NCERT Class 11 Psychology Manovigyan: Chapter 2 — मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ
This chapter, 'Methods of Enquiry in Psychology' from NCERT's Class 11 Manovigyan textbook, introduces students to the scientific methods used by psychologists to study human experiences, behaviors, and mental processes. It explains the goals of psychological enquiry, which include description, prediction, explanation, and control of behavior, along with the application of this knowledge. The chapter details various data collection methods like observation, experimental methods, correlational research, surveys, psychological testing, and case studies. It also touches upon data analysis techniques (quantitative and qualitative) and discusses the limitations and ethical considerations involved in psychological research. Understanding these methods is crucial for students to grasp how psychological knowledge is acquired and applied scientifically within the CBSE curriculum.
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Psychology |
| Book | Manovigyan |
| Chapter | Chapter 2 — मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 484 |
Learning outcomes
- Explain the goals and nature of psychological enquiry.
- Understand the diverse types of data used by psychologists.
- Learn about key methods of psychological enquiry.
- Comprehend data analysis techniques.
- Understand the limitations and ethical considerations in psychological research.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| Phenomena | गोचर (अनुभव, व्यवहार, मानसिक प्रक्रियाएँ) |
| Enquiry | जाँच (मनोवैज्ञानिक अध्ययन) |
| Description | वर्णन (व्यवहार का यथासंभव सही-सही वर्णन) |
| Prediction | पूर्वानुमान (व्यवहार के अन्य व्यवहारों से संबंध जानकर भविष्यवाणी करना) |
| Explanation | व्याख्या (व्यवहार के कारणों या निर्धारकों की जानकारी प्राप्त करना) |
| Control | नियंत्रण (व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारकों को बदलकर उसे नियंत्रित करना) |
| Application | अनुप्रयोग (अर्जित ज्ञान का वस्तुनिष्ठ तरीकों से उपयोग करना) |
| Observation Method | प्रेक्षण विधि (व्यवहार का अवलोकन करके जानकारी एकत्र करना) |
| Experimental Method | प्रायोगिक विधि (नियंत्रित परिस्थितियों में कारण-कार्य संबंध का अध्ययन) |
| Correlational Research | सहसंबंधात्मक अनुसंधान (दो या अधिक चरों के बीच संबंध का अध्ययन) |
| Survey Research | सर्वेक्षण अनुसंधान (जनसंख्या के एक प्रतिनिधि नमूने से जानकारी एकत्र करना) |
| Psychological Testing | मनोवैज्ञानिक परीक्षण (मानसिक क्षमताओं, गुणों आदि को मापने के लिए मानकीकृत उपकरण) |
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Practice questions
- मनोवैज्ञानिक जाँच के चार मुख्य लक्ष्य कौन से हैं? Answer: वर्णन, पूर्वानुमान, व्याख्या और नियंत्रण।
- प्रेक्षण विधि का एक उदाहरण दीजिए। Answer: शोधकर्ता विद्यार्थियों की अध्ययन की आदतों का प्रेक्षण कर सकता है, जैसे कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, समय पर कार्य जमा करना आदि।
- पूर्वानुमान का लक्ष्य क्या है? Answer: यदि आप व्यवहार को सही ढंग से समझ सकते हैं, तो आप भविष्यवाणी कर सकते हैं कि वह व्यवहार किन परिस्थितियों में घटित हो सकता है।
- मनोवैज्ञानिक जाँच में नैतिक मुद्दे क्यों महत्वपूर्ण हैं? Answer: यह सुनिश्चित करने के लिए कि अनुसंधान प्रतिभागियों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा हो।
Practice MCQs
Q1. मनोवैज्ञानिक जाँच का एक लक्ष्य क्या है जो व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारकों को बदलने से संबंधित है?
Explanation: नियंत्रण का लक्ष्य व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारकों को बदलकर उसे वांछित दिशा में ले जाना है।
Q2. जब शोधकर्ता विद्यार्थियों की अध्ययन की आदतों का अवलोकन करता है, तो वह किस विधि का उपयोग कर रहा होता है?
Explanation: यह प्रेक्षण विधि का एक उदाहरण है, जहाँ व्यवहार का सीधे अवलोकन करके जानकारी एकत्र की जाती है।
Q3. यदि आप जानते हैं कि एक छात्र कितना समय अध्ययन करता है, तो आप परीक्षा में उसके अंकों की भविष्यवाणी कर सकते हैं। यह किस लक्ष्य का उदाहरण है?
Explanation: यह पूर्वानुमान का एक उदाहरण है, जहाँ एक चर (अध्ययन का समय) के आधार पर दूसरे चर (परीक्षा अंक) का अनुमान लगाया जाता है।
Q4. मनोविज्ञान में 'गोचर' (phenomena) का क्या अर्थ है?
Explanation: मनोविज्ञान में गोचर का अर्थ उन सभी चीजों से है जिनका अध्ययन किया जाता है: अनुभव, व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाएँ।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सी एक मनोवैज्ञानिक जाँच की विधि नहीं है?
Explanation: भौतिकी विधि मनोविज्ञान में जाँच की एक विधि नहीं है; मनोविज्ञान में प्रेक्षण, प्रयोग, सहसंबंध आदि विधियाँ प्रयुक्त होती हैं।
Frequently asked questions
मनोविज्ञान में जाँच के मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
मनोविज्ञान में जाँच के मुख्य लक्ष्य व्यवहार का वर्णन, पूर्वानुमान, व्याख्या, नियंत्रण और अर्जित ज्ञान का अनुप्रयोग करना है।
मनोवैज्ञानिक किस प्रकार के डेटा (प्रदत्त) का उपयोग करते हैं?
मनोवैज्ञानिक विभिन्न प्रकार के डेटा का उपयोग करते हैं, जिसमें अवलोकन, प्रयोगों के परिणाम, सर्वेक्षण प्रतिक्रियाएँ, मनोवैज्ञानिक परीक्षण स्कोर और केस स्टडी की जानकारी शामिल है।
मनोवैज्ञानिक जाँच में 'पूर्वानुमान' का क्या अर्थ है?
पूर्वानुमान का अर्थ है कि यदि आप व्यवहार को अच्छी तरह से समझ सकते हैं, तो आप भविष्यवाणी कर सकते हैं कि कुछ निश्चित परिस्थितियों में वह व्यवहार कैसे घटित हो सकता है।
मनोविज्ञान में 'प्रेक्षण विधि' क्या है?
प्रेक्षण विधि में मनोवैज्ञानिक किसी व्यवहार या घटना का सीधे अवलोकन करके जानकारी एकत्र करते हैं।
मनोवैज्ञानिक जाँच में 'नैतिक मुद्दे' क्यों महत्वपूर्ण हैं?
नैतिक मुद्दे यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि अनुसंधान प्रतिभागियों की गरिमा, गोपनीयता और कल्याण की रक्षा हो, और अनुसंधान निष्पक्ष और ईमानदार हो।
क्या मनोविज्ञान में केवल एक ही जाँच विधि का उपयोग किया जाता है?
नहीं, मनोविज्ञान में मानव व्यवहार की जटिलता के कारण विभिन्न प्रकार की जाँच विधियों का उपयोग किया जाता है, जैसे प्रेक्षण, प्रयोग, सर्वेक्षण, परीक्षण आदि।
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NCERT Class 11 Psychology — Manovigyan — Chapter 2 — मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.