NCERT Class 11 Physics Bhautiki-I: Chapter 3 — समतल में गति
यह अध्याय, 'समतल में गति', भौतिकी की कक्षा 11 के लिए NCERT की पुस्तक 'भौतिकी-I' का 28वां अध्याय है। यह अध्याय सरल रेखीय गति से आगे बढ़कर समतल (द्विविमीय) और त्रिविमीय गति का अध्ययन करने के लिए सदिशों की अवधारणा का परिचय देता है। इसमें सदिशों को जोड़ने, घटाने और गुणा करने की विधियों पर चर्चा की गई है, जो वेग और त्वरण जैसी राशियों को परिभाषित करने के लिए आवश्यक हैं। अध्याय समतल में गति के उदाहरणों, जैसे एकसमान त्वरित गति और प्रक्षेप्य गति, पर विस्तार से चर्चा करता है। यह एकसमान वृत्तीय गति के महत्व को भी रेखांकित करता है, जिसका दैनिक जीवन में विशेष महत्व है। अंत में, यह बताता है कि इस अध्याय में प्राप्त समीकरणों को त्रिविमीय गति के लिए भी विस्तारित किया जा सकता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 3 — समतल में गति |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 7 minutes |
| Word count | 1305 |
Learning outcomes
- सदिशों की अवधारणा और उनके गुणों को समझना।
- अदिश और सदिश राशियों के बीच अंतर करना।
- समतल में गति के लिए सदिशों का उपयोग करना।
- प्रक्षेप्य गति और एकसमान वृत्तीय गति के सिद्धांतों का विश्लेषण करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| सदिश | वह राशि जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। |
| अदिश | वह राशि जिसमें केवल परिमाण होता है। |
| विस्थापन सदिश | किसी वस्तु की प्रारंभिक स्थिति को अंतिम स्थिति से जोड़ने वाला सदिश। |
| प्रक्षेप्य गति | गुरुत्वाकर्षण के अधीन किसी वस्तु की गति जो क्षैतिज से किसी कोण पर फेंकी जाती है। |
| वृत्तीय गति | किसी वृत्त के अनुदिश गति। |
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Practice questions
- अदिश और सदिश राशियों में मुख्य अंतर क्या है? Answer: अदिश राशि में केवल परिमाण होता है, जबकि सदिश राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
- क्या विस्थापन एक अदिश या सदिश राशि है? क्यों? Answer: विस्थापन एक सदिश राशि है क्योंकि इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
- किसी सदिश के परिमाण को कैसे व्यक्त किया जाता है? Answer: किसी सदिश के परिमाण को उसके परम मान द्वारा व्यक्त किया जाता है, जिसे |v| = v द्वारा दर्शाया जाता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी एक सदिश राशि है?
Explanation: वेग एक सदिश राशि है क्योंकि इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
Q2. एक अदिश राशि को कैसे व्यक्त किया जाता है?
Explanation: अदिश राशि को केवल एक संख्या और उचित मात्रक द्वारा व्यक्त किया जा सकता है, अर्थात केवल परिमाण द्वारा।
Q3. सदिशों को जोड़ने के लिए किस नियम का पालन किया जाता है?
Explanation: सदिशों को जोड़ने के लिए त्रिभुज के नियम अथवा समानांतर चतुर्भुज के योग संबंधी नियम का पालन किया जाता है।
Q4. किसी वस्तु की संहति (द्रव्यमान) किस प्रकार की राशि है?
Explanation: द्रव्यमान एक अदिश राशि है क्योंकि इसमें केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं।
Q5. यदि किसी आयत की लंबाई 1.0 m और चौड़ाई 0.5 m है, तो उसका परिमाप क्या होगा?
Explanation: परिमाप = 2 * (लंबाई + चौड़ाई) = 2 * (1.0 m + 0.5 m) = 3.0 m। परिमाप एक अदिश राशि है।
Frequently asked questions
भौतिकी में सदिश और अदिश राशियों में क्या अंतर है?
अदिश राशियों में केवल परिमाण होता है, जबकि सदिश राशियों में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। उदाहरण के लिए, द्रव्यमान अदिश है, जबकि वेग सदिश है।
समतल में गति का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
समतल में गति का अध्ययन हमें द्विविमीय और त्रिविमीय गतियों को समझने में मदद करता है, जो वास्तविक दुनिया की कई घटनाओं के लिए आवश्यक है, जैसे कि प्रक्षेप्य गति और वृत्तीय गति।
प्रक्षेप्य गति क्या है?
प्रक्षेप्य गति वह गति है जो गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में किसी वस्तु द्वारा की जाती है जब उसे क्षैतिज से किसी कोण पर फेंका जाता है।
एकसमान वृत्तीय गति का क्या अर्थ है?
एकसमान वृत्तीय गति वह गति है जिसमें कोई वस्तु एक वृत्त के अनुदिश स्थिर चाल से चलती है। इस गति में वेग की दिशा लगातार बदलती रहती है।
सदिशों को जोड़ने के लिए किन नियमों का उपयोग किया जाता है?
सदिशों को जोड़ने के लिए त्रिभुज के नियम या समानांतर चतुर्भुज के नियम का उपयोग किया जाता है।
क्या सदिशों को सामान्य बीजगणित की तरह जोड़ा जा सकता है?
नहीं, सदिशों को सामान्य बीजगणित की तरह नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि उनकी दिशा भी महत्वपूर्ण होती है। उन्हें विशेष सदिश योग नियमों का पालन करना होता है।
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NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-I — Chapter 3 — समतल में गति. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.