NCERT Class 11 Geography Bhugol Main Prayogatmak Karya: Chapter 5 — स्थलावृफतिक मानचित्रा

NCERT CBSE Class 11 Geography Bhugol Main Prayogatmak Karya Chapter 5 Hindi PDF

यह अध्याय स्थलावृत्तिक मानचित्रों के महत्व और उपयोग पर केंद्रित है, जो भूगोलवेत्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण हैं। स्थलावृत्तिक मानचित्र, जिन्हें सामान्य उपयोग वाले मानचित्र भी कहा जाता है, बड़ी मापनी पर बनाए जाते हैं और इनमें प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं जैसे कि उच्चावच, वनस्पति, जलाशय, कृषि भूमि, बस्तियों और परिवहन तंत्र को दर्शाया जाता है। ये मानचित्र राष्ट्रीय मानचित्रण संगठनों द्वारा तैयार किए जाते हैं, जैसे भारत में भारतीय सर्वेक्षण विभाग। अध्याय में भारत और पड़ोसी देशों की श्रृंखला और विश्व की अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र श्रृंखला का उल्लेख है। यह विभिन्न मापनियों पर तैयार किए जाने वाले स्थलावृत्तिक मानचित्रों की संख्यात्मक प्रणाली और विन्यास की भी व्याख्या करता है। अंत में, यह स्थलावृत्तिक मानचित्रों को पढ़ने के लिए आवश्यक शब्दावली, जैसे अनुप्रस्थ परिच्छेद, समोच्च रेखा, समोच्चरेखीय अंतराल, हैश्यूर आदि का परिचय देता है। यह अध्याय छात्रों को स्थलाकृतिक मानचित्रों को समझने और उनकी व्याख्या करने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectGeography
BookBhugol Main Prayogatmak Karya
ChapterChapter 5 — स्थलावृफतिक मानचित्रा
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count584

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
अनुप्रस्थ परिच्छेदकिसी सरल रेखा पर ऊधर्वाध्र कटी हुई भूमि का र्पाचित्रा।
समोच्च रेखासमुद्र तल से समान ऊँचाई पर स्थित बिंदुओं को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा।
समोच्चरेखीय अंतरालदो उत्तरोत्तर समोच्च रेखाओं के बीच का अंतर।
स्थलावृत्तिक मानचित्रभू सतह के प्रावृफतिक एवं मानववृफत ब्यौरों को प्रद£शत करने वाला, बड़ी मापनी पर खींचा गया, एक छोटे क्षेत्रा का मानचित्रा।
हैश्यूरमानचित्रा पर समोच्च रेखाओं को लंबवत काटती हुई महत्तम ढाल की दिशा में खींची गई छोटी सरल रेखाएँ।

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Practice questions

  1. स्थलावृत्तिक मानचित्रों का भूगोल में क्या महत्व है? Answer: स्थलावृत्तिक मानचित्र भूगोलवेत्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे आधार मानचित्र के रूप में कार्य करते हैं और विभिन्न प्राकृतिक व सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाते हैं।
  2. स्थलावृत्तिक मानचित्रों में किन विशेषताओं को दर्शाया जाता है? Answer: इन मानचित्रों में उच्चावच, वनस्पति, जलाशय, कृषि भूमि, बस्तियों और परिवहन तंत्र जैसी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाया जाता है।
  3. भारत में स्थलावृत्तिक मानचित्र कौन तैयार करता है? Answer: भारत में भारतीय सर्वेक्षण विभाग स्थलावृत्तिक मानचित्र तैयार करता है।
  4. समोच्च रेखा को परिभाषित करें। Answer: समोच्च रेखा समुद्र तल से समान ऊँचाई पर स्थित बिंदुओं को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा होती है।

Practice MCQs

Q1. स्थलावृत्तिक मानचित्रों को सामान्यतः किस मापनी पर बनाया जाता है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता स्थलावृत्तिक मानचित्रों में प्रदर्शित नहीं की जाती है?

Q3. भारत में स्थलावृत्तिक मानचित्रों का निर्माण एवं प्रकाशन कौन सा संगठन करता है?

Q4. समोच्च रेखाओं के बीच के अंतर को क्या कहा जाता है?

Q5. 1:10,00,000 मापनी वाले स्थलावृत्तिक मानचित्र में अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार कितना होता है?

Frequently asked questions

स्थलावृत्तिक मानचित्र क्या होते हैं?

स्थलावृत्तिक मानचित्र भू सतह के प्राकृतिक और मानव निर्मित विवरणों को दर्शाने वाले, बड़ी मापनी पर खींचे गए, छोटे क्षेत्र के मानचित्र होते हैं।

स्थलावृत्तिक मानचित्रों का उपयोग कौन करता है?

भूगोलवेत्ता, योजनाकार, इंजीनियर और अन्य पेशेवर स्थलावृत्तिक मानचित्रों का उपयोग करते हैं।

समोच्च रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?

समोच्च रेखाएँ समुद्र तल से समान ऊँचाई पर स्थित बिंदुओं को मिलाने वाली काल्पनिक रेखाएँ होती हैं, जो भू-भाग की ऊँचाई और ढाल को दर्शाती हैं।

हैश्यूर का क्या कार्य है?

हैश्यूर स्थलावृत्तिक मानचित्रों पर ढाल की दिशा और तीव्रता को दर्शाने के लिए समोच्च रेखाओं के लंबवत खींची गई छोटी रेखाएँ होती हैं।

भारत में स्थलावृत्तिक मानचित्रों की कौन-कौन सी मापनियाँ उपलब्ध हैं?

भारत में स्थलावृत्तिक मानचित्र 1:10,00,000, 1:2,50,000, 1:1,25,000, 1:50,000 और 1:25,000 की मापनियों पर तैयार किए जाते हैं।

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Topics covered

स्थलावृत्तिक मानचित्रों का महत्व स्थलावृत्तिक मानचित्रों का वर्गीकरण प्राकृतिक और सांस्कृतिक लक्षण राष्ट्रीय मानचित्रण संगठन भारतीय सर्वेक्षण विभाग भारत एवं पड़ोसी देशों की श्रृंखला विश्व की अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र श्रृंखला स्थलावृत्तिक मानचित्रों की मापनी अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार संख्यात्मक प्रणाली स्थलावृत्तिक मानचित्र पठन रूढ़ चिरिं एवं प्रतीक

NCERT Class 11 Geography — Bhugol Main Prayogatmak Karya — Chapter 5 — स्थलावृफतिक मानचित्रा. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.