NCERT Class 12 Geography Bharat log aur arthvyasastha(Bhugol): Chapter 2 — बस्तियाँ: प्रकार, वितरण, आकारिकी
This chapter, 'बस्तियाँ: प्रकार, वितरण, आकारिकी' (Settlements: Types, Distribution, Morphology) from NCERT Class 12 Geography's 'Bharat log aur arthvyasastha' (India: People and Economy), defines human settlements as clusters of houses of any type and size where people live. It explains that settlements vary in size and type, from hamlets to metropolises, with corresponding changes in economic characteristics, social structure, ecology, and technology. The chapter differentiates between rural settlements, which are primarily land-based and engaged in primary economic activities like agriculture, and urban settlements, which specialize in secondary and tertiary activities and services. It details the functional relationship between rural and urban areas, mediated by transport and communication. The text also categorizes rural settlements into four main types based on their spatial distribution and morphology: clustered, semi-clustered/dissected, hamleted, and dispersed. Factors influencing these types include physical features, socio-cultural aspects, and security concerns. This chapter is crucial for understanding the spatial organization of human populations in India within the CBSE curriculum.
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Geography |
| Book | Bharat log aur arthvyasastha(Bhugol) |
| Chapter | Chapter 2 — बस्तियाँ: प्रकार, वितरण, आकारिकी |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 673 |
Learning outcomes
- Define human settlements and differentiate between rural and urban settlements.
- Understand the factors influencing the types and distribution of settlements.
- Identify and describe the four main types of rural settlements in India.
- Analyze the relationship between settlements and their economic and social characteristics.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| मानव बस्ती | Human settlement |
| ग्रामीण बस्तियाँ | Rural settlements |
| नगरीय बस्तियाँ | Urban settlements |
| गुच्छित बस्तियाँ | Clustered settlements |
| अर्धा-गुच्छित बस्तियाँ | Semi-clustered settlements |
| पल्ली बस्तियाँ | Hamleted settlements |
| परिक्षिप्त बस्तियाँ | Dispersed settlements |
| प्राथमिक आर्थिक व्रिफयाकलाप | Primary economic activities |
| द्वितीयक व्रिफयाकलाप | Secondary activities |
| तृतीयक व्रिफयाकलाप | Tertiary activities |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Practice questions
- मानव बस्ती को परिभाषित करें। Answer: मानव बस्ती किसी भी प्रकार और आकार के घरों का समूह है जिनमें मनुष्य रहते हैं।
- ग्रामीण और नगरीय बस्तियों के बीच मुख्य अंतर क्या है? Answer: ग्रामीण बस्तियाँ भूमि आधारित प्राथमिक आर्थिक क्रियाओं पर निर्भर करती हैं, जबकि नगरीय बस्तियाँ द्वितीयक और तृतीयक क्रियाओं तथा सेवाओं पर निर्भर करती हैं।
- भारत में ग्रामीण बस्तियों के चार मुख्य प्रकार कौन से हैं? Answer: गुच्छित, अर्धा-गुच्छित (विखंडित), पल्लीवृफत और परिक्षिप्त (एकाकी)।
- गुच्छित बस्तियों की विशेषताएँ क्या हैं? Answer: गुच्छित बस्तियाँ घरों का एक संहत या संकुलित रूप से निर्मित क्षेत्र होती हैं, जिनमें रहने का सामान्य क्षेत्र स्पष्ट होता है और यह खेतों, खलिहानों और चरागाहों से पृथक होता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक ग्रामीण बस्तियों के प्रकार को प्रभावित करता है?
Explanation: ग्रामीण बस्तियों के प्रकार को भौतिक लक्षण (भू-भाग, जलवायु, जल), सांस्कृतिक और मानवजातीय कारक (सामाजिक संरचना, जाति, धर्म), और सुरक्षा संबंधी कारक (चोरियों और डकैतियों से सुरक्षा) प्रभावित करते हैं।
Q2. नगरीय बस्तियाँ मुख्य रूप से किस पर निर्भर करती हैं?
