NCERT Class 11 Psychology Manovigyan: Chapter 4 — संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ

NCERT CBSE Class 11 Psychology Manovigyan Chapter 4 Hindi PDF

This chapter, 'Sensory, Attentional, and Perceptual Processes' from NCERT's Class 11 Psychology (Manovigyan) textbook, introduces students to the fundamental processes of how we acquire knowledge about the world. It explains that our understanding of the environment relies on three key processes: sensation, attention, and perception. The chapter details the nature of sensory processes, the role of various receptors in collecting information from both external and internal environments, and the diversity of stimuli we encounter. It emphasizes that attention acts as a filter, allowing us to process relevant information from the vast sensory input. Finally, it delves into perception, explaining how we organize and interpret sensory information to make sense of the world, and explores phenomena like perceptual illusions and the influence of socio-cultural factors. This chapter is crucial for understanding cognitive psychology and its application in daily life.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectPsychology
BookManovigyan
ChapterChapter 4 — संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count461

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
संवेदी प्रक्रियाएँSensory processes
अवधानAttention
प्रत्यक्षणPerception
उद्दीपकStimulus
ज्ञानेंद्रियाँSense organs
ग्राहियोंReceptors
चयनात्मक अवधानSelective attention
विभक्त अवधानDivided attention
संधाृत अवधानSustained attention
अवधान विस्तृतिAttention span
अवधान न्यूनता अतिक्रिया विकारAttention Deficit Hyperactivity Disorder (ADHD)
प्रत्यक्षणीय संगठनPerceptual organization

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Practice questions

  1. ज्ञानेंद्रियों द्वारा संगृहीत सूचनाएँ हमारे किस ज्ञान का आधार बनती हैं? Answer: ज्ञानेंद्रियों द्वारा संगृहीत सूचनाएँ हमारे समस्त ज्ञान का आधार बनती हैं।
  2. हमारे आस-पास के जगत का ज्ञान किन तीन प्रमुख प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है? Answer: हमारे आस-पास के जगत का ज्ञान संवेदना, अवधान, तथा प्रत्यक्षण इन तीन प्रमुख प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।
  3. बाह्य परिवेश में पाए जाने वाले कुछ उद्दीपकों के उदाहरण दीजिए। Answer: बाह्य परिवेश में पाए जाने वाले उद्दीपकों के उदाहरण हैं: घर (देखे जा सकने वाले), संगीत (सुने जा सकने वाले), फूल की सुगंधा (सूँघे जा सकने वाले), मिठाई (स्वाद ग्रहण किए जा सकने वाले), कपड़े का चिकनापन (स्पर्श द्वारा अनुभव किए जा सकने वाले)।
  4. अवधान की क्या भूमिका है? Answer: अवधान ज्ञानेंद्रियों द्वारा संगृहीत सूचनाओं को ग्रहण एवं पंजीकृत करने में हमारी सहायता करता है।

Practice MCQs

Q1. हमारे आस-पास के जगत का ज्ञान मुख्य रूप से किन तीन प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक बाह्य उद्दीपक का उदाहरण है जिसे सुना जा सकता है?

Q3. अवधान का मुख्य कार्य क्या है?

Q4. प्रत्यक्षण प्रक्रिया का क्या उद्देश्य है?

Q5. निम्नलिखित में से कौन सी एक ज्ञानेंद्रिय का उदाहरण है जो बाह्य जगत से सूचना संग्रह करती है?

Frequently asked questions

मनोविज्ञान में संवेदी, अवधनिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ क्या हैं?

ये वे मूलभूत प्रक्रियाएँ हैं जिनके द्वारा हम बाहरी दुनिया से सूचना प्राप्त करते हैं, उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और उसे समझते हैं। इनमें संवेदना (सूचना ग्रहण करना), अवधान (सूचना पर ध्यान देना), और प्रत्यक्षण (सूचना को समझना) शामिल हैं।

ज्ञानेंद्रियाँ क्या हैं और वे कैसे कार्य करती हैं?

ज्ञानेंद्रियाँ (जैसे आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा) विशेष अंग हैं जो बाहरी और आंतरिक वातावरण से विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ (जैसे प्रकाश, ध्वनि, गंध, स्वाद, स्पर्श) ग्रहण करती हैं और उन्हें तंत्रिका आवेगों में परिवर्तित करती हैं।

अवधान का क्या महत्व है?

अवधान हमें असीमित संवेदी सूचनाओं में से प्रासंगिक सूचनाओं को चुनने और उन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, जिससे हम प्रभावी ढंग से जानकारी संसाधित कर पाते हैं।

प्रत्यक्षण क्या है और यह संवेदना से कैसे भिन्न है?

संवेदना केवल संवेदी अंगों द्वारा सूचनाओं को ग्रहण करना है, जबकि प्रत्यक्षण उन संवेदी सूचनाओं को व्यवस्थित, व्याख्यायित और सार्थक अर्थ प्रदान करने की प्रक्रिया है।

क्या सामाजिक-सांस्कृतिक कारक प्रत्यक्षण को प्रभावित करते हैं?

हाँ, पाठ के अनुसार, हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश हमारे प्रत्यक्षण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं, जिससे हम दुनिया को अपने अनुभवों और मान्यताओं के अनुसार समझते हैं।

अवधान न्यूनता अतिक्रिया विकार (ADHD) क्या है?

यह एक तंत्रिका-विकासात्मक विकार है जो ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, अति सक्रियता और आवेगशीलता की विशेषता है। यह अवधान से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय है जिस पर पाठ में चर्चा की गई है।

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Important topics

संवेदी, अवधनिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ संवेदना, अवधान, प्रत्यक्षण का संबंध अवधान के प्रकार (चयनात्मक, विभक्त, संधाृत) प्रत्यक्षण की प्रक्रिया प्रत्यक्षणीय संगठन के सिद्धांत प्रत्यक्षण पर सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव

Topics covered

संवेदी प्रक्रियाएँ अवधान की प्रक्रियाएँ एवं प्रकार चयनात्मक अवधान विभक्त अवधान संधाृत अवधान अवधान विस्तृति अवधान न्यूनता अतिक्रिया विकार प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ प्रत्यक्षण के प्रक्रमण उपागम प्रत्यक्षणकर्ता प्रात्यक्षिक संगठन के सिद्धांत स्थान, गहनता तथा दूरी प्रत्यक्षण एकनेत्राी संकेत एवं द्विनेत्राी संकेत प्रत्यक्षणीय सर्थै भ्रम प्रत्यक्षण पर सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव जगत का ज्ञान उद्दीपक का स्वरूप एवं विविधाता संवेदना संज्ञान

NCERT Class 11 Psychology — Manovigyan — Chapter 4 — संवेदी, अवधानिक एवं प्रात्यक्षिक प्रक्रियाएँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.