NCERT Class 12 Fine Art Bhartiya Kala ka Itihaas Bhag 2: Chapter 5 — पहाड़ी चित्रकला शैली 5

NCERT CBSE Class 12 Fine Art Bhartiya Kala ka Itihaas Bhag 2 Chapter 5 Hindi PDF

This chapter, 'Pahadi Chitrakala Shaili' (Pahadi Painting Style), from NCERT's Class 12 Fine Art book 'Bhartiya Kala ka Itihaas Bhag 2', explores the painting style that flourished in the mountainous regions of India from the 17th to the 19th century. It highlights key centers like Basohli, Guler, Kangra, Kullu, and Chamba, tracing the evolution from the ornate Basohli style to the refined Kangra style. The chapter discusses the challenges in regional classification, the influence of Mughal and Rajasthani art, and the significant contribution of artist families like Pandit Seu's. It delves into the stylistic characteristics, subject matter, and the transition of Pahadi art, emphasizing the sensitivity to naturalism and lyrical poetry that defines this unique school of Indian art, crucial for CBSE Class 12 students.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectFine Art
BookBhartiya Kala ka Itihaas Bhag 2
ChapterChapter 5 — पहाड़ी चित्रकला शैली 5
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count659

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
पहाड़ी चित्रकला शैलीPahadi Painting Style (style developed in the mountainous regions)
बसोहलीBasohli (a significant center of Pahadi painting)
काँगड़ाKangra (a prominent center known for its refined style)
गुलेरGuler (another important center in the Pahadi region)
अपरिष्कृतUnrefined, crude
अत्यलंकृतHighly ornate, decorative
उत्कृष्टExcellent, superb
परिष्कृतRefined, sophisticated
शैलीगतStylistic
उद््भवOrigin, emergence
प्रांतीय मुगल शैलीProvincial Mughal style
गीतात्मकLyrical

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Practice questions

  1. पहाड़ी चित्रकला शैली किन शताब्दियों के मध्य विकसित हुई? Answer: पहाड़ी चित्रकला शैली सत्रहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य विकसित हुई।
  2. पहाड़ी चित्रकला के कुछ प्रमुख केंद्रों के नाम बताइए। Answer: पहाड़ी चित्रकला के कुछ प्रमुख केंद्र बसोहली, गुलेर, काँगड़ा, कुल्लू, चंबा आदि हैं।
  3. किस शैली को भारतीय कला में अत्यंत उत्कृष्ट और परिष्कृत माना जाता है? Answer: काँगड़ा शैली को भारतीय कला में अत्यंत उत्कृष्ट और परिष्कृत माना जाता है।
  4. पहाड़ी चित्रकला पर किन अन्य शैलियों का प्रभाव देखा जाता है? Answer: पहाड़ी चित्रकला पर मुगल और राजस्थानी चित्रकला शैलियों का प्रभाव देखा जाता है।
  5. बी.एन. गोस्वामी ने किस कलाकार परिवार को पहाड़ी चित्रकला के विकास का श्रेय दिया है? Answer: बी.एन. गोस्वामी ने पंडित सिऊ (शिव) के परिवार को पहाड़ी चित्रकला के विकास का श्रेय दिया है।

Practice MCQs

Q1. पहाड़ी चित्रकला शैली मुख्य रूप से किस क्षेत्र में विकसित हुई?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा पहाड़ी चित्रकला का केंद्र नहीं है?

Q3. किस पहाड़ी शैली को अपरिष्कृत और अत्यलंकृत माना जाता है?

Q4. पहाड़ी चित्रकला पर किन दो प्रमुख शैलियों का प्रभाव पड़ा?

Q5. बी.एन. गोस्वामी के अनुसार, पहाड़ी चित्रकला को गीतात्मक काव्य और परिष्कृत रूप देने का श्रेय किसे जाता है?

Q6. काँगड़ा शैली को किस शताब्दी के मध्य से चरम तक रूपांतरित होते देखा गया?

Frequently asked questions

पहाड़ी चित्रकला शैली क्या है?

पहाड़ी चित्रकला शैली वह कला है जो सत्रहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में विकसित हुई, जिसमें बसोहली, गुलेर, काँगड़ा जैसे केंद्र प्रमुख थे।

पहाड़ी चित्रकला के मुख्य केंद्र कौन-कौन से थे?

पहाड़ी चित्रकला के मुख्य केंद्रों में बसोहली, गुलेर, काँगड़ा, कुल्लू, चंबा, मनकोट, नूरपुर, मंडी, बिलासपुर, जम्मू और पश्चिमी हिमालय के अन्य पहाड़ी शहर शामिल थे।

बसोहली और काँगड़ा शैली में क्या मुख्य अंतर है?

बसोहली शैली को आरंभ में अपरिष्कृत और अत्यलंकृत माना जाता है, जबकि काँगड़ा शैली अत्यंत उत्कृष्ट, परिष्कृत और गीतात्मक काव्य जैसी मानी जाती है।

पहाड़ी चित्रकला पर किन अन्य शैलियों का प्रभाव था?

पहाड़ी चित्रकला पर मुख्य रूप से मुगल और राजस्थानी चित्रकला शैलियों का प्रभाव देखा जाता है।

किस कलाकार परिवार को पहाड़ी चित्रकला के विकास में महत्वपूर्ण माना जाता है?

बी.एन. गोस्वामी जैसे शोधकर्ताओं के अनुसार, पंडित सिऊ (शिव) का परिवार पहाड़ी चित्रकला की श्रृंखला बनाने और उसे परिष्कृत रूप देने के लिए उत्तरदायी था।

पहाड़ी चित्रकला की विषय-वस्तु क्या थी?

पहाड़ी चित्रकला की विषय-वस्तु में कृष्ण लीला, राजाओं के जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण समारोह, प्रेम कथाएँ और प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण शामिल था।

क्या पहाड़ी चित्रकला की पहचान केवल क्षेत्रीय आधार पर की जा सकती है?

शोधकर्ताओं का मानना है कि केवल क्षेत्रीयता के आधार पर पहाड़ी चित्रकला की पहचान करना भ्रामक हो सकता है, क्योंकि राजनीतिक सीमाएँ अनिश्चित थीं और कलाकारों के परिवार शैली के वाहक थे।

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पहाड़ी चित्रकला शैली का उद्भव और विकास प्रमुख केंद्र: बसोहली, गुलेर, काँगड़ा बसोहली से काँगड़ा शैली तक का परिवर्तन मुगल और राजस्थानी शैलियों का प्रभाव पंडित सिऊ परिवार का योगदान शैलीगत विशेषताएँ और विषय वस्तु

Topics covered

पहाड़ी चित्रकला शैली का परिचय पहाड़ी चित्रकला के प्रमुख केंद्र (बसोहली, गुलेर, काँगड़ा, कुल्लू, चंबा) शैली का उद्भव और विकास बसोहली शैली की विशेषताएँ काँगड़ा शैली की विशेषताएँ मुगल और राजस्थानी शैलियों का प्रभाव कलाकार परिवार (पंडित सिऊ) क्षेत्रीय विभाजन की चुनौतियाँ विषय वस्तु (कृष्ण लीला, राम-सीता) प्राकृतिक चित्रण परिष्कृत और गीतात्मक शैली

NCERT Class 12 Fine Art — Bhartiya Kala ka Itihaas Bhag 2 — Chapter 5 — पहाड़ी चित्रकला शैली 5. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.