NCERT Class 10 Social Science Arthik Vikas ki Samajh: Chapter 3 — मुद्रा और साख

NCERT CBSE Class 10 Social Science Arthik Vikas ki Samajh Chapter 3 Hindi PDF

यह अध्याय, 'मुद्रा और साख', NCERT की कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान की पुस्तक 'आर्थिक विकास की समझ' का तीसरा अध्याय है। यह मुद्रा के महत्व और इतिहास पर प्रकाश डालता है, जिसमें विभिन्न ऐतिहासिक रूपों और आधुनिक बैंकिंग प्रणाली से इसके जुड़ाव को समझाया गया है। अध्याय इस बात पर जोर देता है कि प्लास्टिक कार्ड जैसी चीजें मुद्रा नहीं हैं, बल्कि विनिमय का माध्यम हैं। साख (क्रेडिट) के महत्व को भी समझाया गया है, जिसमें बताया गया है कि यह कैसे लोगों, विशेषकर गरीबों के विकास में सहायक हो सकती है। अध्याय विमुद्रीकरण (नोटबंदी) और डिजिटलीकरण जैसी हालिया घटनाओं पर भी चर्चा करता है, और छात्रों को इन प्रक्रियाओं के प्रभावों पर बहस करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह अध्याय छात्रों को आर्थिक लेनदेन और साख की भूमिका को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 10
SubjectSocial Science
BookArthik Vikas ki Samajh
ChapterChapter 3 — मुद्रा और साख
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1162

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
मुद्राविनिमय का माध्यम
साखक्रेडिट या उधार
विनिमयवस्तुओं या सेवाओं का आदान-प्रदान
आवश्यकताओं का दोहरा संयोगवस्तु विनिमय प्रणाली में दोनों पक्षों की एक-दूसरे की वस्तुओं की आवश्यकता होना
बैंकवित्तीय संस्थान जो जमा स्वीकार करता है और ऋण प्रदान करता है
विमुद्रीकरणकिसी देश की सरकार द्वारा किसी विशेष मूल्यवर्ग के नोटों को कानूनी निविदा के रूप में अमान्य घोषित करना
डिजिटलीकरणनकदी के बजाय डिजिटल माध्यमों से वित्तीय लेनदेन
औपचारिक क्षेत्रबैंकों और सहकारी समितियों जैसे विनियमित संस्थान
अनौपचारिक क्षेत्रसाहूकार, रिश्तेदार, दोस्त जैसे अनियंत्रित स्रोत
माँग-जमाबैंकों में वह राशि जिसे जमाकर्ता जब चाहे निकाल सकता है

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. वस्तु विनिमय प्रणाली में क्या कठिनाई होती है? Answer: वस्तु विनिमय प्रणाली में 'आवश्यकताओं के दोहरे संयोग' की कठिनाई होती है, जहाँ दोनों पक्षों को एक-दूसरे की वस्तुओं की आवश्यकता होती है।
  2. मुद्रा को विनिमय का माध्यम क्यों कहा जाता है? Answer: क्योंकि मुद्रा का उपयोग करके कोई भी वस्तु या सेवा आसानी से खरीदी या बेची जा सकती है।
  3. विमुद्रीकरण क्या है? Answer: विमुद्रीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें सरकार किसी विशेष मूल्यवर्ग के नोटों को अचानक अमान्य घोषित कर देती है।
  4. साख का क्या महत्व है? Answer: साख आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर गरीबों के लिए, क्योंकि यह उन्हें निवेश करने और अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती है।
  5. नकदीरहित लेनदेन के कुछ उदाहरण दीजिए। Answer: बैंक हस्तांतरण, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल भुगतान, एटीएम कार्ड, पीओएस मशीन, क्यूआर कोड (यूपीआई) द्वारा भुगतान।

Frequently asked questions

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान के 'आर्थिक विकास की समझ' पुस्तक का तीसरा अध्याय कौन सा है?

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान की पुस्तक 'आर्थिक विकास की समझ' का तीसरा अध्याय 'मुद्रा और साख' है।

मुद्रा को विनिमय का माध्यम क्यों माना जाता है?

मुद्रा को विनिमय का माध्यम इसलिए माना जाता है क्योंकि यह वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री को आसान बनाती है और आवश्यकताओं के दोहरे संयोग की समस्या को समाप्त करती है।

साख का क्या अर्थ है?

साख का अर्थ है भविष्य में भुगतान के वादे के आधार पर वर्तमान में ऋण या विश्वास प्राप्त करना। यह आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।

विमुद्रीकरण का क्या प्रभाव होता है?

विमुद्रीकरण से अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह कम हो सकता है, काले धन पर अंकुश लग सकता है और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिल सकता है।

क्या प्लास्टिक कार्ड मुद्रा हैं?

नहीं, प्लास्टिक कार्ड (जैसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड) स्वयं मुद्रा नहीं हैं, बल्कि वे बैंक जमाओं या साख पर आधारित भुगतान के माध्यम हैं।

औपचारिक साख क्षेत्र में कौन शामिल हैं?

औपचारिक साख क्षेत्र में बैंक, सहकारी समितियाँ और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थान शामिल हैं।

Related resources

Important topics

मुद्रा और साख की अवधारणा वस्तु विनिमय की समस्याएँ साख का महत्व और प्रभाव औपचारिक बनाम अनौपचारिक साख विमुद्रीकरण और डिजिटलीकरण के प्रभाव

Topics covered

मुद्रा का इतिहास और विकास मुद्रा के कार्य वस्तु विनिमय प्रणाली आवश्यकताओं का दोहरा संयोग आधुनिक मुद्रा (बैंक जमा) साख (क्रेडिट) औपचारिक और अनौपचारिक साख क्षेत्र साख की उपलब्धता और शर्तें बैंकिंग प्रणाली कम्प्यूटरीकरण और मुद्रा के नए रूप विमुद्रीकरण (Demonetisation) डिजिटलीकरण और नकदीरहित लेनदेन

NCERT Class 10 Social Science — Arthik Vikas ki Samajh — Chapter 3 — मुद्रा और साख. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.