NCERT Class 11 History Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay: Chapter 7 — विश्व इतिहास के वुफछ विषय

NCERT CBSE Class 11 History Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay Chapter 7 Hindi PDF

यह अध्याय चीन और जापान के आधुनिकीकरण के रास्तों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। उन्नीसवीं सदी में जहाँ चीन छींग राजवंश के प्रभुत्व के बावजूद अशांति और औपनिवेशिक चुनौती का सामना करने में विफल रहा, वहीं जापान एक आधुनिक राष्ट्र-राज्य के रूप में उभरा, जिसने औद्योगिकीकरण किया और विस्तारवादी साम्राज्य की स्थापना की। चीन ने अपनी परंपराओं को पुन: परिभाषित करते हुए क्रांति के माध्यम से राष्ट्र-शक्ति का पुनर्निर्माण करने का प्रयास किया, जो 1949 में साम्यवादी पार्टी की जीत में परिणत हुआ। जापान, पूँजीवाद के सिद्धांतों पर आधारित आधुनिकीकरण के पथ पर अग्रसर हुआ, लेकिन साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं के कारण द्वितीय विश्व युद्ध में हार का सामना करना पड़ा। अध्याय दोनों देशों की इतिहास लेखन परंपराओं पर भी प्रकाश डालता है, जिसमें शासकों के लिए इतिहास के महत्व और अभिलेखों के संरक्षण पर जोर दिया गया है। यह आधुनिक विद्वानों द्वारा इन देशों के इतिहास के अध्ययन में योगदान का भी उल्लेख करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectHistory
BookVishwa Itihas Ke Kuch Vishay
ChapterChapter 7 — विश्व इतिहास के वुफछ विषय
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1055

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
प्रभुत्ववर्चस्व या अधिकार
अक्षुण्णअखंड, जिसे क्षति न पहुँची हो
औपनिवेशिककिसी देश द्वारा दूसरे देश पर शासन करने से संबंधित
गृहयुद्धदेश के भीतर होने वाला युद्ध
राष्ट्र-राज्यएक संप्रभु राज्य जिसका एक राष्ट्रीय पहचान हो
औद्योगिकीकरणउद्योगों का विकास
साम्यवादीसाम्यवाद विचारधारा का अनुयायी
पूँजीवादएक आर्थिक प्रणाली जिसमें उत्पादन के साधन निजी स्वामित्व में होते हैं
विस्तारवादीअपने क्षेत्र या प्रभाव को बढ़ाने की नीति रखने वाला
पुनरुद्धारपुनर्जीवित करना या पुनः स्थापित करना

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Practice questions

  1. उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में चीन और जापान की स्थिति की तुलना करें। Answer: उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में चीन पूर्वी एशिया पर प्रभुत्व रखता था और छींग राजवंश की सत्ता मजबूत थी, जबकि जापान एक अलग-थलग पड़ा छोटा द्वीप-देश था।
  2. जापान के आधुनिकीकरण के मुख्य सिद्धांत क्या थे? Answer: जापान का आधुनिकीकरण पूँजीवाद के सिद्धांतों पर आधारित था, जिसमें औद्योगिकीकरण, राष्ट्र-राज्य का निर्माण और विस्तारवादी साम्राज्य की स्थापना शामिल थी।
  3. चीन ने अपनी परंपराओं को पुन: परिभाषित करने का प्रयास क्यों किया? Answer: चीन ने आधुनिक दुनिया का सामना करने, अपनी राष्ट्र-शक्ति का पुनर्निर्माण करने और पश्चिमी व जापानी नियंत्रण से मुक्त होने के लिए अपनी परंपराओं को पुन: परिभाषित करने का प्रयास किया।
  4. इतिहास लेखन की परंपरा शासकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती थी? Answer: ऐसा माना जाता था कि इतिहास शासकों के लिए महत्वपूर्ण कार्य करता है और अतीत वे मानक प्रस्तुत करता है जिनके आधार पर शासकों का आकलन किया जा सकता है।

Practice MCQs

Q1. उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में पूर्वी एशिया पर किसका प्रभुत्व था?

Q2. जापान ने किस वर्ष ताइवान को अपने में मिलाया?

Q3. चीन में गृहयुद्ध के बाद किस पार्टी ने जीत हासिल की?

Q4. प्राचीन चीन का महानतम इतिहासकार किसे माना जाता है?

Q5. जापान में चीन का अध्ययन करने वाले प्रमुख जापानी विद्वान कौन थे?

Frequently asked questions

आधुनिकीकरण के रास्ते अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय उन्नीसवीं सदी में चीन और जापान के आधुनिकीकरण की प्रक्रियाओं, उनकी भिन्नताओं और परिणामों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है।

चीन और जापान के आधुनिकीकरण में मुख्य अंतर क्या था?

चीन ने क्रांति के माध्यम से अपनी परंपराओं को पुन: परिभाषित करने का प्रयास किया, जबकि जापान ने पूँजीवाद के सिद्धांतों पर आधारित औद्योगिकीकरण और विस्तारवादी साम्राज्य का निर्माण किया।

जापान ने किन देशों को अपने साम्राज्य में मिलाया?

जापान ने ताइवान (1895) और कोरिया (1910) को अपने साम्राज्य में मिलाया।

चीन में राष्ट्र-शक्ति का पुनर्निर्माण किस माध्यम से हुआ?

चीन में राष्ट्र-शक्ति का पुनर्निर्माण क्रांति के माध्यम से हुआ, जिसके फलस्वरूप 1949 में चीनी साम्यवादी पार्टी ने जीत हासिल की।

जापान को द्वितीय विश्व युद्ध में हार का सामना कब करना पड़ा?

जापान को 1945 में आंग्ल-अमरीकी सैन्यशक्ति के सामने हार माननी पड़ी।

इतिहास लेखन की परंपरा चीन और जापान में क्यों महत्वपूर्ण थी?

इन देशों में यह माना जाता था कि इतिहास शासकों के लिए महत्वपूर्ण कार्य करता है और अतीत शासकों के मूल्यांकन के लिए मानक प्रस्तुत करता है।

नाइतो कोनन कौन थे और उनका क्या योगदान था?

नाइतो कोनन चीन पर काम करने वाले प्रमुख जापानी विद्वान थे, जिन्होंने पश्चिमी इतिहास-लेखन की तकनीकों का उपयोग किया और क्योतो विश्वविद्यालय में प्राच्य अध्ययन विभाग की स्थापना में मदद की।

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Important topics

चीन और जापान के आधुनिकीकरण की तुलना जापान का औपनिवेशिक विस्तार और चीन की प्रतिक्रिया चीन में क्रांति और साम्यवाद का उदय जापान का आर्थिक पुनर्निर्माण इतिहास लेखन की परंपराएँ और महत्व

Topics covered

चीन का प्रभुत्व और छींग राजवंश जापान का अलगाव और आधुनिकीकरण चीन में अशांति और औपनिवेशिक चुनौती जापान का राष्ट्र-राज्य निर्माण और विस्तार चीन का क्रांति के माध्यम से पुनर्निर्माण जापान का औद्योगिक विकास और साम्राज्य चीन में साम्यवादी पार्टी की जीत जापान का द्वितीय विश्व युद्ध में हार जापान का आर्थिक शक्ति के रूप में उदय चीन और जापान में इतिहास लेखन की परंपरा शासकों के लिए इतिहास का महत्व आधुनिक विद्वानों का योगदान

NCERT Class 11 History — Vishwa Itihas Ke Kuch Vishay — Chapter 7 — विश्व इतिहास के वुफछ विषय. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.