्चित राशि तय की गई थी।

18वीं शताब्दी के अंत में बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में क्या समस्याएं थीं?

बार-बार अकाल पड़ रहे थे और खेती की पैदावार घट रही थी, जिससे ग्रामीण अव्यवस्था संकट में थी।

इतिहासकार ग्रामीण जीवन के बारे में जानकारी कहाँ से प्राप्त करते हैं?

इतिहासकार सरकारी अभिलेखों, सर्वेक्षणों, पत्रा-पत्रिकाओं, सर्वेक्षकों और यात्रियों के विवरणों तथा जांच आयोगों की रिपोर्टों से जानकारी प्राप्त करते हैं।

क्या लोग कानूनों का विरोध करते थे?

हाँ, लोग कानूनों का पालन करने के लिए मजबूर होते हुए भी ऐसे कानूनों का विरोध करने से नहीं हिचकते थे जिन्हें वे अन्यायपूर्ण समझते थे।

ज़वान के राजा की संपत्ति की नीलामी में क्या विसंगति थी?

नीलामी में खरीदार अक्सर राजा के ही नौकर या एजेंट थे, जिन्होंने राजा की ओर से ही संपत्ति खरीदी थी, जिससे नियंत्रण राजा के पास ही रहा।

Related resources

Important topics

औपनिवेशिक शासन का देहात पर प्रभाव बंगाल और उसके जमींदार इस्तमरारी बंदोबस्त और राजस्व नीतियां ग्रामीण समाज में परिवर्तन ऐतिहासिक स्रोतों का अध्ययन किसानों की समस्याएं और विरोध

Topics covered

औपनिवेशिक शासन का देहात पर प्रभाव बंगाल और उसके जमींदार इस्तमरारी बंदोबस्त राजस्व नीतियों का कार्यान्वयन ग्रामीण समाज में परिवर्तन सरकारी अभिलेखों का अध्ययन सर्वेक्षण और यात्रा वृत्तांत राजमहल की पहाड़ियों के लोग (पहाड़िया और संथाल) दक्कन का क्षेत्र किसानों की समस्याएं कानूनों का विरोध ऐतिहासिक स्रोतों की व्याख्या

NCERT Class 12 History — Bharatiya Itihas ke kuchh Vishay-III — Chapter 1 — History Bharatiya Itihas Ke Kuchh Vishay Iii. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 10 Aug 2026. Last updated 10 Aug 2026.