NCERT Class 12 Hindi Aroh: Chapter 1 — बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप़्ाफर ाफराफर ाफराफर

NCERT CBSE Class 12 Hindi Aroh Chapter 1 Hindi PDF

यह अध्याय बहादुरशाह ज़फ़र की कविताओं का परिचय देता है, जो 1857 के विद्रोह के संदर्भ में लिखी गई हैं। कविताओं में उनके उजड़े हुए साम्राज्य के प्रति दुख, जीवन की क्षणभंगुरता और अपनी हसरतों को व्यक्त करने की लाचारी का मार्मिक चित्रण है। वे बागबाँ या सयाद से शिकायत नहीं करते, बल्कि किस्मत में कैद को स्वीकार करते हैं। कवि जीवन की छोटी अवधि और उसमें पूरी न हो सकी इच्छाओं का वर्णन करते हैं। अंत में, वे अपनी दफ़न के लिए भी दो गज़ ज़मीन न मिलने पर अपनी बदकिस्मती का ज़िक्र करते हैं। यह कविताएँ उस समय के राजनीतिक और व्यक्तिगत हालातों का आईना हैं, जो CBSE कक्षा 12 के छात्रों को इतिहास और साहित्य के संगम से परिचित कराती हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectHindi
BookAroh
ChapterChapter 1 — बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप़्ाफर ाफराफर ाफराफर
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time1 minute
Word count118

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
उजड़ेबर्बाद, वीरान
दयारदेश, इलाका
आलमे-नापायदारयह क्षणभंगुर दुनिया
वैफदकैद, बंधन
प़्ाफसलेवसंत ऋतु
हसरतोंइच्छाएँ, अभिलाषाएँ
दिले-दागदारदुख से भरा हुआ दिल
शादमाँखुश, प्रसन्न
दिले-लालहशारगुलाबों से भरा दिल (यहाँ काँटों के विपरीतार्थक रूप में प्रयुक्त)
उम्रे-दराशलंबी उम्र
आशूइच्छा, चाहत
इंतशारप्रतीक्षा, इंतज़ार

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Practice questions

  1. कवि को अपने उजड़े हुए दयार में क्यों नहीं लगता? Answer: कवि को अपने उजड़े हुए दयार में इसलिए नहीं लगता क्योंकि यह दुनिया क्षणभंगुर है और किसी की भी हमेशा नहीं बनी रहती।
  2. बुलबुल को किससे गिला नहीं है? Answer: बुलबुल को बागबाँ (माली) से न सयाद (शिकारी) से गिला है।
  3. कवि ने अपने जीवन के दिन कैसे कटने का वर्णन किया है? Answer: कवि ने अपने जीवन के चार दिनों में से दो दिन आरजू (इच्छा) में और दो दिन इंतशार (प्रतीक्षा) में कटने का वर्णन किया है।
  4. अंत में कवि अपनी किस बदकिस्मती का ज़िक्र करते हैं? Answer: अंत में कवि अपनी इस बदकिस्मती का ज़िक्र करते हैं कि दफ़न के लिए उन्हें दो गज़ ज़मीन भी नसीब नहीं हुई।

Practice MCQs

Q1. बहादुरशाह ज़फ़र की कविताओं का मुख्य भाव क्या है?

Q2. आलमे-नापायदार का क्या अर्थ है?

Q3. कवि के अनुसार जीवन के चार दिन किन दो अवस्थाओं में बीते?

Q4. कवि को दफ़न के लिए क्या नसीब नहीं हुआ?

Q5. यह कविताएँ किस ऐतिहासिक घटना के संदर्भ में लिखी गई हैं?

Frequently asked questions

बहादुरशाह ज़फ़र कौन थे?

बहादुरशाह ज़फ़र अंतिम मुगल सम्राट थे, जिनका शासनकाल 1837 से 1857 तक रहा। वे एक कवि भी थे।

यह कविताएँ किस काल की हैं?

यह कविताएँ 1857 के विद्रोह के समय की हैं, जो उस काल की राजनीतिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को दर्शाती हैं।

कविता में 'आलमे-नापायदार' का क्या अर्थ है?

'आलमे-नापायदार' का अर्थ है यह दुनिया जो नाशवान है, यानी क्षणभंगुर है।

कवि को अपनी दफ़न के लिए क्या नसीब नहीं हुआ?

कवि को अपनी दफ़न के लिए दो गज़ ज़मीन भी नसीब नहीं हुई, जो उनकी बदकिस्मती को दर्शाता है।

क्या बहादुरशाह ज़फ़र केवल राजा थे या कवि भी?

बहादुरशाह ज़फ़र अंतिम मुगल सम्राट होने के साथ-साथ एक कुशल शायर (कवि) भी थे।

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Important topics

बहादुरशाह ज़फ़र की कविताएँ 1857 के विद्रोह का प्रभाव ग़ज़ल के रूप में व्यक्तिगत अभिव्यक्ति जीवन की अनिश्चितता का चित्रण

Topics covered

बहादुरशाह ज़फ़र का जीवन परिचय 1857 का विद्रोह उर्दू शायरी ग़ज़ल जीवन की क्षणभंगुरता निराशा और हताशा साम्राज्य का पतन व्यक्तिगत व्यथा

NCERT Class 12 Hindi — Aroh — Chapter 1 — बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप् बहादुरशाह शप़्ाफर ाफराफर ाफराफर. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.