Explanation: नगरीय बस्तियाँ कच्चे माल के प्रवर्तन, तैयार माल के विनिर्माण और विभिन्न प्रकार की सेवाओं पर निर्भर करती हैं।
Q3. भारत के मैदानी इलाकों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में प्रायः किस प्रकार की ग्रामीण बस्तियाँ पाई जाती हैं?
Explanation: गुच्छित बस्तियाँ प्रायः उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में पाई जाती हैं, जहाँ लोग सुरक्षा कारणों से भी संहत गाँवों में रहते हैं।
Q4. गुजरात के मैदान और राजस्थान के कुछ भागों में व्यापक रूप से पाई जाने वाली बस्तियों का प्रकार कौन सा है?
Explanation: अर्धा-गुच्छित अथवा विखंडित बस्तियाँ, जहाँ समाज के कुछ तबके मुख्य गाँव से थोड़ी दूरी पर रहते हैं, गुजरात के मैदान और राजस्थान के कुछ भागों में पाई जाती हैं।
Q5. पल्ली बस्तियों में, बस्ती को भौतिक रूप से अनेक इकाइयों में बाँटा जाता है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर क्या कहा जाता है?
Explanation: पल्ली बस्तियों में, इकाइयों को स्थानीय स्तर पर पान्ना, पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी आदि कहा जाता है।
Frequently asked questions
मानव बस्ती क्या है?
मानव बस्ती किसी भी प्रकार और आकार के घरों का समूह है जिनमें मनुष्य रहते हैं। लोग मकानों और अन्य इमारतों का निर्माण करते हैं और अपने आर्थिक पोषण-आधार के लिए कुछ क्षेत्र पर स्वामित्व रखते हैं।
ग्रामीण और नगरीय बस्तियों में मुख्य अंतर क्या है?
ग्रामीण बस्तियाँ भूमि आधारित प्राथमिक आर्थिक क्रियाओं से पोषण प्राप्त करती हैं, जबकि नगरीय बस्तियाँ कच्चे माल के विनिर्माण और विभिन्न सेवाओं पर निर्भर करती हैं।
भारत में ग्रामीण बस्तियों के चार मुख्य प्रकार कौन से हैं?
भारत में ग्रामीण बस्तियों को मुख्य रूप से गुच्छित, अर्धा-गुच्छित (विखंडित), पल्लीवृफत और परिक्षिप्त (एकाकी) प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
गुच्छित बस्तियाँ कहाँ पाई जाती हैं?
गुच्छित बस्तियाँ प्रायः उपजाऊ जलोढ़ मैदानों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में पाई जाती हैं। मध्य भारत और बुंदेलखंड प्रदेश में भी ये सुरक्षा कारणों से पाई जाती हैं।
अर्धा-गुच्छित बस्तियों का क्या अर्थ है?
अर्धा-गुच्छित बस्तियाँ वे होती हैं जहाँ बस्ती का एक हिस्सा मुख्य गुच्छ से थोड़ी दूरी पर अलग हो जाता है, अक्सर सामाजिक या आर्थिक कारणों से। ये गुजरात और राजस्थान में पाई जाती हैं।
पल्ली बस्तियों की क्या विशेषता है?
पल्ली बस्तियों में, एक बड़ी बस्ती भौतिक रूप से अनेक छोटी इकाइयों में बँट जाती है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर पाड़ा, पाली, नगला, ढाँणी आदि कहा जाता है। ये मध्य और निम्न गंगा के मैदानों में पाई जाती हैं।
बस्तियों के प्रकार को कौन से कारक निर्धारित करते हैं?
बस्तियों के प्रकार को भौतिक लक्षण (जैसे भू-भाग, जलवायु, जल), सांस्कृतिक और मानवजातीय कारक (जैसे सामाजिक संरचना, धर्म), और सुरक्षा संबंधी कारक निर्धारित करते हैं।
Related resources
Important topics
Topics covered
NCERT Class 12 Geography — Bharat log aur arthvyasastha(Bhugol) — Chapter 2 — बस्तियाँ: प्रकार, वितरण, आकारिकी. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.