NCERT Class 11 Fine Art Bhartiya Kala ka parichay: Chapter 4 — भारतीय कला और स्ापतय में

NCERT CBSE Class 11 Fine Art Bhartiya Kala ka parichay Chapter 4 Hindi PDF

This chapter, "Mauryaottar Kalin Pravrittiyan" (Post-Maurya Period Trends) from NCERT's Class 11 Fine Art book "Bhartiya Kala ka parichay", discusses the artistic and architectural developments in India after the decline of the Mauryan Empire. It highlights the rise of various dynasties like the Shungas, Kushanas, and Satavahanas, and their patronage of art. The chapter delves into the sculptural styles found at sites like Bharhut, Bodh Gaya, and Mathura, focusing on the evolution of relief sculptures, narrative techniques, and the depiction of human and animal forms. It examines how artists utilized available space and developed techniques to create more realistic and expressive representations, contributing significantly to the rich tapestry of Indian art history. This chapter is crucial for understanding the transition and growth of art forms in ancient India for CBSE students.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectFine Art
BookBhartiya Kala ka parichay
ChapterChapter 4 — भारतीय कला और स्ापतय में
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count729

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
मौर्योत्तरPost-Maurya period
स्थापत्यArchitecture
प्रवृत्तियाँTrends/Tendencies
साम्राज्यEmpire
आधिपत्यDominion/Supremacy
संप्रदायSect/Denomination
मूर्तिकलाSculpture
उत्कृष्टExcellent/Exquisite
दीर्घाकारElongated/Tall
आख्यानात्मकNarrative
परिप्रेक्ष्यPerspective
उत्कीर्णनEngraving/Carving

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Practice questions

  1. मौर्योत्तर काल में उत्तर भारत और मध्य भारत में किन शासकों ने आधिपत्य जमाया? Answer: उत्तर भारत और मध्य भारत में शुंग, कण्व, कुषाण और गुप्त शासकों ने आधिपत्य जमाया।
  2. भरहुत की मूर्तियों की तुलना मौर्य कालीन यक्ष-यक्षिणी प्रतिमाओं से कैसे की गई है? Answer: भरहुत की मूर्तियाँ मौर्य कालीन प्रतिमाओं की तरह लंबी (दीर्घाकार) हैं, लेकिन उनमें कम उभार है और रैखिकता पर ध्यान दिया गया है।
  3. भरहुत की आख्यान फलकों में समय के साथ क्या परिवर्तन देखे गए? Answer: शुरुआत में कम पात्रों के साथ मुख्य घटनाओं को दिखाया गया, बाद में कहानी के मुख्य पात्रों के अलावा अन्य पात्र भी चित्र में प्रकट होने लगे।
  4. महारानी मायादेवी के स्वप्न को भरहुत की किस आख्यान उद्भृति में दर्शाया गया है? Answer: महारानी मायादेवी के स्वप्न को एक आख्यान उद्भृति में दर्शाया गया है, जिसमें उन्हें लेटी अवस्था में और एक हाथी को उनकी कोख की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है।

Practice MCQs

Q1. ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के बाद भारत में किन दो मुख्य संप्रदायों का उदय हुआ?

Q2. भरहुत की मूर्तियों में प्रतिमाओं के आयतन के निर्माण में क्या विशेषता थी?

Q3. किस स्थल पर पाई गई मूर्तियों में महारानी मायादेवी के स्वप्न का चित्रण है?

Q4. रूरू जातक कथा में बोधिसत्व को किस रूप में दर्शाया गया है?

Q5. प्रारंभ में, सतह को तैयार करने के बाद मूर्तिकार क्या करते थे?

Frequently asked questions

मौर्योत्तर काल में किन क्षेत्रों में किन शासकों का वर्चस्व था?

उत्तर और मध्य भारत में शुंग, कण्व, कुषाण और गुप्त शासकों का आधिपत्य था, जबकि दक्षिणी और पश्चिमी भारत में सातवाहनों, इक्ष्वाकुओं, अभीरों और वाकाटकों का वर्चस्व था।

भरहुत की मूर्तियों में किन तकनीकों का प्रयोग किया गया है?

भरहुत की मूर्तियों में कम उभार, रैखिकता पर ध्यान, और आख्यानात्मक शैली का प्रयोग किया गया है। शुरुआत में छिछले उत्कीर्णन के कारण हाथों और पैरों को विशेष तरीके से दिखाया गया।

महारानी मायादेवी के स्वप्न का चित्रण किस कला स्थल से संबंधित है?

महारानी मायादेवी के स्वप्न का चित्रण भरहुत से संबंधित है, जो एक आख्यान उद्भृति में दर्शाया गया है।

जातक कथाओं का चित्रण मौर्योत्तर कालीन कला में कैसे किया गया है?

जातक कथाओं का चित्रण सरल तरीके से किया गया है, जिसमें कथा के भौगोलिक स्थल के अनुसार घटनाओं को प्रस्तुत किया गया है और पात्रों को कहानी के अनुसार दर्शाया गया है।

मौर्योत्तर कालीन मूर्तिकला में यथार्थवाद की ओर क्या परिवर्तन हुए?

समय के साथ, आकृतियों का उत्कीर्णन गहरा होने लगा और आयतन बढ़ गया, जिससे मनुष्यों तथा जानवरों के शरीर का प्रतिरूपण अधिक असली जैसा होने लगा।

ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में भारत में किन प्रमुख धार्मिक संप्रदायों का उदय हुआ?

ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में सनातन धर्म के दो मुख्य संप्रदायों—वैष्णव धर्म और शैव धर्म—का उदय हुआ।

Related resources

Important topics

मौर्योत्तर काल में कला और स्थापत्य का विकास भरहुत की मूर्तिकला की विशेषताएँ (उभार, रैखिकता, आख्यानात्मक शैली) कलाकारों द्वारा उपलब्ध स्थान का उपयोग और उत्कीर्णन की विधि जातक कथाओं और धार्मिक घटनाओं का कलात्मक चित्रण कला में यथार्थवाद की ओर बढ़ता रुझान

Topics covered

मौर्योत्तर काल का राजनीतिक परिदृश्य कला और स्थापत्य का विकास प्रमुख राजवंश (शुंग, कण्व, कुषाण, गुप्त, सातवाहन) धार्मिक संप्रदायों का उदय (वैष्णव, शैव) मूर्तिकला के प्रमुख स्थल (विदिशा, भरहुत, बोधगया, जगय्यपेट, मथुरा, खंडगिरि-उदयगिरि, भज, पावनी) भरहुत की मूर्तिकला की विशेषताएँ रिलीफ मूर्तिकला (आख्यानात्मक उभार) परिप्रेक्ष्य का प्रयोग जातक कथाओं का चित्रण कलाकारों की तकनीक और विधि शरीर और आकृतियों का अंकन कला का विकास और यथार्थवाद

NCERT Class 11 Fine Art — Bhartiya Kala ka parichay — Chapter 4 — भारतीय कला और स्ापतय में. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.