NCERT Class 11 Political Science Raajneeti Sidhant: Chapter 8 — धर्मनिरपेक्षता

NCERT CBSE Class 11 Political Science Raajneeti Sidhant Chapter 8 Hindi PDF

This chapter, 'Nirapekshata' (Secularism), from NCERT's Class 11 Political Science book 'Raajneeti Sidhant', explores the concept of secularism in the context of India. It addresses the challenge of ensuring equality for diverse cultures and communities within a democratic state. The chapter delves into the debates surrounding secularism in India, acknowledging its widespread acceptance by politicians and parties, yet also highlighting persistent concerns and opposition from various groups. It questions whether secularism is suitable for societies where religion deeply influences personal lives, if it's a Western import, and if it leads to appeasement of minorities or opposition to religion. Ultimately, the chapter aims to help students understand the significance of secularism in a democratic society like India and its unique characteristics.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectPolitical Science
BookRaajneeti Sidhant
ChapterChapter 8 — धर्मनिरपेक्षता
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count595

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
धर्मनिरपेक्षताSecularism
लोकतांत्रिकDemocratic
समानताEquality
अवधारणाConcept
सार्वजनिकPublic
परिचर्चाओंDiscussions
पेचीदाComplicated/Complex
राजनीतिकPolitical
अल्पसंख्यकोंMinorities
तुष्टीकरणAppeasement
भेदभावDiscrimination
उत्पीड़नPersecution

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता की स्थिति को लेकर कुछ मामले पेचीदा क्यों हैं? Answer: क्योंकि एक ओर जहाँ हर राजनेता इसकी शपथ लेता है, वहीं दूसरी ओर तमाम चिंताएँ और संदेह इसे घेरे रहते हैं, और इसका विरोध भी होता है।
  2. धर्मधर्मनिरपेक्षता का एक प्रमुख सिद्धांत क्या है? Answer: धर्मधर्मनिरपेक्षता का एक प्रमुख सिद्धांत अंतर-धार्मिक द्वेष का विरोध करना है।
  3. पाठ में दिए गए तीन उदाहरणों में क्या बात सामान्य है? Answer: इन सभी उदाहरणों में किसी न किसी रूप में भेदभाव है, जहाँ किसी एक धार्मिक समुदाय के लोगों को उनकी पहचान के कारण सताया गया।
  4. धर्मधर्मनिरपेक्षता का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू क्या है? Answer: पाठ के अनुसार, धर्मधर्मनिरपेक्षता का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू अभी बताया जाना बाकी है।

Practice MCQs

Q1. भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता की अवधारणा पर अक्सर क्या मौजूद रहता है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन धर्मधर्मनिरपेक्षता का विरोध करने वालों में शामिल हो सकते हैं?

Q3. धर्मधर्मनिरपेक्षता का एक प्रमुख सिद्धांत क्या है?

Q4. 1984 में दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में किस समुदाय के लोग मारे गए थे?

Q5. कश्मीरी पंडितों को किस कारण अपना घर छोड़ने के लिए विवश किया गया?

Frequently asked questions

धर्मधर्मनिरपेक्षता का क्या अर्थ है?

धर्मधर्मनिरपेक्षता एक ऐसा सिद्धांत है जो अंतर-धार्मिक द्वेष का विरोध करता है और विभिन्न संस्कृतियों व समुदायों के बीच समानता सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।

भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता को लेकर क्या चिंताएँ हैं?

भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता को लेकर यह चिंताएँ हैं कि क्या यह उन समाजों के लिए उपयुक्त है जहाँ धर्म का व्यक्तिगत जीवन पर गहरा असर है, और क्या इससे अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण होता है।

क्या धर्मधर्मनिरपेक्षता एक पश्चिमी अवधारणा है?

यह एक बहस का विषय है कि क्या धर्मधर्मनिरपेक्षता भारतीय मिट्टी में रोपा गया एक पश्चिमी पौधा है।

पाठ में दिए गए उदाहरण किस समस्या को दर्शाते हैं?

पाठ में दिए गए उदाहरण (जैसे 1984 के सिख दंगे, कश्मीरी पंडितों का विस्थापन, गुजरात दंगे) धार्मिक पहचान के कारण होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न को दर्शाते हैं।

धर्मधर्मनिरपेक्षता का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?

धर्मधर्मनिरपेक्षता का एक प्रमुख उद्देश्य नागरिकों के एक समूह को उनकी धार्मिक पहचान के कारण बुनियादी आज़ादी से वंचित होने से बचाना है।

इस अध्याय के अंत में छात्र क्या सीख पाएंगे?

इस अध्याय के अंत में छात्र भारत जैसे लोकतांत्रिक समाज में धर्मधर्मनिरपेक्षता के महत्व और भारतीय धर्मधर्मनिरपेक्षता की विशिष्टता के बारे में सीख पाएंगे।

Related resources

Important topics

धर्मधर्मनिरपेक्षता क्या है? भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता की बहस धर्मधर्मनिरपेक्षता और भेदभाव अंतर-धार्मिक द्वेष का विरोध भारतीय धर्मधर्मनिरपेक्षता की विशिष्टता

Topics covered

धर्मधर्मनिरपेक्षता का परिचय भारत में धर्मधर्मनिरपेक्षता की स्थिति धर्मधर्मनिरपेक्षता पर चिंताएँ और संदेह धर्मधर्मनिरपेक्षता का विरोध धर्मधर्मनिरपेक्षता की उपयुक्तता पश्चिमी पौध बनाम भारतीय मिट्टी अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण धर्मधर्मनिरपेक्षता और धर्म-विरोध अंतर-धार्मिक द्वेष नागरिकों के अधिकार भेदभाव के रूप धार्मिक पहचान

NCERT Class 11 Political Science — Raajneeti Sidhant — Chapter 8 — धर्मनिरपेक्षता. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.