NCERT Class 11 Hindi Aroh: Chapter 9 — काव्य खंड
यह अध्याय 'काव्य खंड' का परिचय देता है, जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविता 'यदि तोर डाक शुने केउ न आशे' (यदि तेरी पुकार पर कोई न आए तो फिर चल अकेला रे) का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत है। यह कविता अकेले चलने के साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, रामचंद्र शुक्ल के विचारों से कविता की परिभाषा दी गई है, जिसमें हृदय की मुक्तावस्था को 'रसदशा' कहा गया है और मनुष्य की वाणी द्वारा किए गए शब्द विधान को कविता माना गया है। गजानन माधव मुक्तिबोध के अनुसार, कवि के लिए मार्मिक आलोचना दृष्टि आवश्यक है जो संवेदनात्मक ज्ञान और ज्ञानात्मक संवेदना को जोड़ती है। यह खंड छात्रों को कविता के मर्म और रचना प्रक्रिया को समझने में मदद करता है, जो सीबीएसई पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Hindi |
| Book | Aroh |
| Chapter | Chapter 9 — काव्य खंड |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 1 minute |
| Word count | 109 |
Learning outcomes
- छात्र रवींद्रनाथ टैगोर की कविता 'एकला चलो रे' के भावार्थ को समझ सकेंगे।
- कविता की परिभाषा और उसके महत्व को जान सकेंगे।
- रचना प्रक्रिया में कवि की दृष्टि के महत्व को समझ सकेंगे।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| मुक्तावस्था | स्वतंत्र अवस्था |
| ज्ञानदशा | ज्ञान की अवस्था |
| रसदशा | रस की अवस्था, आनंद की अवस्था |
| साधाना | अभ्यास, उपासना |
| शब्द विधान | शब्दों की रचना या व्यवस्था |
| संवेदनात्मक | संवेदना से संबंधित |
| ज्ञानात्मक | ज्ञान से संबंधित |
| मार्मिक | हृदय को छूने वाला, मार्मिक |
| आलोचना दृष्टि | विश्लेषण करने की क्षमता |
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Practice questions
- रवींद्रनाथ टैगोर की कविता का मूल भाव क्या है? Answer: कविता का मूल भाव है कि यदि आपकी पुकार पर कोई न आए, तो भी आपको अकेले ही अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
- रामचंद्र शुक्ल के अनुसार हृदय की मुक्तावस्था क्या कहलाती है? Answer: रामचंद्र शुक्ल के अनुसार हृदय की मुक्तावस्था 'रसदशा' कहलाती है।
- कविता किसे कहते हैं? Answer: मनुष्य की वाणी द्वारा हृदय की मुक्ति की साधना के लिए जो शब्द विधान किया जाता है, उसे कविता कहते हैं।
Practice MCQs
Q1. रवींद्रनाथ टैगोर की कविता का हिंदी अनुवाद क्या है?
Explanation: कविता का हिंदी अनुवाद 'यदि तेरी पुकार पर कोई न आए तो फिर चल अकेला रे' है, जो अकेले चलने के साहस को दर्शाता है।
Q2. रामचंद्र शुक्ल के अनुसार आत्मा की मुक्तावस्था क्या कहलाती है?
Explanation: रामचंद्र शुक्ल के अनुसार, जिस प्रकार आत्मा की मुक्तावस्था ज्ञानदशा कहलाती है, उसी प्रकार हृदय की मुक्तावस्था रसदशा कहलाती है।
Q3. कविता क्या है, इस पर रामचंद्र शुक्ल का क्या विचार है?
Explanation: रामचंद्र शुक्ल के अनुसार, कविता हृदय की इसी मुक्ति की साधना के लिए मनुष्य की वाणी जो शब्द विधान करती आई है, उसे कविता कहते हैं।
Q4. गजानन माधव मुक्तिबोध के अनुसार कवि के लिए क्या आवश्यक है?
Explanation: मुक्तिबोध के अनुसार, मार्मिक आलोचना दृष्टि के बिना कवि जगत-जीवन के संवेदनात्मक ज्ञान और ज्ञानात्मक संवेदना में अधूरा है।
Q5. कविता में 'एक्ला चलो रे' का क्या अर्थ है?
Explanation: 'एक्ला चलो रे' का अर्थ है कि यदि कोई साथ न दे, तो भी व्यक्ति को अकेले ही अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
Frequently asked questions
NCERT कक्षा 11 हिंदी आरोह के अध्याय 9 का नाम क्या है?
NCERT कक्षा 11 हिंदी आरोह के अध्याय 9 का नाम 'काव्य खंड' है।
अध्याय 9 में किस कवि की कविता शामिल है?
अध्याय 9 में रवींद्रनाथ टैगोर की कविता 'यदि तोर डाक शुने केउ न आशे' (एक्ला चलो रे) शामिल है।
रामचंद्र शुक्ल ने कविता को कैसे परिभाषित किया है?
रामचंद्र शुक्ल के अनुसार, कविता हृदय की मुक्ति की साधना के लिए मनुष्य की वाणी द्वारा किया गया शब्द विधान है।
गजानन माधव मुक्तिबोध ने कवि के लिए किस दृष्टि की महत्ता बताई है?
मुक्तिबोध ने कवि के लिए मार्मिक आलोचना दृष्टि की महत्ता बताई है।
'एक्ला चलो रे' का क्या अर्थ है?
'एक्ला चलो रे' का अर्थ है 'अकेले चलो रे', जो विपरीत परिस्थितियों में भी अकेले आगे बढ़ने का साहस सिखाता है।
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NCERT Class 11 Hindi — Aroh — Chapter 9 — काव्य खंड. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.