NCERT Class 12 Accountancy Lekhashastra Part-II: Chapter 5 — लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण
यह अध्याय रोकड़ प्रवाह विवरण पर केंद्रित है, जो एक महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण है। यह किसी उद्यम की रोकड़ और रोकड़ तुल्य राशियों में होने वाले अंतर्वाह और बहिर्वाह को दर्शाता है। अध्याय बताता है कि रोकड़ प्रवाह विवरण का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न गतिविधियों, जैसे प्रचालन, निवेश और वित्तीय क्रियाकलापों में रोकड़ प्रवाह के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान करना है। यह जानकारी उपयोगकर्ताओं को उद्यम की रोकड़ उत्पन्न करने की क्षमता का मूल्यांकन करने में मदद करती है। अध्याय रोकड़ प्रवाह विवरण के लाभों पर भी प्रकाश डालता है, जिसमें निवल परिसंपत्तियों में बदलाव, वित्तीय ढांचे का मूल्यांकन, तरलता, ऋण शोधन क्षमता और बदलती परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता का आकलन शामिल है। यह उद्यमों की परिचालन दक्षता और रिपोर्टिंग की तुलनात्मकता को भी बढ़ाता है। यह अध्याय छात्रों को रोकड़ प्रवाह विवरण के उद्देश्य, निर्माण और विभिन्न विधियों को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Accountancy |
| Book | Lekhashastra Part-II |
| Chapter | Chapter 5 — लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 783 |
Learning outcomes
- रोकड़ प्रवाह विवरण के उद्देश्य और निर्माण की व्याख्या करना।
- प्रचालन, निवेश और वित्तीय क्रियाकलापों के बीच अंतर करना।
- प्रत्यक्ष विधि का उपयोग करके रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करना।
- अप्रत्यक्ष विधि का उपयोग करके रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| रोकड़ प्रवाह विवरण | एक वित्तीय विवरण जो एक अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ तुल्य राशियों के अंतर्वाह और बहिर्वाह को दर्शाता है। |
| तुलन-पत्र | एक विशिष्ट तिथि पर एक उद्यम की वित्तीय स्थिति को दर्शाने वाला विवरण। |
| आय विवरण | एक विशिष्ट अवधि के बाद एक उद्यम के परिचालन परिणामों को दर्शाने वाला विवरण। |
| रोकड़ तुल्यराशियाँ | अल्पकालिक, अत्यधिक तरल निवेश जिन्हें आसानी से रोकड़ में परिवर्तित किया जा सकता है। |
| अंतर्वाह | रोकड़ का अंदर आना। |
| बहिर्वाह | रोकड़ का बाहर जाना। |
| प्रचालन क्रियाकलाप | किसी उद्यम की मुख्य राजस्व-उत्पादक गतिविधियाँ। |
| निवेश क्रियाकलाप | दीर्घकालिक परिसंपत्तियों की खरीद और बिक्री से संबंधित गतिविधियाँ। |
| वित्तीय क्रियाकलाप | शेयरधारकों और लेनदारों की इक्विटी और उधार लेने से संबंधित गतिविधियाँ। |
| तरलता | किसी परिसंपत्ति को नकदी में बदलने की आसानी। |
| ऋण शोधन क्षमता | किसी कंपनी की अपने दीर्घकालिक ऋणों का भुगतान करने की क्षमता। |
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Practice questions
- रोकड़ प्रवाह विवरण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है? Answer: रोकड़ प्रवाह विवरण का प्राथमिक उद्देश्य एक उद्यम की विभिन्न क्रियाकलापों में रोकड़ के अंतर्वाह और बहिर्वाह के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान करना है।
- रोकड़ प्रवाह विवरण किन तीन मुख्य क्रियाकलापों में रोकड़ प्रवाह को वर्गीकृत करता है? Answer: रोकड़ प्रवाह विवरण प्रचालन क्रियाकलाप, निवेश क्रियाकलाप और वित्तीय क्रियाकलाप में रोकड़ प्रवाह को वर्गीकृत करता है।
- रोकड़ प्रवाह विवरण के दो लाभ बताइए। Answer: रोकड़ प्रवाह विवरण निवल परिसंपत्तियों में बदलाव और वित्तीय ढांचे का मूल्यांकन करने में मदद करता है, और यह उद्यम की रोकड़ उत्पन्न करने की क्षमता का मूल्यांकन करने में उपयोगी होता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा एक महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण है जो रोकड़ के अंतर्वाह और बहिर्वाह को दर्शाता है?
