NCERT Class 11 Physics Bhautiki-I: Chapter 1 — मात्रक एवं मापन
यह अध्याय NCERT कक्षा 11 भौतिकी, 'भौतिकी-I' पुस्तक का पहला अध्याय, 'मात्राक एवं मापन' है। यह भौतिक राशियों के मापन की अवधारणा का परिचय देता है, जिसमें मात्राक (यूनिट) को एक मानक से तुलना के रूप में परिभाषित किया गया है। अध्याय विभिन्न मापन प्रणालियों जैसे CGS, FPS, और MKS का संक्षिप्त अवलोकन प्रदान करता है, और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत SI (Système International d'Unités) प्रणाली पर विस्तार से चर्चा करता है। इसमें सात मूल SI मात्राकों (लंबाई, द्रव्यमान, समय, विद्युत धारा, ऊष्मागतिक ताप, पदार्थ की मात्रा, ज्योति-तीव्रता) और दो पूरक मात्राकों (समतलीय कोण और घन कोण) का वर्णन है, साथ ही उनकी परिभाषाएँ और प्रतीक भी दिए गए हैं। अध्याय यह भी बताता है कि कैसे व्युत्पन्न राशियों के मात्राकों को मूल मात्राकों से प्राप्त किया जा सकता है। यह छात्रों को भौतिकी के अध्ययन के लिए आवश्यक मात्राकों की समझ विकसित करने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 1 — मात्रक एवं मापन |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 6 minutes |
| Word count | 1016 |
Learning outcomes
- भौतिक राशियों के मापन की अवधारणा को समझना।
- विभिन्न मापन प्रणालियों (CGS, FPS, MKS) और SI प्रणाली से परिचित होना।
- सात मूल SI राशियों और उनके मात्रकों को पहचानना और परिभाषित करना।
- समतलीय कोण और घन कोण जैसे पूरक मात्राकों को समझना।
- मूल और व्युत्पन्न मात्राकों के बीच संबंध स्थापित करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| मात्राक | किसी भौतिक राशि के मापन के लिए प्रयुक्त मानक (Unit) |
| मूल राशि | वे राशियाँ जिन्हें अन्य राशियों के पदों में व्यक्त नहीं किया जा सकता (Fundamental Quantity) |
| मूल मात्राक | मूल राशियों को व्यक्त करने वाले मात्रक (Fundamental Unit) |
| व्युत्पन्न राशि | वे राशियाँ जिन्हें मूल राशियों के पदों में व्यक्त किया जा सकता है (Derived Quantity) |
| व्युत्पन्न मात्राक | व्युत्पन्न राशियों को व्यक्त करने वाले मात्रक (Derived Unit) |
| SI प्रणाली | मात्राकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (International System of Units) |
| समतलीय कोण | वृत्त के चाप की लम्बाई और त्रिज्या का अनुपात (Plane Angle) |
| घन कोण | गोलीय पृष्ठ के क्षेत्रफल और त्रिज्या के वर्ग का अनुपात (Solid Angle) |
| रेडियन | समतलीय कोण का SI मात्रक (Radian) |
| स्टेरेडियन | घन कोण का SI मात्रक (Steradian) |
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Practice questions
- मापन से आप क्या समझते हैं? Answer: किसी भौतिक राशि का मापन, एक निश्चित, आधरभूत, यादृच्छिक रूप से चुने गए मान्यताप्राप्त, र्सं-मानक से इस राशि की तुलना करना है।
- मात्राक किसे कहते हैं? Answer: किसी भौतिक राशि के मापन के लिए प्रयुक्त र्सं-मानक को मात्राक कहते हैं।
- मूल राशियाँ किन्हें कहते हैं? Answer: वे राशियाँ जिन्हें व्यक्त करने के लिए अन्य राशियों की आवश्यकता नहीं होती, मूल राशियाँ कहलाती हैं।
- SI प्रणाली में कितने मूल मात्राक हैं? Answer: SI प्रणाली में सात मूल मात्राक हैं।
- समतलीय कोण का मात्रक क्या है? Answer: समतलीय कोण का मात्रक रेडियन (rad) है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी एक मूल राशि नहीं है?
Explanation: आयतन एक व्युत्पन्न राशि है क्योंकि इसे लंबाई की घात के रूप में व्यक्त किया जाता है (लंबाई x चौड़ाई x ऊँचाई)। लंबाई, द्रव्यमान और समय मूल राशियाँ हैं।
Q2. SI प्रणाली में विद्युत धारा का मात्रक क्या है?
Explanation: एम्पियर (A) विद्युत धारा की मूल SI इकाई है। वोल्ट विभव का, ओम प्रतिरोध का और कूलॉम आवेश का मात्रक है।
Q3. एक रेडियन कितने डिग्री के बराबर होता है (लगभग)?
Explanation: एक रेडियन लगभग 57.3 डिग्री के बराबर होता है। यह समतलीय कोण की माप की एक इकाई है।
Q4. मात्राकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI) को किस वर्ष विकसित किया गया था?
Explanation: SI प्रणाली की योजना 1971 में अंतर्राष्ट्रीय माप-तोल ब्यूरो (BIPM) द्वारा विकसित की गई थी।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा एक पूरक SI मात्रक है?
Explanation: रेडियन (समतलीय कोण के लिए) और स्टेरेडियन (घन कोण के लिए) SI प्रणाली में दो पूरक मात्रक हैं।
Frequently asked questions
मापन क्या है?
मापन किसी भौतिक राशि की तुलना एक ज्ञात मानक (मात्राक) से करना है।
SI प्रणाली क्या है?
SI (Système International d'Unités) मात्राकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली है, जो वैज्ञानिक, तकनीकी और व्यापारिक कार्यों में विश्व स्तर पर स्वीकृत है।
SI प्रणाली में कितनी मूल राशियाँ हैं?
SI प्रणाली में सात मूल राशियाँ हैं: लंबाई, द्रव्यमान, समय, विद्युत धारा, ऊष्मागतिक ताप, पदार्थ की मात्रा और ज्योति-तीव्रता।
समतलीय कोण और घन कोण क्या हैं?
समतलीय कोण एक समतल में दो रेखाओं के बीच का कोण है, जबकि घन कोण एक त्रिविमीय कोण है जो किसी बिंदु पर एक सतह द्वारा बनाया जाता है।
रेडियन और स्टेरेडियन के मात्रक क्या हैं?
रेडियन (rad) समतलीय कोण का मात्रक है और स्टेरेडियन (sr) घन कोण का मात्रक है।
क्या SI मात्रक दाशमिक (decimal) हैं?
हाँ, SI मात्रक दाशमिक प्रवृत्ति के हैं, जिससे रूपांतरण अत्यंत सुगम और सुविधाजनक होता है।
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NCERT Class 11 Physics — Bhautiki-I — Chapter 1 — मात्रक एवं मापन. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.