NCERT Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant: Chapter 9 — वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ
यह अध्याय 9, 'वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ', पृथ्वी पर तापमान के असामान्य वितरण और वायुमंडलीय दाब में भिन्नता के कारणों की पड़ताल करता है। यह बताता है कि कैसे वायु के फैलने और सिकुड़ने से दाब में अंतर आता है, जिससे हवा उच्च दाब वाले क्षेत्रों से निम्न दाब वाले क्षेत्रों की ओर प्रवाहित होती है, जिसे पवन कहते हैं। अध्याय में वायुमंडलीय दाब के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज वितरण, समदाब रेखाओं, वायुदाब को मापने के उपकरणों और समुद्र तल पर वायुदाब के विश्व-वितरण का वर्णन किया गया है। यह भी समझाया गया है कि कैसे वायुदाब में भिन्नता मौसम प्रणालियों को जन्म देती है, जैसे कि बादलों का बनना और वर्षा। यह अध्याय छात्रों को वायुमंडलीय प्रक्रियाओं और मौसम की समझ विकसित करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Geography |
| Book | Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant |
| Chapter | Chapter 9 — वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 623 |
Learning outcomes
- वायुमंडलीय दाब में भिन्नता के कारणों को समझना।
- वायुदाब के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज वितरण का विश्लेषण करना।
- समदाब रेखाओं और उनके महत्व को पहचानना।
- पवनों की उत्पत्ति और गति के सिद्धांतों को समझना।
- मौसम प्रणालियों और चक्रवातों के निर्माण की प्रक्रिया को जानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| वायुमंडलीय दाब | समुद्रतल से वायुमंडल की अंतिम सीमा तक एक इकाई क्षेत्रफल के वायु स्तंभ का भार। |
| पवन | क्षैतिज गतिमान वायु। |
| समदाब रेखाएँ | वे रेखाएँ जो समुद्र तल से एक समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाती हैं। |
| पारद वायुदाबमापी | वायुदाब मापने का एक उपकरण जिसमें पारे का प्रयोग होता है। |
| निर्द्रव बैरोमीटर | वायुदाब मापने का एक उपकरण जो पारे का प्रयोग नहीं करता। |
| दाब प्रवणता | वायुदाब में परिवर्तन की दर। |
| उच्च दाब प्रणाली | एक या अधिक समदाब रेखाओं से घिरी प्रणाली जिसके केंद्र में उच्चतम वायुदाब होता है। |
| निम्न दाब प्रणाली | एक या अधिक समदाब रेखाओं से घिरी प्रणाली जिसके केंद्र में निम्नतम वायुदाब होता है। |
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Practice questions
- वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए किन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है? Answer: पारद वायुदाबमापी (Mercury barometer) अथवा निर्द्रव बैरोमीटर (Aneroid barometer) का प्रयोग किया जाता है।
- ऊँचाई के साथ वायुदाब क्यों घटता है? Answer: ऊँचाई के साथ वायु विरल होती जाती है, जिससे वायु का भार कम हो जाता है और वायुदाब घटता है।
- समदाब रेखाएँ क्या हैं? Answer: समदाब रेखाएँ वे रेखाएँ हैं जो समुद्र तल से एक समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाती हैं।
- पवनें किस दिशा में प्रवाहित होती हैं? Answer: पवनें अधिक दाब वाले क्षेत्रों से कम दाब वाले क्षेत्रों की ओर प्रवाहित होती हैं।
Practice MCQs
Q1. वायुमंडलीय दाब को मापने की मानक इकाई क्या है?
Explanation: पाठ्यपुस्तक के अनुसार, वायुदाब को मापने की इकाई मिलीबार है।
Q2. समुद्र तल पर औसत वायुमंडलीय दाब कितना होता है?
Explanation: सारणी 9.1 और पाठ्य सामग्री के अनुसार, समुद्र तल पर औसत वायुमंडलीय दाब 1,013.25 मिलीबार होता है।
Q3. ऊँचाई के साथ वायुदाब में कमी की दर लगभग कितनी होती है?
Explanation: पाठ्य सामग्री में बताया गया है कि वायुमंडल के निचले भाग में वायुदाब प्रत्येक 10 मीटर की ऊँचाई पर लगभग 1 मिलीबार घटता है।
Q4. क्षैतिज गतिमान वायु को क्या कहते हैं?
Explanation: पाठ्य सामग्री के अनुसार, क्षैतिज गतिमान वायु ही पवन है।
Q5. उच्च दाब प्रणाली में उच्चतम वायुदाब कहाँ होता है?
Explanation: पाठ्य सामग्री के अनुसार, उच्च दाब प्रणाली के केंद्र में उच्चतम वायुदाब होता है।
Frequently asked questions
वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम प्रणालियाँ क्या हैं?
वायुमंडलीय परिसंचरण पृथ्वी के वायुमंडल में हवा की गति को संदर्भित करता है, जबकि मौसम प्रणालियाँ वे पैटर्न हैं जो तापमान, आर्द्रता और वायुदाब में परिवर्तन से उत्पन्न होते हैं, जैसे कि चक्रवात और प्रतिचक्रवात।
ऊँचाई पर वायुदाब क्यों कम हो जाता है?
जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती है, वायुमंडल की परतें विरल होती जाती हैं, जिसका अर्थ है कि हवा के कणों का घनत्व कम हो जाता है। कम हवा के घनत्व के कारण, ऊपर की हवा का भार कम होता है, जिससे वायुदाब घट जाता है।
समदाब रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?
समदाब रेखाएँ मानचित्र पर उन स्थानों को जोड़ती हैं जहाँ समुद्र तल पर वायुदाब समान होता है। ये रेखाएँ वायुदाब के क्षैतिज वितरण को समझने में मदद करती हैं।
पवनें हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर क्यों चलती हैं?
यह वायुमंडलीय दाब के अंतर के कारण होता है। हवा हमेशा अधिक घनत्व (उच्च दाब) वाले क्षेत्र से कम घनत्व (निम्न दाब) वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होती है ताकि दाब को संतुलित किया जा सके।
वायुदाब को मापने के लिए कौन से उपकरण उपयोग किए जाते हैं?
वायुदाब को मापने के लिए मुख्य रूप से पारद वायुदाबमापी (Mercury barometer) और निर्द्रव बैरोमीटर (Aneroid barometer) का उपयोग किया जाता है।
क्या हमारा शरीर भी वायुदाब से प्रभावित होता है?
हाँ, हमारा शरीर वायुदाब से प्रभावित होता है। जैसे-जैसे हम ऊँचाई पर जाते हैं, वायु विरल होती जाती है और साँस लेने में कठिनाई होती है, जो वायुदाब में कमी का प्रभाव है।
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NCERT Class 11 Geography — Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant — Chapter 9 — वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.