Explanation: रोकड़ प्रवाह विवरण विशेष रूप से रोकड़ के अंतर्वाह और बहिर्वाह को दर्शाता है, जो इसे एक महत्वपूर्ण वित्तीय विवरण बनाता है।
Q2. कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कौन सा लेखा मानक रोकड़ प्रवाह विवरण से संबंधित है?
Explanation: लेखा मानक-3 (एएस-3) विशेष रूप से रोकड़ प्रवाह विवरण से संबंधित है, जैसा कि कंपनी अधिनियम, 2013 में परिभाषित किया गया है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा रोकड़ प्रवाह विवरण में वर्गीकृत एक क्रियाकलाप नहीं है?
Explanation: रोकड़ प्रवाह विवरण में प्रचालन, निवेश और वित्तीय क्रियाकलाप शामिल हैं, लेकिन प्रबंधन क्रियाकलाप एक मानक वर्गीकरण नहीं है।
Q4. रोकड़ प्रवाह विवरण का एक लाभ क्या है?
Explanation: रोकड़ प्रवाह विवरण उद्यम की तरलता और ऋण शोधन क्षमता का मूल्यांकन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो इसके प्रमुख लाभों में से एक है।
Q5. रोकड़ तुल्यराशियाँ क्या हैं?
Explanation: रोकड़ तुल्यराशियाँ वे अल्पकालिक, अत्यधिक तरल निवेश होते हैं जिन्हें आसानी से रोकड़ में परिवर्तित किया जा सकता है, जो रोकड़ के समान माने जाते हैं।
Frequently asked questions
रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है?
रोकड़ प्रवाह विवरण एक वित्तीय विवरण है जो एक विशिष्ट अवधि के दौरान किसी उद्यम की रोकड़ और रोकड़ तुल्य राशियों में होने वाले अंतर्वाह (आवक) और बहिर्वाह (जावक) को दर्शाता है।
रोकड़ प्रवाह विवरण क्यों महत्वपूर्ण है?
यह उपयोगकर्ताओं को उद्यम की रोकड़ उत्पन्न करने की क्षमता, उसकी तरलता, ऋण शोधन क्षमता और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता का मूल्यांकन करने में मदद करता है।
रोकड़ प्रवाह विवरण में कौन से तीन मुख्य क्रियाकलाप शामिल हैं?
इसमें प्रचालन क्रियाकलाप (मुख्य व्यवसाय संचालन), निवेश क्रियाकलाप (परिसंपत्तियों की खरीद/बिक्री) और वित्तीय क्रियाकलाप (ऋण और इक्विटी से संबंधित) शामिल हैं।
रोकड़ तुल्यराशियाँ क्या होती हैं?
ये अल्पकालिक, अत्यधिक तरल निवेश होते हैं जिन्हें आसानी से रोकड़ में बदला जा सकता है, जैसे कि ट्रेजरी बिल या मनी मार्केट फंड।
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार रोकड़ प्रवाह विवरण कब प्रस्तुत किया जाना चाहिए?
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, रोकड़ प्रवाह विवरण को प्रत्येक लेखांकन अवधि में वित्तीय विवरणों के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
रोकड़ प्रवाह विवरण के क्या लाभ हैं?
इसके लाभों में निवल परिसंपत्तियों में बदलाव का मूल्यांकन, वित्तीय ढांचे का आकलन, तरलता और ऋण शोधन क्षमता का मूल्यांकन, और परिचालन दक्षता में सुधार शामिल हैं।
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NCERT Class 12 Accountancy — Lekhashastra Part-II — Chapter 5 — लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.