NCERT Class 11 Physics Bhautiki-II: Chapter 1 — अध्याय 8 – ठोसों के यांत्रिक गुण
यह अध्याय ठोसों के यांत्रिक गुणों का अध्ययन प्रस्तुत करता है, जो अध्याय 7 में पिण्डों के घूर्णन के अध्ययन के बाद आता है। यह बताता है कि ठोस पिण्ड पूर्ण रूप से दृढ़ नहीं होते और बाहरी बल लगाने पर विकृत हो सकते हैं। अध्याय प्रत्यास्थता (बाहरी बल हटाने पर प्रारंभिक आकार पुनः प्राप्त करने का गुण) और प्लास्टिसिटी (स्थायी विरूपण) जैसी अवधारणाओं को परिभाषित करता है। यह अभियांत्रिकी डिजाइन में प्रत्यास्थ व्यवहार के महत्व पर प्रकाश डालता है, जैसे कि इमारतों, पुलों और वाहनों के डिजाइन में। अध्याय प्रतिबल (एकांक क्षेत्रफल पर प्रत्यानयन बल) और विकृति (आकार या आयतन में परिवर्तन) की अवधारणाओं को पेश करता है, जिसमें तनन, संपीडन और अपरूपण प्रतिबल और विकृति शामिल हैं। यह विभिन्न प्रकार के विरूपणों और उनके मापन के लिए सूत्र भी प्रदान करता है, जो छात्रों को ठोस पदार्थों के व्यवहार को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-II |
| Chapter | Chapter 1 — अध्याय 8 – ठोसों के यांत्रिक गुण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 469 |
Learning outcomes
- ठोसों के प्रत्यास्थता और प्लास्टिसिटी के गुणों को समझना।
- प्रतिबल और विकृति की अवधारणाओं को परिभाषित करना और उनके प्रकारों को पहचानना।
- तनन, संपीडन और अपरूपण प्रतिबल और विकृति के बीच अंतर करना।
- अभियांत्रिकी डिजाइन में ठोसों के यांत्रिक गुणों के अनुप्रयोगों को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| दृढ़ पिण्ड | एक कठोर ठोस पदार्थ जिसकी निश्चित आकृति तथा आकार हो। |
| विरूपित | किसी वस्तु के आकार या आकृति में परिवर्तन करना। |
| प्रत्यास्थता | किसी पिण्ड का वह गुण जिससे वह प्रत्यारोपित बल हटाने पर अपनी प्रारंभिक आकृति एवं आकार को पुनः प्राप्त कर लेता है। |
| प्रत्यास्थ विरूपण | विरूपण जो बल हटाने पर ठीक हो जाता है। |
| प्लास्टिकता | किसी पदार्थ का वह गुण जिससे वह स्थायी रूप से विरूपित हो जाता है। |
| प्रतिबल | एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला प्रत्यानयन बल। |
| विवृफति | आकृति या आकार में सापेक्ष परिवर्तन। |
| तनन प्रतिबल | एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला वह प्रत्यानयन बल जो किसी वस्तु को खींचता है। |
| संपीडन प्रतिबल | एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला वह प्रत्यानयन बल जो किसी वस्तु को दबाता है। |
| अनुर्दै प्रतिबल | तनन या संपीडन प्रतिबल। |
| अनुर्दै विवृफति | लंबाई में परिवर्तन तथा प्रारंभिक लंबाई का अनुपात। |
| अपरूपण प्रतिबल | एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला वह प्रत्यानयन बल जो किसी वस्तु को स्पर्शरेखीय रूप से विकृत करता है। |
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Practice questions
- प्रत्यास्थता और प्लास्टिसिटी में क्या अंतर है? Answer: प्रत्यास्थता वह गुण है जिसके कारण कोई वस्तु बल हटाने पर अपना मूल आकार प्राप्त कर लेती है, जबकि प्लास्टिसिटी वह गुण है जिसके कारण वस्तु स्थायी रूप से विकृत हो जाती है।
- प्रतिबल को परिभाषित करें। इसकी SI इकाई क्या है? Answer: प्रतिबल एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला प्रत्यानयन बल है। इसकी SI इकाई N/m² (पास्कल) है।
- विवृफति क्या है? Answer: विवृफति किसी वस्तु के आकार या आकृति में सापेक्ष परिवर्तन है।
- तनन प्रतिबल और संपीडन प्रतिबल में क्या अंतर है? Answer: तनन प्रतिबल वस्तु को खींचने का प्रयास करता है, जबकि संपीडन प्रतिबल वस्तु को दबाने का प्रयास करता है।
Practice MCQs
Q1. किसी पिण्ड का वह गुण जिससे वह प्रत्यारोपित बल को हटाने पर अपनी प्रारंभिक आकृति एवं आकार को पुनः प्राप्त कर लेता है, क्या कहलाता है?
