NCERT Class 11 Accountancy Lekhashastra-I: Chapter 4 — लेन-देनों का अभिलेखन-2

NCERT CBSE Class 11 Accountancy Lekhashastra-I Chapter 4 Hindi PDF

यह अध्याय, 'लेन-देनों का अभिलेखन - 2', लेखांकन में विशिष्ट रोजनामचों के महत्व पर प्रकाश डालता है। यह बताता है कि व्यवसाय के विस्तार के साथ लेन-देनों की संख्या बढ़ने पर एक सामान्य रोजनामचा बोझिल हो जाता है। इसलिए, लेन-देनों को अधिक कुशलता से दर्ज करने के लिए, रोजनामचे को विशिष्ट रोजनामचों में वर्गीकृत किया गया है, जैसे रोकड़ बही, क्रय पुस्तक, विक्रय पुस्तक आदि। यह अध्याय इन विशिष्ट पुस्तकों की आवश्यकता, रोकड़ बही (एक-स्तंभीय रोकड़ बही सहित) में लेन-देनों को रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया, और उनके खातों में खतौनी करने पर केंद्रित है। यह छात्रों को विशिष्ट उद्देश्य वाली पुस्तकों की आवश्यकता को समझने और उनका उपयोग करके लेखांकन को सुव्यवस्थित करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectAccountancy
BookLekhashastra-I
ChapterChapter 4 — लेन-देनों का अभिलेखन-2
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time3 minutes
Word count597

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
रोजनामचाJournal; a book where transactions are first recorded.
खाता बहीLedger; a book where accounts are maintained.
विशिष्ट रोजनामचाSpecial Journal; a journal for specific types of transactions.
सहायक पुस्तकSubsidiary Book; another term for special journals.
रोकड़ बहीCash Book; a book recording all cash and bank receipts and payments.
खुदरा रोकड़ बहीPetty Cash Book; for recording small cash expenses.
क्रय पुस्तकPurchase Book; for recording credit purchases.
विक्रय पुस्तकSales Book; for recording credit sales.
क्रय वापसी पुस्तकPurchase Return Book; for recording returns of goods purchased on credit.
विक्रय वापसी पुस्तकSales Return Book; for recording returns of goods sold on credit.
मुख्य रोजनामचाGeneral Journal; for transactions not recorded in special journals.
खतौनीPosting; transferring entries from journals to ledger accounts.

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Practice questions

  1. व्यवसाय के विस्तार पर सामान्य रोजनामचा क्यों बोझिल हो जाता है? Answer: व्यवसाय के विस्तार पर लेन-देनों की संख्या बहुत बढ़ जाती है, जिससे सभी लेन-देनों को एक ही सामान्य रोजनामचे में दर्ज करना कठिन और समय लेने वाला हो जाता है।
  2. विशिष्ट रोजनामचों का क्या उद्देश्य है? Answer: विशिष्ट रोजनामचों का उद्देश्य समान प्रकृति के लेन-देनों को अलग-अलग पुस्तकों में दर्ज करके लेखांकन प्रक्रिया को सरल, तेज और अधिक कुशल बनाना है।
  3. रोकड़ बही में किन लेन-देनों का अभिलेखन किया जाता है? Answer: रोकड़ बही में नकद प्राप्तियों और नकद भुगतानों से संबंधित सभी लेन-देनों का अभिलेखन किया जाता है।
  4. एक-स्तंभीय रोकड़ बही कब बनाई जाती है? Answer: एक-स्तंभीय रोकड़ बही तब बनाई जाती है जब व्यापार में सभी लेन-देन केवल नकद में ही किए जाते हैं।
  5. मुख्य रोजनामचा का उपयोग कब किया जाता है? Answer: मुख्य रोजनामचे का उपयोग उन लेन-देनों के लिए किया जाता है जिनका अभिलेखन किसी भी सहायक पुस्तक (विशिष्ट रोजनामचे) में नहीं होता है।

Practice MCQs

Q1. व्यवसाय के विस्तार में लेन-देनों की संख्या बढ़ने पर किस पुस्तक का प्रयोग बोझिल हो जाता है?

Q2. नकद प्राप्तियों व भुगतानों से संबंधित सभी लेन-देनों का अभिलेखन किस पुस्तक में किया जाता है?

Q3. उधार खरीदे गए माल की वापसी का अभिलेखन किस पुस्तक में किया जाता है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सी एक विशिष्ट रोजनामचा (सहायक पुस्तक) नहीं है?

Q5. जब व्यापार में सभी लेन-देन केवल नकद में ही किए जाते हैं, तो कौन सी रोकड़ बही बनाई जाती है?

Q6. वह पुस्तक जिसमें उन लेन-देनों का अभिलेखन होता है जिनका किसी सहायक पुस्तक में अभिलेखन नहीं होता, क्या कहलाती है?

Frequently asked questions

लेखांकन में विशिष्ट रोजनामचों का क्या महत्व है?

विशिष्ट रोजनामचे लेखांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हैं, जिससे समान प्रकृति के लेन-देनों को अलग-अलग दर्ज किया जा सके, जिससे समय और श्रम की बचत होती है।

क्या रोकड़ बही रोजनामचे और खाता बही दोनों का कार्य करती है?

हाँ, रोकड़ बही मूल प्रविष्टि की पुस्तक (रोजनामचे की तरह) और नकद/बैंक खाते के रूप में (खाता बही की तरह) दोनों का कार्य करती है।

एक-स्तंभीय रोकड़ बही और दो-स्तंभीय रोकड़ बही में क्या अंतर है?

एक-स्तंभीय रोकड़ बही केवल नकद लेन-देन दर्ज करती है, जबकि दो-स्तंभीय रोकड़ बही नकद और बैंक दोनों लेन-देन दर्ज करती है।

यदि कोई लेन-देन क्रय पुस्तक में दर्ज नहीं होता है, तो उसे कहाँ दर्ज किया जाएगा?

यदि कोई लेन-देन किसी विशिष्ट सहायक पुस्तक में दर्ज नहीं होता है, तो उसे मुख्य रोजनामचे में दर्ज किया जाएगा।

खुदरा रोकड़ बही का क्या उपयोग है?

खुदरा रोकड़ बही का उपयोग छोटे-मोटे नकद खर्चों (जैसे स्टेशनरी, चाय-नाश्ता) को दर्ज करने के लिए किया जाता है।

उधार खरीदे गए माल को किस पुस्तक में दर्ज किया जाता है?

उधार खरीदे गए माल को क्रय पुस्तक (Purchase Book) में दर्ज किया जाता है।

उधार बेचे गए माल को किस पुस्तक में दर्ज किया जाता है?

उधार बेचे गए माल को विक्रय पुस्तक (Sales Book) में दर्ज किया जाता है।

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Topics covered

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NCERT Class 11 Accountancy — Lekhashastra-I — Chapter 4 — लेन-देनों का अभिलेखन-2. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.