NCERT Class 11 Physics Bhautiki-I: Chapter 7 — गुरुत्वाकर्षण
Chapter 7 of NCERT Class 11 Physics, Bhautiki-I, introduces the concept of Gravitation (गुरुत्वाकर्षण). It begins by discussing the everyday observation of objects falling towards Earth and the effort required to move upwards. The chapter credits Galileo Galilei for recognizing that all bodies accelerate towards Earth uniformly, regardless of their mass, and for conducting experiments with inclined planes to estimate gravitational acceleration. It then delves into the historical context of celestial observations, starting from ancient models like Ptolemy's geocentric system, which proposed that all celestial bodies orbit Earth. The text highlights the shift towards the heliocentric model, first proposed by Nicolaus Copernicus, where planets orbit the Sun. It introduces Johannes Kepler's three laws of planetary motion, derived from Tycho Brahe's extensive observations, which describe elliptical orbits and equal areas swept in equal times. These laws were foundational for Isaac Newton's universal law of gravitation. The chapter also explains how to draw an ellipse and defines its key parameters like foci, center, and semi-major axis, contrasting it with a circle. This chapter lays the groundwork for understanding gravitational forces and their effects on celestial bodies and objects on Earth.
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 7 — गुरुत्वाकर्षण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 6 minutes |
| Word count | 1007 |
Learning outcomes
- Understand the historical development of gravitational theories from geocentric to heliocentric models.
- Learn about Galileo's contributions to understanding gravitational acceleration.
- Study Kepler's three laws of planetary motion.
- Understand the definition and properties of an ellipse.
- Grasp the foundational concepts leading to Newton's law of gravitation.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| गुरुत्वाकर्षण | Gravitation |
| त्वरण | Acceleration |
| भूकेन्द्री | Geocentric |
| सूर्यकेन्द्री | Heliocentric |
| दीर्घवृत्त | Ellipse |
| कक्षा | Orbit |
| नाभि | Focus |
| अर्धदीर्घ अक्ष | Semi-major axis |
| क्षेत्रफल | Area |
| प्रेक्षण | Observation |
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Practice questions
- गैलीलियो ने गुरुत्वीय त्वरण के बारे में क्या मान्यता प्रदान की? Answer: गैलीलियो ने मान्यता प्रदान की कि सभी पिण्ड, चाहे उनके द्रव्यमान कुछ भी हों, एकसमान त्वरण से पृथ्वी की ओर त्वरित होते हैं।
- टॉलेमी के भूकेन्द्री मॉडल के अनुसार क्या सत्य था? Answer: टॉलेमी के भूकेन्द्री मॉडल के अनुसार, सभी आकाशीय पिण्ड, तारे, सूर्य तथा ग्रह पृथ्वी की परिक्रमा करते थे।
- कोपरनिकस के मॉडल की मुख्य विशेषता क्या थी? Answer: कोपरनिकस के मॉडल की मुख्य विशेषता यह थी कि सभी ग्रह, केन्द्रीय स्थान पर स्थित स्थिर सूर्य के परित: वृत्तों में परिक्रमा करते हैं।
- केप्लर के नियमों का आधार क्या था? Answer: केप्लर के नियमों का आधार टायको ब्रेह द्वारा नंगी आँखों से ग्रहों के किए गए विस्तृत प्रेक्षणों के आँकड़े थे।
- दीर्घवृत्त की नाभि किसे कहते हैं? Answer: दीर्घवृत्त को खींचने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो स्थिर बिन्दु F1 तथा F2 दीर्घवृत्त की नाभि कहलाते हैं।
Practice MCQs
Q1. किस वैज्ञानिक ने यह मान्यता प्रदान की कि सभी पिण्ड एकसमान त्वरण से पृथ्वी की ओर त्वरित होते हैं?
Explanation: गैलीलियो गैलिली ने यह मान्यता प्रदान की कि सभी पिण्ड, चाहे उनके द्रव्यमान कुछ भी हों, एकसमान त्वरण से पृथ्वी की ओर त्वरित होते हैं।
Q2. टॉलेमी द्वारा प्रस्तावित मॉडल का नाम क्या था?
Explanation: टॉलेमी ने 'भूकेन्द्री' मॉडल प्रस्तावित किया था, जिसके अनुसार सभी आकाशीय पिण्ड पृथ्वी की परिक्रमा करते थे।
Q3. किस वैज्ञानिक ने ग्रहों की गतियों का सूर्यकेन्द्री मॉडल प्रस्तावित किया?
Explanation: निकोलस कोपरनिकस ने एक सूर्यकेन्द्री मॉडल प्रस्तावित किया जिसके अनुसार सभी ग्रह सूर्य के परित: वृत्तों में परिक्रमा करते हैं।
Q4. केप्लर के नियमों के अनुसार, ग्रह किस प्रकार की कक्षाओं में गति करते हैं?
Explanation: केप्लर के कक्षाओं के नियम के अनुसार, सभी ग्रह दीर्घवृत्तीय कक्षाओं में गति करते हैं तथा सूर्य इसकी एक नाभि पर स्थित होता है।
Q5. केप्लर के क्षेत्रफल के नियम के अनुसार, सूर्य से किसी ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय अंतरालों में क्या करती है?
Explanation: केप्लर के क्षेत्रफल के नियम के अनुसार, सूर्य से किसी ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है।
Q6. दीर्घवृत्त के वे दो स्थिर बिन्दु क्या कहलाते हैं जिनका उपयोग उसे खींचने में होता है?
Explanation: दीर्घवृत्त को खींचने के लिए उपयोग किए जाने वाले दो स्थिर बिन्दु F1 तथा F2 दीर्घवृत्त की नाभि कहलाते हैं।
Frequently asked questions
गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन कब और किसने शुरू किया?
गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन प्राचीन काल से ही होता रहा है, लेकिन गैलीलियो गैलिली ने 16वीं-17वीं शताब्दी में इसके त्वरण संबंधी पहलुओं पर महत्वपूर्ण कार्य किया। बाद में केप्लर और न्यूटन ने इसे व्यवस्थित रूप दिया।
भूकेन्द्री मॉडल क्या था?
भूकेन्द्री मॉडल एक प्राचीन खगोलीय मॉडल था जिसके अनुसार पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में थी और सूर्य, चंद्रमा, तारे और ग्रह सभी पृथ्वी की परिक्रमा करते थे।
सूर्यकेन्द्री मॉडल की मुख्य विशेषता क्या है?
सूर्यकेन्द्री मॉडल के अनुसार, सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित है और पृथ्वी सहित सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
केप्लर के नियमों का क्या महत्व है?
केप्लर के नियम ग्रहों की गति का वर्णन करते हैं और न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम को विकसित करने के लिए आधार प्रदान करते हैं।
दीर्घवृत्त और वृत्त में क्या अंतर है?
वृत्त एक विशेष प्रकार का दीर्घवृत्त होता है जिसमें दोनों नाभियाँ एक ही बिंदु पर (केंद्र पर) होती हैं, और सभी बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होते हैं (त्रिज्या)। दीर्घवृत्त में दो अलग-अलग नाभियाँ होती हैं।
केप्लर के क्षेत्रफल के नियम का क्या अर्थ है?
इस नियम का अर्थ है कि ग्रह सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षा में घूमते समय, सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करती है। इसका मतलब है कि जब ग्रह सूर्य के करीब होता है तो वह तेज चलता है और जब दूर होता है तो धीमा।
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NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-I — Chapter 7 — गुरुत्वाकर्षण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.