Explanation: प्रत्यास्थता वह गुण है जिसके कारण कोई वस्तु बल हटाने पर अपना मूल आकार पुनः प्राप्त कर लेती है।
Q2. एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले प्रत्यानयन बल को क्या कहते हैं?
Explanation: प्रतिबल को एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले प्रत्यानयन बल के रूप में परिभाषित किया गया है।
Q3. जब किसी वस्तु को खींचा जाता है तो उस पर कौन सा प्रतिबल कार्य करता है?
Explanation: तनन प्रतिबल वह प्रतिबल है जो किसी वस्तु को खींचने या लंबा करने का प्रयास करता है।
Q4. किसी वस्तु के आकार या आकृति में सापेक्ष परिवर्तन को क्या कहते हैं?
Explanation: विवृफति किसी वस्तु के आयामों में सापेक्ष परिवर्तन को दर्शाती है।
Q5. इस्पात, कंक्रीट आदि पदार्थों के प्रत्यास्थ प्रवृत्ति का ज्ञान किसके लिए आवश्यक है?
Explanation: इंजीनियरिंग डिजाइन में विभिन्न संरचनाओं के लिए पदार्थों के प्रत्यास्थ व्यवहार का ज्ञान महत्वपूर्ण है।
Frequently asked questions
ठोसों के यांत्रिक गुण क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ठोसों के यांत्रिक गुण पुलों, इमारतों, वाहनों और अन्य संरचनाओं के डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण हैं ताकि वे बाहरी बलों का सामना कर सकें।
क्या सभी ठोस पूरी तरह से दृढ़ होते हैं?
नहीं, कोई भी ठोस पूरी तरह से दृढ़ नहीं होता है। बाहरी बल लगाने पर सभी ठोसों में कुछ हद तक विरूपण होता है।
प्रत्यास्थता और प्लास्टिसिटी में मुख्य अंतर क्या है?
प्रत्यास्थता में वस्तु बल हटाने पर अपना मूल आकार प्राप्त कर लेती है, जबकि प्लास्टिसिटी में वस्तु स्थायी रूप से विकृत हो जाती है।
प्रतिबल का क्या अर्थ है?
प्रतिबल एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले आंतरिक प्रत्यानयन बल को कहते हैं जो विरूपण का विरोध करता है।
विवृफति को कैसे मापा जाता है?
विवृफति को आमतौर पर आयामों में सापेक्ष परिवर्तन के रूप में मापा जाता है, जैसे लंबाई में परिवर्तन या कोण में परिवर्तन।
अपरूपण प्रतिबल कब उत्पन्न होता है?
अपरूपण प्रतिबल तब उत्पन्न होता है जब किसी वस्तु पर स्पर्शरेखीय बल लगाया जाता है, जिससे उसके समानांतर सतहों के बीच सापेक्ष विस्थापन होता है।
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NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-II — Chapter 1 — अध्याय 8 – ठोसों के यांत्रिक गुण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.