NCERT Class 12 Business Studies Vyavasai Adhyan-II: Chapter 1 — वयावसायिक वित्त

NCERT CBSE Class 12 Business Studies Vyavasai Adhyan-II Chapter 1 Hindi PDF

यह अध्याय 'वयावसायिक वित्त' की अवधारणा और वित्तीय प्रबंधन की भूमिका पर केंद्रित है। यह बताता है कि किसी भी व्यवसाय के संचालन, विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए धन की आवश्यकता होती है, जिसे व्यावसायिक वित्त कहा जाता है। अध्याय टाटा स्टील द्वारा कोरस के अधिग्रहण का एक विस्तृत उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसमें 12 बिलियन USD के सौदे के लिए ऋण और इक्विटी के माध्यम से वित्तपोषण की व्यवस्था को समझाया गया है। यह वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालता है, जिसमें कोष की लागत को कम करना, पर्याप्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अनावश्यक वित्त से बचना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह स्थायी और कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कारकों का भी विश्लेषण करता है, जो व्यवसाय की वित्तीय स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectBusiness Studies
BookVyavasai Adhyan-II
ChapterChapter 1 — वयावसायिक वित्त
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time5 minutes
Word count886

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
अधिग्रहणकिसी कंपनी या संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त करना।
वित्तव्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक धन।
वित्तीय प्रबंधव्यवसाय के लिए धन की व्यवस्था और उसके कुशल उपयोग का प्रबंधन।
पूँजी संरचनाकिसी कंपनी की इक्विटी और ऋण का मिश्रण।
स्थायी पूँजीदीर्घकालिक संपत्तियों में निवेश के लिए आवश्यक धन।
कार्यशील पूँजीदैनिक संचालन के लिए आवश्यक धन।
विनियोगधन को किसी संपत्ति या व्यवसाय में लगाना।
ऋणउधार लिया गया धन।
समता निर्गमनशेयर जारी करके धन जुटाना।
लाभदायकतालाभ कमाने की क्षमता।

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Practice questions

  1. वयावसायिक वित्त से आप क्या समझते हैं? Answer: व्यवसायिक क्रियाओं के संचालन हेतु धन की आवश्यकता को वयावसायिक वित्त कहते हैं।
  2. वित्तीय प्रबंध का मुख्य लक्ष्य क्या है? Answer: वित्तीय प्रबंध का लक्ष्य कोष प्राप्ति लागत को कम करना तथा आवश्यकता के समय पर्याप्त कोष उपलब्ध कराना है।
  3. स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी में क्या अंतर है? Answer: स्थायी पूँजी दीर्घकालिक संपत्तियों के लिए होती है, जबकि कार्यशील पूँजी दैनिक संचालन के लिए होती है।
  4. पूँजी संरचना को प्रभावित करने वाले कुछ कारक बताइए। Answer: पूँजी संरचना को प्रभावित करने वाले कारकों में व्यवसाय का आकार, लाभप्रदता, नियंत्रण की आवश्यकता आदि शामिल हैं।

Practice MCQs

Q1. टाटा स्टील द्वारा कोरस का अधिग्रहण किस वर्ष हुआ था?

Q2. अधिग्रहण के लिए टाटा ने कितने अरब डॉलर का ऋण लिया था?

Q3. वित्तीय प्रबंध का संबंध किससे है?

Q4. व्यवसाय के विस्तार के लिए किस प्रकार के वित्त की आवश्यकता होती है?

Q5. वित्तीय प्रबंध का उद्देश्य क्या है?

Frequently asked questions

वयावसायिक वित्त क्या है?

वयावसायिक वित्त वह धन है जिसकी आवश्यकता व्यवसाय को स्थापित करने, संचालित करने, आधुनिकीकरण, विस्तार या विविधीकरण के लिए होती है।

वित्तीय प्रबंध क्यों महत्वपूर्ण है?

वित्तीय प्रबंध महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय के पास पर्याप्त धन हो, उसकी लागत कम हो, और धन का प्रभावी ढंग से उपयोग हो, जो व्यवसाय के भविष्य और विकास के लिए निर्णायक है।

टाटा स्टील के अधिग्रहण का उदाहरण क्या दर्शाता है?

यह उदाहरण दर्शाता है कि बड़े अधिग्रहणों के लिए भारी वित्तीय व्यवस्था की आवश्यकता होती है, जिसमें ऋण और इक्विटी का संयोजन शामिल हो सकता है, और यह व्यवसाय की पूँजी संरचना को कैसे प्रभावित करता है।

स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी में क्या अंतर है?

स्थायी पूँजी का उपयोग दीर्घकालिक संपत्तियों जैसे भूमि, भवन, मशीनरी आदि में निवेश के लिए किया जाता है, जबकि कार्यशील पूँजी का उपयोग दिन-प्रतिदिन के संचालन जैसे कच्चे माल की खरीद, मजदूरी भुगतान आदि के लिए किया जाता है।

वित्तीय नियोजन का क्या महत्व है?

वित्तीय नियोजन व्यवसाय को भविष्य की वित्तीय आवश्यकताओं का अनुमान लगाने और उन्हें पूरा करने के लिए योजना बनाने में मदद करता है, जिससे अनिश्चितताओं का सामना किया जा सके।

Important topics

वयावसायिक वित्त का अर्थ वित्तीय प्रबंध का अर्थ और भूमिका वित्तीय प्रबंध के उद्देश्य पूँजी संरचना स्थायी पूँजी और कार्यशील पूँजी की आवश्यकता

Topics covered

वयावसायिक वित्त का अर्थ वित्तीय प्रबंध का अर्थ वित्तीय प्रबंध की भूमिका वित्तीय प्रबंध के उद्देश्य वित्तीय नियोजन का अर्थ एवं महत्व पूँजी संरचना का अर्थ उपयुक्त पूँजी संरचना के चुनाव को प्रभावित करने वाले कारक स्थायी पूँजी का अर्थ कार्यशील पूँजी का अर्थ स्थायी पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कारक कार्यशील पूँजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कारक टाटा स्टील द्वारा कोरस का अधिग्रहण

NCERT Class 12 Business Studies — Vyavasai Adhyan-II — Chapter 1 — वयावसायिक वित्त. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.