NCERT Class 12 Biology Jeev Vigyan: Chapter 5 — 1 डीएनए
यह अध्याय, 'वंशागति के आणविक आधार', आनुवंशिकी के आणविक आधारों की पड़ताल करता है, जिसमें मुख्य रूप से डीएनए की संरचना और कार्य पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले अध्याय में मेंडल के नियमों के आधार पर वंशागति के कारकों की चर्चा के बाद, यह अध्याय बताता है कि कैसे डीएनए अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कार्य करता है। इसमें न्यूक्लिक एसिड (डीएनए और आरएनए) की संरचना, न्यूक्लियोटाइड्स के घटक (नाइट्रोजनस बेस, पेंटोस शुगर, फॉस्फेट ग्रुप), और पॉली न्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं के निर्माण की प्रक्रिया का विस्तृत वर्णन है। अध्याय डीएनए प्रतिकृति, आरएनए संश्लेषण (अनुलेखन), आनुवंशिक कोड, प्रोटीन संश्लेषण (स्थानांतरण), और जीन अभिव्यक्ति के नियमन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर भी प्रकाश डालता है। अंत में, मानव जीनोम परियोजना और डीएनए फिंगरप्रिंटिंग जैसी आधुनिक अवधारणाओं का परिचय दिया गया है। यह अध्याय छात्रों को आनुवंशिकता के आणविक तंत्र को समझने में मदद करता है, जो जीव विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Biology |
| Book | Jeev Vigyan |
| Chapter | Chapter 5 — 1 डीएनए |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 523 |
Learning outcomes
- डीएनए को आनुवंशिक पदार्थ के रूप में पहचानना।
- न्यूक्लियोटाइड्स और पॉली न्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं की संरचना का वर्णन करना।
- डीएनए प्रतिकृति और आरएनए संश्लेषण (अनुलेखन) की प्रक्रियाओं को समझना।
- आनुवंशिक कोड और प्रोटीन संश्लेषण (स्थानांतरण) की भूमिका को स्पष्ट करना।
- मानव जीनोम परियोजना और डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के महत्व को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| डीएनए | डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल, आनुवंशिक पदार्थ |
| आरएनए | राइबोन्यूक्लिक अम्ल, आनुवंशिक पदार्थ या वाहक |
| न्यूक्लियोटाइड | न्यूक्लिक अम्ल की मूल इकाई (नाइट्रोजनस बेस, पेंटोस शुगर, फॉस्फेट ग्रुप) |
| नाइट्रोजनस बेस | प्यूरीन (एडेनिन, ग्वानिन) और पाइरीमिडीन (साइटोसीन, यूरेसिल, थाइमिन) |
| पेंटोस शुगर | डीएनए में डीऑक्सीराइबोज, आरएनए में राइबोज |
| फॉस्फेट ग्रुप | न्यूक्लियोटाइड का एक घटक |
| पॉली न्यूक्लियोटाइड श्रृंखला | न्यूक्लियोटाइड्स की लंबी श्रृंखला |
| प्रतिकृति | डीएनए की अपनी प्रतिलिपि बनाने की प्रक्रिया |
| अनुलेखन | डीएनए से आरएनए का निर्माण |
| आनुवंशिक कोड | डीएनए या आरएनए में न्यूक्लियोटाइड का क्रम जो प्रोटीन संश्लेषण को निर्देशित करता है |
| स्थानांतरण | आरएनए से प्रोटीन का संश्लेषण |
| जीनोम | किसी जीव का संपूर्ण आनुवंशिक पदार्थ |
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Practice questions
- अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कौन सा अणु पाया जाता है? Answer: अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) पाया जाता है।
- न्यूक्लियोटाइड के तीन मुख्य घटक क्या हैं? Answer: न्यूक्लियोटाइड के तीन मुख्य घटक हैं: नाइट्रोजनी क्षार, पेंटोस शुगर (डीऑक्सीराइबोज या राइबोज), और एक फॉस्फेट ग्रुप।
- डीएनए और आरएनए में पाए जाने वाले नाइट्रोजनी क्षार कौन से हैं? Answer: डीएनए में एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसीन और थाइमिन पाए जाते हैं। आरएनए में एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसीन और यूरेसिल पाए जाते हैं।
- डीएनए से आरएनए के निर्माण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? Answer: डीएनए से आरएनए के निर्माण की प्रक्रिया को अनुलेखन कहते हैं।
- प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? Answer: प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया को स्थानांतरण कहते हैं।
Practice MCQs
Q1. अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कौन सा अम्ल पाया जाता है?
