NCERT Class 12 Hindi Aroh: Chapter 15 — जाति-भेद का उच्छेद

NCERT CBSE Class 12 Hindi Aroh Chapter 15 Hindi PDF

This chapter, "जाति-भेद का उच्छेद" (Annihilation of Caste), from NCERT Class 12 Hindi Aroh, presents excerpts from Dr. Bhimrao Ambedkar's influential 1936 speech. Ambedkar, a key figure in India's constitution and a champion of Dalit rights, dedicated his life to achieving social equality and human dignity for the oppressed. The text highlights his belief that true freedom is incomplete without the eradication of social slavery, particularly caste-based discrimination. Influenced by Buddha, Kabir, and Jyotiba Phule, Ambedkar converted to Buddhism. The chapter emphasizes his role in constitution-making and his vision for a society based on equality, liberty, and fraternity, making it highly relevant in today's social and political climate. It underscores his lifelong struggle against caste oppression and his commitment to empowering marginalized communities.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectHindi
BookAroh
ChapterChapter 15 — जाति-भेद का उच्छेद
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count713

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
पुरोधleader, pioneer
सुपठितwell-read
मीमांसकanalyst, critic
विधिावेत्ताjurist, legal expert
अशास्त्राीeconomist
समाजशास्त्राीsociologist
अधिाकारrights
संकल्पresolve, determination
उन्मूलनeradication, abolition
समतावादीegalitarian
बंधाुताfraternity
प्रासंगिकताrelevance

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Practice questions

  1. डॉ. भीमराव आंबेडकर ने वकील बनकर क्या करने का संकल्प लिया था? Answer: डॉ. भीमराव आंबेडकर ने वकील बनकर अछूतों के लिए नया कानून बनाने और छुआछूत को खत्म करने का संकल्प लिया था।
  2. आंबेडकर के चिंतन के तीन मुख्य प्रेरक व्यक्ति कौन थे? Answer: आंबेडकर के चिंतन के तीन मुख्य प्रेरक व्यक्ति बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले थे।
  3. आंबेडकर ने किस धर्म को अपनाया और कब? Answer: आंबेडकर ने बौद्ध धर्म को अपनाया और 14 अक्टूबर, 1956 को 5 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध मतानुयायी बन गए।
  4. भाषण 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' को किस सम्मेलन के लिए तैयार किया गया था? Answer: यह भाषण जाति-पाँति तोड़क मंडल (लाहौर) के वार्षिक सम्मेलन (सन 1936) के अधयक्षीय भाषण के रूप में तैयार किया गया था।
  5. आंबेडकर के अनुसार लोकतंत्र के लिए कौन से तीन तत्व आवश्यक हैं? Answer: आंबेडकर के अनुसार लोकतंत्र के लिए समानता, स्वतंत्रता और बंधुता ये तीन तत्व समाज में अनिवार्य रूप से होने चाहिए।

Practice MCQs

Q1. डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

Q2. आंबेडकर ने उच्चतर शिक्षा कहाँ से प्राप्त की?

Q3. आंबेडकर ने किस पत्रिका का संपादन किया?

Q4. आंबेडकर के अनुसार, दासता का सबसे व्यापक और गहन रूप कौन सा है?

Q5. भाषण 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' का हिंदी रूपांतरण किसने किया?

Q6. आंबेडकर ने किस वर्ष में बौद्ध मतानुयायी बनने का निर्णय लिया?

Frequently asked questions

डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता क्यों कहा जाता है?

डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है क्योंकि उन्होंने संविधान के निर्माण में महती भूमिका निभाई और एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आंबेडकर ने दलितों और स्त्रियों के लिए क्या कार्य किया?

आंबेडकर ने जीवन भर दलितों, स्त्रियों और मजदूरों को मानवीय अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए अथक संघर्ष किया और उनके उत्थान के लिए कार्य किया।

आंबेडकर ने किस कारण हिंदू समाज से मोहभंग होने के बाद बौद्ध धर्म अपनाया?

जातिवादी उत्पीड़न के कारण हिंदू समाज से मोहभंग होने के बाद आंबेडकर ने बुद्ध के समतावादी विचारों में आस्था रखते हुए बौद्ध धर्म अपनाया।

भाषण 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' क्यों प्रकाशित किया गया?

यह भाषण जाति-पाँति तोड़क मंडल के सम्मेलन के लिए तैयार किया गया था, लेकिन आयोजकों की असहमति के कारण सम्मेलन स्थगित हो गया। बाद में आंबेडकर ने इसे एक स्वतंत्र पुस्तिका के रूप में प्रकाशित किया।

आंबेडकर के अनुसार, स्वतंत्रता का क्या अर्थ है?

आंबेडकर के अनुसार, यदि इंसानों के अनुरूप जीने की सुविधा कुछ लोगों तक ही सीमित है, तो जिसे स्वतंत्रता कहा जाता है, वह विशेषाधिकार है और सच्ची स्वतंत्रता के लिए सामाजिक दासता का उन्मूलन आवश्यक है।

इस पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस पाठ का मुख्य उद्देश्य डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय, समानता और जाति-प्रथा के उन्मूलन के विचारों को प्रस्तुत करना और उनकी प्रासंगिकता को रेखांकित करना है।

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Important topics

डॉ. भीमराव आंबेडकर का सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जाति-प्रथा का उन्मूलन और सामाजिक समानता आंबेडकर के चिंतन के प्रेरक तत्व (बुद्ध, कबीर, फुले) भारतीय संविधान के निर्माण में आंबेडकर की भूमिका भाषण 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' का महत्व और प्रासंगिकता

Topics covered

डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन परिचय आंबेडकर की प्रमुख रचनाएँ जाति-आधारित उत्पीड़न और शोषण सामाजिक समता और मानवाधिकार आंबेडकर का संविधान-निर्माण में योगदान बौद्ध धर्म और आंबेडकर भाषण 'एनीहिलेशन ऑफ कास्ट' जाति-भेद का उच्छेद समानता, स्वतंत्रता और बंधुता लोकतंत्र और सामाजिक जीवन आधुनिक सामाजिक-राजनैतिक माहौल में प्रासंगिकता

NCERT Class 12 Hindi — Aroh — Chapter 15 — जाति-भेद का उच्छेद. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.