NCERT Class 11 Home Science Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-II: Chapter 5 — 12. अध्याय 12 – वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव
यह अध्याय, 'वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव', कक्षा 11 के गृह विज्ञान के छात्रों के लिए है। यह वस्त्रों के महत्व, उनकी देखभाल और रखरखाव की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। इसमें कपड़ों को बाहरी क्षति से बचाना, उनके रंग और रूप को बनाए रखना, दाग-धब्बे हटाना, चमक और बुनावट को संरक्षित करना, और सिलवटों को ठीक करना शामिल है। अध्याय मरम्मत की प्रक्रिया पर भी चर्चा करता है, जैसे कटे-फटे कपड़ों को ठीक करना और बटन या लेस को फिर से लगाना। धुलाई की प्रक्रिया, जिसमें दाग-धब्बे हटाना, गंदगी साफ करना, और कपड़ों को अंतिम रूप देना शामिल है, को विस्तार से समझाया गया है। विशेष रूप से, वनस्पति और जंतुजन्य दाग-धब्बों की पहचान और उन्हें हटाने के तरीकों पर जोर दिया गया है। यह अध्याय छात्रों को कपड़ों के प्रभावी रखरखाव के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Home Science |
| Book | Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-II |
| Chapter | Chapter 5 — 12. अध्याय 12 – वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 636 |
Learning outcomes
- विभिन्न प्रकार के कपड़ों की देखभाल तथा रखरखाव के विभिन्न पहलुओं को समझना।
- विभिन्न प्रकार के दाग-धब्बे हटाने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करना।
- धुलाई की प्रक्रिया की पहचान करना।
- धुलाई में पानी, साबुन तथा डिटर्जेंट की भूमिका को समझना।
- कपड़ों की विशिष्टताओं के अनुसार उनके प्रयोग तथा देखभाल करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| रखरखाव | देखभाल और संरक्षण |
| परिचय | शुरुआत या प्रस्तावना |
| परिवेश | आस-पास का वातावरण |
| उत्पाद | वस्तु या सामग्री |
| बुनावट | कपड़े की बनावट या ताना-बाना |
| उपयोगिता | काम आने की क्षमता |
| विशेषताएँ | गुण या लक्षण |
| क्षति | नुकसान |
| सिलवटों | कपड़े की तह या बल |
| मरम्मत | सुधार या ठीक करना |
| धुलाई | कपड़े धोना |
| दाग-धब्बे | अवांछित निशान या रंग |
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Practice questions
- वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव क्यों आवश्यक है? Answer: वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव इसलिए आवश्यक है ताकि वे बाहरी क्षति से मुक्त रहें, उनका रंग-रूप, चमक और बुनावट कायम रहे, और वे लंबे समय तक प्रयोग में लाए जा सकें।
- मरम्मत के अंतर्गत कौन-कौन सी क्रियाएं शामिल हैं? Answer: मरम्मत के अंतर्गत कटे, फटे, छेद हुए कपड़ों की मरम्मत करना, बटन/बंधनों को पुनः लगाना, और सिलाई/तुरपाई को ठीक करना शामिल है।
- धुलाई प्रक्रिया में क्या-क्या शामिल है? Answer: धुलाई प्रक्रिया में दाग-धब्बे हटाना, कपड़ों से गंदगी हटाना, सुंदर दिखने के लिए अंतिम रूप देना (जैसे नील लगाना), और उन्हें प्रयोग के लिए तैयार करने हेतु इस्त्री करना शामिल है।
- वनस्पति के दाग धब्बे क्या होते हैं और उन्हें कैसे हटाया जा सकता है? Answer: वनस्पति के दाग धब्बे चाय, कॉफी, फल और सब्जियों से लगते हैं। ये अम्लीय होते हैं और इन्हें क्षारीय माध्यम से हटाया जा सकता है।
- जंतुजन्य धब्बे क्या होते हैं और उन्हें कैसे हटाया जा सकता है? Answer: जंतुजन्य धब्बे रक्त, दूध, मांस, अंडे आदि से लगते हैं। ये प्रोटीनी होते हैं और इन्हें केवल ठंडे पानी में डिटर्जेंट का प्रयोग करके हटाया जा सकता है।
Practice MCQs
Q1. वस्त्रों की देखभाल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Explanation: वस्त्रों की देखभाल का मुख्य उद्देश्य कपड़ों को नुकसान से बचाना और उनके रंग, रूप, बुनावट और चमक को बनाए रखना है ताकि वे लंबे समय तक उपयोगी रहें।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सी क्रिया मरम्मत के अंतर्गत आती है?
