NCERT Class 10 Social Science Bharat Aur Samakalin Vishav-2: Chapter 3 — भूमंडलीकृत विश्व का बनना

NCERT CBSE Class 10 Social Science Bharat Aur Samakalin Vishav-2 Chapter 3 Hindi PDF

This chapter, 'Krishi' (Agriculture), from NCERT Class 10 Social Science, Bharat Aur Samakalin Vishav-2, delves into the significance of agriculture in India. It explores various types of farming practiced across the country, including subsistence farming, commercial farming, and plantation agriculture. The chapter discusses the geographical conditions required for different crops and the impact of government policies on agricultural development. It highlights the challenges faced by farmers and the measures being taken to improve agricultural productivity and sustainability. Understanding agriculture is crucial for comprehending India's economy and rural livelihoods, providing a foundation for students' understanding of national development and food security within the CBSE curriculum.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 10
SubjectSocial Science
BookBharat Aur Samakalin Vishav-2
ChapterChapter 3 — भूमंडलीकृत विश्व का बनना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time1 minute
Word count14

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
भूमंडलीकृत विश्व का बननाAgriculture
निर्वाह भूमंडलीकृत विश्व का बननाSubsistence farming
व्यावसायिक भूमंडलीकृत विश्व का बननाCommercial farming
रोपण भूमंडलीकृत विश्व का बननाPlantation agriculture
फसलCrop
भौगोलिक परिस्थितियाँGeographical conditions
सिंचाईIrrigation
खाद्य सुरक्षाFood security

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Practice questions

  1. भारत में भूमंडलीकृत विश्व का बनना के महत्व को समझाइए। Answer: भूमंडलीकृत विश्व का बनना भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है, जो अधिकांश जनसंख्या को रोजगार प्रदान करती है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
  2. निर्वाह भूमंडलीकृत विश्व का बनना और व्यावसायिक भूमंडलीकृत विश्व का बनना में क्या अंतर है? Answer: निर्वाह भूमंडलीकृत विश्व का बनना मुख्य रूप से परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए की जाती है, जबकि व्यावसायिक भूमंडलीकृत विश्व का बनना बाजार में बेचने के उद्देश्य से की जाती है।
  3. चावल की फसल के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियाँ क्या हैं? Answer: चावल के लिए उच्च आर्द्रता के साथ 100 सेमी से अधिक वर्षा और 25°C से ऊपर तापमान की आवश्यकता होती है।

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, 'भारत और समकालीन विश्व-2' पुस्तक का तीसरा अध्याय कौन सा है?

NCERT कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान, 'भारत और समकालीन विश्व-2' पुस्तक का तीसरा अध्याय 'भूमंडलीकृत विश्व का बनना' है।

यह अध्याय किस बारे में जानकारी प्रदान करता है?

यह अध्याय भारत में भूमंडलीकृत विश्व का बनना के विभिन्न प्रकारों, प्रमुख फसलों, उनकी भौगोलिक परिस्थितियों और भूमंडलीकृत विश्व का बनना से संबंधित सरकारी नीतियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

भूमंडलीकृत विश्व का बनना भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

भूमंडलीकृत विश्व का बनना भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है, जो बड़ी आबादी को रोजगार प्रदान करती है और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

क्या इस अध्याय में विभिन्न प्रकार की खेती का वर्णन है?

हाँ, इस अध्याय में निर्वाह भूमंडलीकृत विश्व का बनना, व्यावसायिक भूमंडलीकृत विश्व का बनना और रोपण भूमंडलीकृत विश्व का बनना जैसे विभिन्न प्रकार की खेती का वर्णन किया गया है।

यह अध्याय CBSE कक्षा 10 के छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?

यह अध्याय छात्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था, ग्रामीण जीवन और खाद्य सुरक्षा की समझ विकसित करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

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Important topics

भूमंडलीकृत विश्व का बनना के प्रकार प्रमुख फसलें और उनकी भौगोलिक परिस्थितियाँ भूमंडलीकृत विश्व का बनना में सरकारी नीतियाँ भूमंडलीकृत विश्व का बनना की चुनौतियाँ

Topics covered

भूमंडलीकृत विश्व का बनना का महत्व भूमंडलीकृत विश्व का बनना के प्रकार निर्वाह भूमंडलीकृत विश्व का बनना व्यावसायिक भूमंडलीकृत विश्व का बनना रोपण भूमंडलीकृत विश्व का बनना प्रमुख फसलें (चावल, गेहूँ, मोटे अनाज, दालें, चाय, कॉफ़ी, गन्ना, कपास, रबर) भूमंडलीकृत विश्व का बनना की भौगोलिक परिस्थितियाँ भूमंडलीकृत विश्व का बनना में सरकारी नीतियाँ भूमंडलीकृत विश्व का बनना की चुनौतियाँ भूमंडलीकृत विश्व का बनना का आधुनिकीकरण

NCERT Class 10 Social Science — Bharat Aur Samakalin Vishav-2 — Chapter 3 — भूमंडलीकृत विश्व का बनना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.