Explanation: डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) अधिकांश जीवों में आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कार्य करता है।
Q2. न्यूक्लिक अम्ल की मूल इकाई क्या कहलाती है?
Explanation: न्यूक्लियोटाइड न्यूक्लिक अम्ल (डीएनए और आरएनए) की बहुलक इकाई है।
Q3. आरएनए में थाइमिन के स्थान पर कौन सा क्षार पाया जाता है?
Explanation: आरएनए में थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल पाया जाता है, जबकि डीएनए में थाइमिन होता है।
Q4. डीएनए से आरएनए के निर्माण की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Explanation: अनुलेखन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा डीएनए के एक स्ट्रैंड से आरएनए का संश्लेषण होता है।
Q5. प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
Explanation: स्थानांतरण वह प्रक्रिया है जिसमें आरएनए पर कोडित जानकारी का उपयोग करके प्रोटीन का संश्लेषण किया जाता है।
Q6. डीएनए की लंबाई सामान्यतया किस पर निर्भर करती है?
Explanation: डीएनए की लंबाई उसमें पाए जाने वाले न्यूक्लियोटाइड्स की कुल संख्या पर निर्भर करती है।
Frequently asked questions
वंशागति के आणविक आधार क्या हैं?
वंशागति के आणविक आधार वे अणु और प्रक्रियाएं हैं जो आनुवंशिक जानकारी को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ले जाती हैं, जिनमें मुख्य रूप से डीएनए, आरएनए और उनसे संबंधित प्रक्रियाएं शामिल हैं।
डीएनए और आरएनए में मुख्य अंतर क्या है?
डीएनए में डीऑक्सीराइबोज शुगर और थाइमिन बेस होता है, जबकि आरएनए में राइबोज शुगर और यूरेसिल बेस होता है। डीएनए आमतौर पर डबल-स्ट्रैंडेड होता है और आनुवंशिक पदार्थ के रूप में कार्य करता है, जबकि आरएनए सिंगल-स्ट्रैंडेड होता है और प्रोटीन संश्लेषण में विभिन्न भूमिकाएँ निभाता है।
डीएनए प्रतिकृति क्यों महत्वपूर्ण है?
डीएनए प्रतिकृति कोशिका विभाजन के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक नई कोशिका को डीएनए की एक पूरी और सटीक प्रतिलिपि मिले।
अनुलेखन और स्थानांतरण में क्या अंतर है?
अनुलेखन डीएनए से आरएनए का निर्माण है, जबकि स्थानांतरण आरएनए से प्रोटीन का संश्लेषण है। ये दोनों प्रक्रियाएं जीन अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मानव जीनोम परियोजना का क्या उद्देश्य था?
मानव जीनोम परियोजना का उद्देश्य मानव जीनोम के सभी जीनों की पहचान करना और मानव डीएनए के सभी क्षार युग्मों के अनुक्रम का निर्धारण करना था।
डीएनए फिंगरप्रिंटिंग का उपयोग किस लिए किया जाता है?
डीएनए फिंगरप्रिंटिंग का उपयोग फोरेंसिक विज्ञान, पैतृकता परीक्षण और आनुवंशिक रोगों की पहचान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों की पहचान करने के लिए किया जाता है।
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NCERT Class 12 Biology — Jeev Vigyan — Chapter 5 — 1 डीएनए. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.