NCERT Class 11 Economics Sankhyiki: Chapter 7 — प्रस्तावना

NCERT CBSE Class 11 Economics Sankhyiki Chapter 7 Hindi PDF

यह अध्याय 'सूचकांक' की अवधारणा का परिचय देता है, जो संबंधित चरों के समूह में परिवर्तनों को मापने का एक सांख्यिकीय साधन है। यह बताता है कि कैसे सूचकांक विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन, कीमतों और जीवन स्तर में हुए परिवर्तनों को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। अध्याय में औद्योगिक उत्पादन, शेयर बाजार (सेंसेक्स), और मुद्रास्फीति जैसे उदाहरणों का उपयोग करके सूचकांकों की आवश्यकता और उपयोगिता को समझाया गया है। यह छात्रों को सूचकांकों की गणना करने और उनकी सीमाओं को समझने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखता है, जो दैनिक जीवन की आर्थिक घटनाओं के विश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectEconomics
BookSankhyiki
ChapterChapter 7 — प्रस्तावना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count640

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
सूचकांकसंबंधित चरों के समूह के परिमाण में परिवर्तनों को मापने का एक सांख्यिकीय साधन।
परिवर्तनबदलाव या अंतर।
आँकड़ेतथ्य या सूचनाएँ जिन्हें मापा या गिना जा सकता है।
संक्षिप्त मापआँकड़ों के बड़े समूह को दर्शाने वाले छोटे मान।
जीवन-स्तरकिसी व्यक्ति या समाज के रहने की गुणवत्ता।
सेंसेक्सभारतीय शेयर बाज़ार का एक प्रमुख सूचकांक।
मुद्रास्फीतिवस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि।
आधार अवधिवह अवधि जिससे तुलना की जाती है।
कीमत-सूचकांकवस्तुओं की कीमतों में हुए परिवर्तन को मापने वाला सूचकांक।
परिमाणात्मक सूचकांकउत्पादन की भौतिक मात्रा में परिवर्तन को मापने वाला सूचकांक।

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. सूचकांक क्या है? Answer: सूचकांक संबंधित चरों के समूह के परिमाण में परिवर्तनों को मापने का एक सांख्यिकीय साधन है।
  2. जीवन स्तर में सुधार का आकलन करते समय केवल वेतन वृद्धि क्यों पर्याप्त नहीं है? Answer: केवल वेतन वृद्धि पर्याप्त नहीं है क्योंकि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में वृद्धि (मुद्रास्फीति) के कारण क्रय शक्ति कम हो सकती है, जिससे जीवन स्तर में वास्तविक सुधार का पता नहीं चलता।
  3. सेंसेक्स क्या दर्शाता है? Answer: सेंसेक्स भारतीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध प्रमुख कंपनियों के शेयरों के औसत प्रदर्शन को दर्शाता है।
  4. मुद्रास्फीति की माप कैसे की जाती है? Answer: मुद्रास्फीति की माप आमतौर पर कीमत-सूचकांकों, जैसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का उपयोग करके की जाती है।
  5. आधार अवधि का क्या महत्व है? Answer: आधार अवधि वह अवधि होती है जिससे वर्तमान अवधि के परिवर्तनों की तुलना की जाती है, जिससे सापेक्ष परिवर्तन का पता चलता है।

Practice MCQs

Q1. सूचकांक का मुख्य कार्य क्या है?

Q2. उदाहरण 1 में, औद्योगिक श्रमिक के जीवन स्तर का आकलन करते समय किस कारक पर विचार करना महत्वपूर्ण है?

Q3. सेंसेक्स किस प्रकार के परिवर्तन का सूचक है?

Q4. यदि किसी सूचकांक का मान 250 है, तो इसका क्या अर्थ है?

Q5. कीमत-सूचकांक क्या मापता है?

Frequently asked questions

सूचकांक क्या है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है?

सूचकांक संबंधित चरों के समूह में हुए परिवर्तनों को मापने का एक सांख्यिकीय साधन है। इसका उपयोग कीमतों, उत्पादन, जीवन स्तर आदि में हुए परिवर्तनों को संक्षिप्त रूप में समझने के लिए किया जाता है।

उदाहरण 1 में, रवि के पिताजी को वेतन वृद्धि के बारे में क्या चिंता थी?

रवि के पिताजी को चिंता थी कि केवल वेतन बढ़ने से जीवन स्तर में सुधार का पता नहीं चलता, क्योंकि वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिससे क्रय शक्ति कम हो जाती है।

सेंसेक्स का 8000 अंक पार करना या 600 अंक गिरना क्यों महत्वपूर्ण है?

सेंसेक्स का बढ़ना या गिरना शेयर बाज़ार के प्रदर्शन को दर्शाता है। अंक पार करने पर निवेशकों को खुशी होती है, जबकि गिरने पर उनकी संपत्ति का भारी नुकसान होता है।

सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को मुद्रास्फीति से क्यों जोड़ती है?

पेट्रोलियम पदार्थ कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन और परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी कीमतों में वृद्धि से समग्र मूल्य स्तर बढ़ जाता है, जिससे मुद्रास्फीति दर में वृद्धि होती है।

सूचकांक में आधार अवधि का क्या महत्व है?

आधार अवधि वह प्रारंभिक बिंदु है जिससे वर्तमान अवधि के परिवर्तनों की तुलना की जाती है। यह परिवर्तनों को मापने के लिए एक संदर्भ प्रदान करती है।

कीमत-सूचकांक और परिमाणात्मक सूचकांक में क्या अंतर है?

कीमत-सूचकांक वस्तुओं की कीमतों में परिवर्तन को मापता है, जबकि परिमाणात्मक सूचकांक उत्पादन की भौतिक मात्रा, निर्माण या रोजगार में परिवर्तन को मापता है।

Related resources

Important topics

सूचकांक की अवधारणा और परिभाषा सूचकांकों के अनुप्रयोग (जीवन स्तर, सेंसेक्स, मुद्रास्फीति) आधार अवधि का महत्व कीमत-सूचकांक और परिमाणात्मक सूचकांक सूचकांक की सीमाएँ (पाठ में उल्लेखित)

Topics covered

सूचकांक की अवधारणा आँकड़ों के संक्षिप्त माप औद्योगिक उत्पादन में परिवर्तन जीवन स्तर का आकलन सेंसेक्स का महत्व मुद्रास्फीति की माप सूचकांक का परिकलन आधार अवधि कीमत-सूचकांक परिमाणात्मक सूचकांक सूचकांक की रचना सरल समूहित कीमत सूचकांक

NCERT Class 11 Economics — Sankhyiki — Chapter 7 — प्रस्तावना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.