Explanation: मरम्मत का अर्थ है कपड़ों को हुई क्षति, जैसे फटना या छेद होना, को ठीक करना। कपड़े धोना, इस्त्री करना और दाग हटाना धुलाई प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
Q3. चाय या कॉफी के दाग किस प्रकार के दाग माने जाते हैं?
Explanation: चाय और कॉफी जैसे दाग वनस्पति (पौधों) से प्राप्त होते हैं, इसलिए इन्हें वनस्पति के दाग कहा जाता है।
Q4. रक्त के दाग को हटाने के लिए किस प्रकार के पानी का प्रयोग करना चाहिए?
Explanation: रक्त के दाग जंतुजन्य और प्रोटीनी होते हैं, जिन्हें हटाने के लिए केवल ठंडे पानी का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि गर्म पानी प्रोटीन को कपड़े में स्थायी रूप से जमा सकता है।
Q5. कपड़ों की चमक और बुनावट को बनाए रखने के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
Explanation: कपड़ों की चमक और बुनावट को बनाए रखने के लिए उनकी उचित देखभाल और रखरखाव आवश्यक है, जिसमें सही धुलाई, दाग हटाना और मरम्मत शामिल है।
Frequently asked questions
वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव का क्या अर्थ है?
वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव का अर्थ है कपड़ों को बाहरी क्षति से बचाना, उनके रंग-रूप, चमक, बुनावट को बनाए रखना, दाग-धब्बे हटाना और सिलवटों को ठीक करना ताकि वे लंबे समय तक उपयोगी रहें।
कपड़ों की मरम्मत कब करनी चाहिए?
कपड़ों की मरम्मत जैसे कटे, फटे या छेद हुए कपड़ों को ठीक करना, धुलाई करने से पूर्व ही कर लेना सर्वोत्तम है, क्योंकि धुलाई की रगड़ से क्षति बढ़ सकती है।
दाग-धब्बा क्या होता है?
दाग-धब्बा एक अवांछित निशान या रंग का लगना है जो किसी बाहरी पदार्थ के संपर्क में आने से लगता है और जिसे सामान्य धुलाई से हटाया नहीं जा सकता।
वनस्पति के दाग धब्बे किनसे लगते हैं और उन्हें कैसे हटाएं?
वनस्पति के दाग धब्बे चाय, कॉफी, फल और सब्जियों से लगते हैं। ये अम्लीय होते हैं और इन्हें क्षारीय माध्यम से हटाया जा सकता है।
जंतुजन्य धब्बे क्या होते हैं और उन्हें हटाने के लिए क्या करें?
जंतुजन्य धब्बे रक्त, दूध, मांस, अंडे आदि से लगते हैं। ये प्रोटीनी होते हैं और इन्हें केवल ठंडे पानी में डिटर्जेंट का प्रयोग करके हटाया जा सकता है।
धुलाई प्रक्रिया में कपड़ों को अंतिम रूप देने का क्या मतलब है?
धुलाई प्रक्रिया में अंतिम रूप देने का अर्थ है कपड़ों को सुंदर दिखाने के लिए नील लगाना, सर्टा लगाना और उन्हें प्रयोग के लिए तैयार करने हेतु इस्त्री करना।
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NCERT Class 11 Home Science — Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-II — Chapter 5 — 12. अध्याय 12 – वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.