NCERT Class 12 Economics Vyashthi Arthshasrta: Chapter 1 — 1 सामान्यर अव्यवस्था
यह अध्याय, 'सामान्य अव्यवस्था', अर्थशास्त्र की मूल अवधारणाओं का परिचय देता है, जिसमें बताया गया है कि समाज में व्यक्तियों की आवश्यकताएँ असीमित होती हैं, जबकि उन्हें पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधन सीमित होते हैं। यह दर्शाता है कि प्रत्येक व्यक्ति या इकाई (जैसे कृषक, बुनकर, अध्यापिका) अपने सीमित संसाधनों का उपयोग करके वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती है और अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनका विनिमय करती है। अध्याय इस बात पर जोर देता है कि संसाधनों की कमी के कारण व्यक्तियों और समाज दोनों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए चयन करना पड़ता है और कुछ का त्याग करना पड़ता है। यह उत्पादन और सामूहिक आवश्यकताओं के बीच सामंजस्य की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है, जो CBSE अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Economics |
| Book | Vyashthi Arthshasrta |
| Chapter | Chapter 1 — 1 सामान्यर अव्यवस्था |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 6 minutes |
| Word count | 1043 |
Learning outcomes
- सीमित संसाधनों और असीमित आवश्यकताओं की आर्थिक समस्या को समझना।
- उत्पादन और उपभोग के बीच संबंध का विश्लेषण करना।
- विनिमय और चयन के महत्व को पहचानना।
- व्यक्तिगत और सामूहिक आर्थिक निर्णयों के आधार को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| वस्तुएँ | भौतिक मूर्त वस्तुएँ जिनका उपयोग आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए किया जाता है। |
| सेवाएँ | कार्य जो इच्छाओं तथा आवश्यकताओं की पूर्ति से संतुष्टि प्रदान करते हैं। |
| संसाधन | वे वस्तुएँ तथा सेवाएँ जिनका उपयोग अन्य वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन में होता है (जैसे भूमि, श्रम, औजार)। |
| विनिमय | वस्तुओं या सेवाओं का आदान-प्रदान। |
| उपभोग | आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग। |
| उत्पादन | वस्तुओं और सेवाओं का निर्माण। |
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Practice questions
- समाज में लोगों की आवश्यकताएँ असीमित क्यों होती हैं? Answer: क्योंकि मनुष्य की इच्छाएँ और ज़रूरतें लगातार बढ़ती रहती हैं और कभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होतीं।
- संसाधन सीमित क्यों होते हैं? Answer: क्योंकि प्रकृति में उपलब्ध संसाधन एक निश्चित मात्रा में होते हैं और उनका उत्पादन भी सीमित होता है।
- सीमित संसाधनों और असीमित आवश्यकताओं के कारण क्या उत्पन्न होता है? Answer: चयन की समस्या और त्याग की आवश्यकता उत्पन्न होती है।
- विनिमय का क्या महत्व है? Answer: विनिमय व्यक्तियों को अपनी उत्पादित वस्तुओं या सेवाओं के बदले में अपनी आवश्यकता की अन्य वस्तुएँ या सेवाएँ प्राप्त करने में मदद करता है।
Practice MCQs
Q1. किसी भी समाज में लोगों को प्रतिदिन किन चीज़ों की आवश्यकता होती है?
Explanation: अध्याय के अनुसार, समाज में लोगों को जीवन जीने के लिए भोजन, वस्त्र, घर, यातायात, डाक, चिकित्सा और शिक्षा जैसी अनेक वस्तुओं और सेवाओं की प्रतिदिन आवश्यकता होती है।
Q2. आर्थिक समस्या का मूल कारण क्या है?
Explanation: अर्थशास्त्र की मूल समस्या यह है कि मनुष्य की आवश्यकताएँ असीमित होती हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधन सीमित होते हैं।
Q3. एक कृषक परिवार के पास क्या संसाधन हो सकते हैं?
Explanation: अध्याय में उदाहरण के तौर पर कृषक परिवार के पास भूमि, अनाज, कृषि उपकरण, बैल और परिवार के सदस्यों की श्रम सेवा जैसे संसाधन बताए गए हैं।
Q4. जब किसी व्यक्ति के पास सीमित संसाधन होते हैं, तो उसे क्या करना पड़ता है?
Explanation: संसाधनों की कमी के कारण व्यक्ति को अपनी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुछ वाँछित वस्तुओं या सेवाओं का त्याग करना पड़ता है।
Q5. समाज में उत्पादन और सामूहिक आवश्यकताओं के बीच क्या होना चाहिए?
Explanation: अध्याय के अनुसार, किसी भी अर्थव्यवस्था में लोगों की सामूहिक आवश्यकताओं और उनके द्वारा किए गए उत्पादन के बीच सुसंगतता होनी चाहिए।
Frequently asked questions
अर्थशास्त्र में 'सामान्य अव्यवस्था' का क्या अर्थ है?
यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ लोगों की आवश्यकताएँ असीमित होती हैं लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधन सीमित होते हैं, जिससे चयन और त्याग की समस्या उत्पन्न होती है।
वस्तुओं और सेवाओं में क्या अंतर है?
वस्तुएँ भौतिक मूर्त चीजें होती हैं (जैसे भोजन, वस्त्र), जबकि सेवाएँ अमूर्त कार्य होती हैं (जैसे चिकित्सा, शिक्षा)। दोनों ही आवश्यकताओं की संतुष्टि करती हैं।
संसाधन क्या होते हैं?
संसाधन वे वस्तुएँ या सेवाएँ हैं जिनका उपयोग अन्य वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन में किया जाता है, जैसे भूमि, श्रम, मशीनें।
सीमित संसाधनों के कारण व्यक्ति को क्या निर्णय लेने पड़ते हैं?
व्यक्ति को अपनी असीमित आवश्यकताओं में से कुछ का चयन करना पड़ता है और बाकी का त्याग करना पड़ता है।
समाज के लिए उत्पादन और उपभोग में सुसंगतता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि समाज की सामूहिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन हो रहा है।
क्या यह अध्याय केवल व्यक्तियों पर लागू होता है या समाज पर भी?
यह अध्याय व्यक्तिगत स्तर पर संसाधनों के प्रबंधन और चयन की समस्या से शुरू होता है, लेकिन यह समाज के सामूहिक स्तर पर भी लागू होता है।
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Topics covered
NCERT Class 12 Economics — Vyashthi Arthshasrta — Chapter 1 — 1 सामान्यर अव्यवस्था. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.