NCERT Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant: Chapter 3 — पृथ्वी की आंतरिक संरचना

NCERT CBSE Class 11 Geography Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant Chapter 3 Hindi PDF

यह अध्याय पृथ्वी की आंतरिक संरचना का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष स्रोतों पर आधारित है। पृथ्वी की त्रिज्या 6,378 किमी है, और इसके केंद्र तक पहुंचना असंभव है। वैज्ञानिकों ने खनन, गहरे समुद्री ड्रिलिंग परियोजनाओं (जैसे डीप ओशन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट और इंटीग्रेटेड ओशन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट), गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र और भूकंपीय गतिविधियों जैसे अप्रत्यक्ष स्रोतों से जानकारी प्राप्त की है। ज्वालामुखी उद्गार से प्राप्त लावा भी विश्लेषण के लिए उपलब्ध होता है। खनन से पता चलता है कि गहराई के साथ तापमान, दबाव और घनत्व बढ़ता है। भूकंपीय तरंगों का अध्ययन पृथ्वी की परतों की संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उल्काओं का अध्ययन भी पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्रदान करता है, क्योंकि उनकी संरचना पृथ्वी से मिलती-जुलती है। यह अध्याय छात्रों को पृथ्वी की आंतरिक परतों, भूगर्भीय प्रक्रियाओं और मानव जीवन पर उनके प्रभाव को समझने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectGeography
BookBhautique Bhugol ke Mool Sidhant
ChapterChapter 3 — पृथ्वी की आंतरिक संरचना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1073

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
स्थलमंडलपृथ्वी की सबसे बाहरी ठोस परत।
ज्वालामुखी उद्गारपृथ्वी की सतह से पिघली हुई चट्टान, राख और गैसों का निकलना।
मैग्मापृथ्वी की सतह के नीचे पिघली हुई चट्टान।
भू-पर्पटीपृथ्वी की सबसे बाहरी परत (Crust)।
क्रोडपृथ्वी का केंद्रीय भाग (Core)।
गुरुत्व विसंगतिपृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गुरुत्वाकर्षण बल में भिन्नता।
भूकंपीय तरंगेंभूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली तरंगें जो पृथ्वी के अंदर से गुजरती हैं।
भ्रंशचट्टानों में दरार जिसके सहारे चट्टानों के टुकड़े विपरीत दिशा में खिसकते हैं।

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Practice questions

  1. पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करने के दो प्रत्यक्ष स्रोत कौन से हैं? Answer: खनन क्षेत्र से प्राप्त चट्टानें और ज्वालामुखी उद्गार से निकला लावा।
  2. पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करने के दो अप्रत्यक्ष स्रोत कौन से हैं? Answer: भूकंपीय तरंगों का अध्ययन और उल्काओं का अध्ययन।
  3. गहराई बढ़ने के साथ पृथ्वी के आंतरिक भाग में किन तीन चीजों में वृद्धि होती है? Answer: तापमान, दबाव और घनत्व।
  4. गुरुत्व विसंगति से क्या तात्पर्य है? Answer: पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गुरुत्वाकर्षण बल के मान में भिन्नता।

Practice MCQs

Q1. पृथ्वी की त्रिज्या लगभग कितनी है?

Q2. पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी का सबसे गहरा प्रत्यक्ष प्रवेध्न कहाँ किया गया है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सा पृथ्वी की आंतरिक जानकारी का अप्रत्यक्ष स्रोत नहीं है?

Q4. खनन क्षेत्रों में गहराई बढ़ने के साथ क्या बढ़ता है?

Q5. भूकंपीय तरंगों का अध्ययन पृथ्वी की किस जानकारी के लिए महत्वपूर्ण है?

Frequently asked questions

पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त की जाती है?

पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानकारी प्रत्यक्ष स्रोतों जैसे खनन और ज्वालामुखी उद्गार से प्राप्त लावा, तथा अप्रत्यक्ष स्रोतों जैसे भूकंपीय तरंगों, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र और उल्काओं के अध्ययन से प्राप्त की जाती है।

क्या पृथ्वी के केंद्र तक पहुँचना संभव है?

नहीं, पृथ्वी की आंतरिक परिस्थितियों के कारण, इसके केंद्र तक पहुँचना और उसका निरीक्षण करना संभव नहीं है।

गहराई बढ़ने के साथ पृथ्वी के आंतरिक भाग में क्या परिवर्तन होते हैं?

गहराई बढ़ने के साथ-साथ पृथ्वी के आंतरिक भाग में तापमान, दबाव और घनत्व में वृद्धि होती है।

भूकंपीय तरंगें पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में क्या बताती हैं?

भूकंपीय तरंगों का अध्ययन पृथ्वी की आंतरिक परतों की संरचना का एक विस्तृत चित्र प्रस्तुत करता है, जिससे उनकी प्रकृति और घनत्व का पता चलता है।

उल्काओं का अध्ययन पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने में कैसे मदद करता है?

उल्काएँ उन्हीं पदार्थों से बनी होती हैं जिनसे पृथ्वी बनी है। इसलिए, उल्काओं की संरचना का अध्ययन पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में अनुमान लगाने में सहायक होता है।

गुरुत्व विसंगति क्या है और यह क्या दर्शाती है?

गुरुत्व विसंगति पृथ्वी के धरातल पर विभिन्न स्थानों पर गुरुत्वाकर्षण बल के मान में भिन्नता है। यह भू-पर्पटी में पदार्थों के द्रव्यमान के असमान वितरण की जानकारी देती है।

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Important topics

पृथ्वी की आंतरिक संरचना के स्रोत प्रत्यक्ष स्रोत (खनन, ज्वालामुखी) अप्रत्यक्ष स्रोत (भूकंपीय तरंगें, गुरुत्वाकर्षण, चुंबकीय क्षेत्र, उल्काएँ) तापमान, दबाव और घनत्व में गहराई के साथ परिवर्तन भूकंपीय तरंगों का महत्व

Topics covered

पृथ्वी की आंतरिक संरचना पृथ्वी की त्रिज्या जानकारी के स्रोत (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) खनन क्षेत्र गहरे समुद्री प्रवेध्न परियोजनाएँ गुरुतर्वाण चुंबकीय क्षेत्रा भूकंपीय गतिविध्यिाँ ज्वालामुखी उद्गार तापमान, दबाव और घनत्व में वृद्धि भूकंपीय तरंगें उल्काएँ

NCERT Class 11 Geography — Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant — Chapter 3 — पृथ्वी की आंतरिक संरचना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.