NCERT Class 12 Hindi Antra: Chapter 8 — विद्यापति;सन 1380-1460द्ध

NCERT CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 8 Hindi PDF

This chapter introduces Vidyapati, a prominent poet from the 14th-15th century, born in Bispi village, Madhubani, Bihar. Known for his sharp intellect and versatility, Vidyapati composed in Sanskrit, Avahatta (Apabhramsha), and Maithili. He is considered a transitional poet between the Adikal and Bhaktikal periods. His "Padavali" is the primary source of his fame, showcasing the expression of folk culture in a common language. The chapter highlights how his verses have become integral to the folk traditions and cultural rituals of the Mithila region. The text emphasizes the depiction of human love, various facets of practical life, and the devotional portrayal of deities and nature in his works. The selected three poems from "Padavali" in this textbook focus on the pangs of separation, the unfulfilled longing of a beloved, and the sorrow of a separated heroine.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectHindi
BookAntra
ChapterChapter 8 — विद्यापति ;सन 1380-1460द्ध
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count424

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
कुशाग्र बुद्धिSharp intellect
राजकविCourt poet
आदिकालEarly period of Hindi literature
भक्तिकालDevotional period of Hindi literature
संधिकविTransitional poet
पदावलीCollection of poems
जनभाषाCommon language
जनसंस्कृतिFolk culture
विरहिणीSeparated woman (in love)
विरहSeparation (from a loved one)
उद्गारExpressions, utterances
मधुपुरCity of Madhura

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. विद्यापति का जन्म किस गाँव में हुआ था? Answer: विद्यापति का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के बिस्पी गाँव में हुआ था।
  2. विद्यापति ने किन भाषाओं में रचनाएँ कीं? Answer: विद्यापति ने संस्कृत, अवहट्ट (अपभ्रंश) और मैथिली भाषाओं में रचनाएँ कीं।
  3. विद्यापति को किस काल का संधि कवि कहा जाता है? Answer: विद्यापति को आदिकाल और भक्तिकाल के संधि कवि कहा जाता है।
  4. विद्यापति की किस रचना को उनके यश का मुख्य आधार माना जाता है? Answer: विद्यापति की पदावली को उनके यश का मुख्य आधार माना जाता है।
  5. पाठ्यपुस्तक में विद्यापति के कितने पद लिए गए हैं और उनका मुख्य विषय क्या है? Answer: पाठ्यपुस्तक में विद्यापति के तीन पद लिए गए हैं, जिनका मुख्य विषय विरह और प्रियतम की प्रतीक्षा है।

Practice MCQs

Q1. विद्यापति का जन्म किस क्षेत्र में हुआ था?

Q2. विद्यापति किस राजा के राजकवि और सलाहकार थे?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सी भाषा विद्यापति की रचनाओं की भाषा नहीं थी?

Q4. विद्यापति की किस रचना में जनभाषा में जनसंस्कृति की अभिव्यक्ति हुई है?

Q5. पाठ्यपुस्तक में संकलित विद्यापति के पहले पद का मुख्य भाव क्या है?

Q6. विद्यापति को किस काल का कवि माना जाता है?

Frequently asked questions

विद्यापति कौन थे और उनका साहित्यिक योगदान क्या है?

विद्यापति 14वीं-15वीं शताब्दी के एक प्रमुख कवि थे, जिन्हें आदिकाल और भक्तिकाल के संधि कवि के रूप में जाना जाता है। उन्होंने संस्कृत, अवहट्ट और मैथिली में रचनाएँ कीं, और उनकी 'पदावली' जनभाषा में जनसंस्कृति की अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध है।

विद्यापति का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

विद्यापति का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के बिस्पी गाँव में हुआ था। उनके जन्मकाल के संबंध में प्रामाणिक सूचना उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमानित समय 1380-1460 ईस्वी के आसपास माना जाता है।

विद्यापति ने किन भाषाओं में रचनाएँ कीं?

विद्यापति ने संस्कृत, अवहट्ट (अपभ्रंश) और मैथिली भाषाओं में रचनाएँ कीं। उन्हें अन्य कई भाषाओं का भी ज्ञान था।

विद्यापति की सबसे प्रसिद्ध रचना कौन सी है?

विद्यापति की 'पदावली' उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है, जो उनके यश का मुख्य आधार है। इसमें जनभाषा में जनसंस्कृति की सुंदर अभिव्यक्ति मिलती है।

पाठ्यपुस्तक में विद्यापति के कौन से पद संकलित हैं?

इस पाठ्यपुस्तक में विद्यापति के तीन पद लिए गए हैं, जो विरह की पीड़ा, प्रियतम की प्रतीक्षा और नायिका के दुख का चित्रण करते हैं।

विद्यापति को 'संधिकवि' क्यों कहा जाता है?

विद्यापति को आदिकाल और भक्तिकाल के संधि कवि इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनकी रचनाओं में दोनों कालों की प्रवृत्तियों का मिश्रण दिखाई देता है। उनकी 'कीर्तिलता' और 'कीर्तिपताका' दरबारी संस्कृति और अपभ्रंश काव्य परंपरा से प्रभावित हैं, जबकि 'पदावली' में भक्ति और श्रृंगार की गूँज है।

Related resources

Important topics

विद्यापति का जीवन परिचय और साहित्यिक योगदान विद्यापति की प्रमुख रचनाएँ और उनकी विशेषताएँ विद्यापति की पदावली का महत्त्व और जनभाषा में अभिव्यक्ति आदिकाल और भक्तिकाल के संधि कवि के रूप में विद्यापति पाठ्यपुस्तक में संकलित पदों का भावार्थ और व्याख्या

Topics covered

विद्यापति का जीवन परिचय विद्यापति का जन्म और मृत्युकाल विद्यापति का परिवार और शिक्षा विद्यापति की भाषाएँ (संस्कृत, अवहट्ट, मैथिली) विद्यापति का साहित्यिक काल (आदिकाल-भक्तिकाल संधि) विद्यापति की प्रमुख रचनाएँ (कीर्तिलता, कीर्तिपताका, पदावली) विद्यापति की पदावली का महत्त्व जनभाषा और जनसंस्कृति की अभिव्यक्ति मिथिला क्षेत्र में विद्यापति के पदों का स्थान प्रेम और श्रृंगार के चित्रण भक्ति और प्रकृति चित्रण पाठ्यपुस्तक में संकलित पदों का सारांश (विरहिणी का दुख, प्रियतमा की प्रतीक्षा)

NCERT Class 12 Hindi — Antra — Chapter 8 — विद्यापति ;सन 1380-1460द्ध. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.