NCERT Class 11 Biology Jeev Vigyan: Chapter 6 — जीव विज्ञान

NCERT CBSE Class 11 Biology Jeev Vigyan Chapter 6 Hindi PDF

यह अध्याय, 'पुष्पी पादपों का शारीर', उच्च पौधों की आंतरिक संरचना और कार्यात्मक पहलुओं पर केंद्रित है। यह बताता है कि कैसे कोशिकाएँ ऊतकों और ऊतकों अंगों में संगठित होते हैं, और कैसे विभिन्न पौधों के अंगों की आंतरिक संरचना भिन्न होती है। अध्याय ऊतक तंत्रों के तीन मुख्य प्रकारों पर प्रकाश डालता है: बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्रा, भरण ऊतक तंत्रा, और संवहनी ऊतक तंत्रा। बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्रा, जिसमें बाह्यत्वचा, रंध्र और मूलरोम शामिल हैं, पौधे के बाहरी आवरण का निर्माण करता है और जल हानि को नियंत्रित करता है। भरण ऊतक तंत्रा, जिसमें पैरेंकाइमा, काॅलेंकाइमा और स्कलेरंकाइमा जैसे सरल ऊतक शामिल हैं, पौधे के विभिन्न भागों में पाए जाते हैं। यह अध्याय छात्रों को पौधों की जटिल आंतरिक संरचना को समझने में मदद करता है, जो जीव विज्ञान में उनके अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectBiology
BookJeev Vigyan
ChapterChapter 6 — जीव विज्ञान
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time2 minutes
Word count316

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
शारीरपौधों की भीतरी संरचना का अध्ययन।
ऊतक तंत्ररचना तथा स्थिति के आधार पर ऊतकों का वर्गीकरण।
बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्रपौधे का सबसे बाहरी आवरण बनाने वाला ऊतक तंत्र।
रंध्रपत्तियों की बाह्यत्वचा पर स्थित छिद्र जो वाष्पोत्सर्जन व गैस विनिमय को नियंत्रित करते हैं।
द्वारकोशिकाएंरंध्र के खुलने व बंद होने को नियंत्रित करने वाली विशेष कोशिकाएं।
मूलरोमजड़ों पर पाए जाने वाले एककोशिकीय दीर्घीकरण जो जल व खनिज अवशोषण में सहायक होते हैं।
त्वचारोमतने पर पाए जाने वाले बाह्यत्वचीय रोम।
भरण ऊतक तंत्रबाह्यत्वचा और संवहन बंडल के अतिरिक्त सभी ऊतकों का समूह।
पैरेंकाइमाएक प्रकार का सरल ऊतक।
काॅलेंकाइमाएक प्रकार का सरल ऊतक।
स्कलेरंकाइमाएक प्रकार का सरल ऊतक।
मधयोतक (मेजोपिफल)पत्तियों में पाया जाने वाला भरण ऊतक।

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Practice questions

  1. शारीर से आप क्या समझते हैं? Answer: पौधों की भीतरी संरचना के अध्ययन को शारीर कहते हैं।
  2. ऊतक तंत्र कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए। Answer: ऊतक तंत्र तीन प्रकार के होते हैं: बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र, भरण ऊतक तंत्र, और संवहनी ऊतक तंत्र।
  3. रंध्र का मुख्य कार्य क्या है? Answer: रंध्र वाष्पोत्सर्जन तथा गैसों के विनिमय को नियमित करते हैं।
  4. द्वारकोशिकाएं क्या हैं और उनका क्या कार्य है? Answer: द्वारकोशिकाएं रंध्र के आस-पास की कोशिकाएं हैं जो रंध्र के खुलने तथा बंद होने के क्रम को नियमित करती हैं।
  5. मूलरोम का कार्य क्या है? Answer: मूलरोम जल एवं खनिजतत्वों के अवशोषण में सहायक होते हैं।

Practice MCQs

Q1. पौधों की भीतरी संरचना के अध्ययन को क्या कहते हैं?

Q2. रचना तथा स्थिति के आधार पर ऊतक तंत्र कितने प्रकार के होते हैं?

Q3. निम्नलिखित में से कौन बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र का भाग नहीं है?

Q4. रंध्र को खोलने और बंद करने में कौन सी कोशिकाएं सहायक होती हैं?

Q5. क्यूटिकल का मुख्य कार्य क्या है?

Q6. पत्तियों में भरण ऊतक को क्या कहा जाता है?

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान अध्याय 6 का शीर्षक क्या है?

NCERT कक्षा 11 जीव विज्ञान अध्याय 6 का शीर्षक 'पुष्पी पादपों का शारीर' है।

शारीर का क्या अर्थ है?

शारीर पौधों की भीतरी संरचना के अध्ययन को कहते हैं।

पौधों में ऊतक तंत्र कितने प्रकार के होते हैं?

पौधों में ऊतक तंत्र तीन प्रकार के होते हैं: बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र, भरण ऊतक तंत्र, और संवहनी ऊतक तंत्र।

रंध्र का मुख्य कार्य क्या है?

रंध्र वाष्पोत्सर्जन और गैसों के विनिमय को नियंत्रित करते हैं।

क्यूटिकल क्या है और यह कहाँ पाई जाती है?

क्यूटिकल बाह्यत्वचा की बाहरी सतह पर पाई जाने वाली मोम की एक मोटी परत है जो पानी की हानि को रोकती है।

मूलरोम का कार्य क्या है?

मूलरोम जल और खनिजों के अवशोषण में सहायता करते हैं।

पत्तियों में भरण ऊतक को क्या कहा जाता है?

पत्तियों में भरण ऊतक को मधयोतक (मेजोपिफल) कहा जाता है।

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Important topics

ऊतक तंत्र के प्रकार बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र की संरचना और कार्य रंध्र की संरचना और कार्य भरण ऊतक तंत्र के घटक

Topics covered

पौधों की आंतरिक संरचना का अध्ययन (शारीर) ऊतक तंत्र बाह्यत्वचीय ऊतक तंत्र बाह्यत्वचा रंध्र द्वारकोशिकाएं मूलरोम त्वचारोम भरण ऊतक तंत्र पैरेंकाइमा काॅलेंकाइमा स्कलेरंकाइमा मधयोतक (मेजोपिफल)

NCERT Class 11 Biology — Jeev Vigyan — Chapter 6 — जीव विज्ञान. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.