NCERT Class 10 Science Vigyan: Chapter 9 — प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन
यह अध्याय, NCERT कक्षा 10 विज्ञान, 'विज्ञान' पुस्तक के अध्याय 9, 'प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन' पर केंद्रित है। यह बताता है कि वस्तुएं प्रकाश को परावर्तित करके कैसे दृश्यमान बनती हैं और प्रकाश के सरल रेखाओं में गमन करने की अवधारणा प्रस्तुत करता है। अध्याय प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन की घटनाओं की पड़ताल करता है, जिसमें गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब का निर्माण शामिल है। यह समतल दर्पणों के गुणों की भी समीक्षा करता है और छात्रों को चम्मच जैसे सामान्य वस्तुओं का उपयोग करके वक्रित दर्पणों के व्यवहार का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। प्रकाश की तरंग और कण प्रकृति के बीच ऐतिहासिक बहस का भी उल्लेख किया गया है, जो आधुनिक क्वांटम सिद्धांत की ओर ले जाता है। यह अध्याय छात्रों को प्रकृति में होने वाली प्रकाशिक घटनाओं को समझने के लिए एक आधार प्रदान करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Science |
| Book | Vigyan |
| Chapter | Chapter 9 — प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 579 |
Learning outcomes
- प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन की घटनाओं को समझना।
- गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब निर्माण के नियमों का अध्ययन करना।
- समतल और गोलीय दर्पणों के गुणों और अनुप्रयोगों को जानना।
- प्रकाश के सरल रेखा गमन के सिद्धांत को समझना।
- प्रकाश की प्रकृति (तरंग और कण) के बारे में प्रारंभिक जानकारी प्राप्त करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| परावर्तन | प्रकाश का किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटना। |
| अपवर्तन | प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर अपने मार्ग से विचलित होना। |
| गोलीय दर्पण | वह दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ किसी खोखले गोले का एक भाग होता है। |
| अवतल दर्पण | गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर वक्रित होता है। |
| बिंब | वस्तु जिसे दर्पण के सामने रखा जाता है। |
| प्रतिबिंब | दर्पण में बनने वाली वस्तु की छवि। |
| आभासी प्रतिबिंब | वह प्रतिबिंब जिसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता। |
| वास्तविक प्रतिबिंब | वह प्रतिबिंब जिसे पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है। |
| सरल रेखा गमन | प्रकाश का सीधी रेखा में चलना। |
| विवर्तन | प्रकाश का किनारों पर मुड़ने का प्रभाव। |
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Practice questions
- प्रकाश के परावर्तन के नियम क्या हैं? Answer: आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है, तथा आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते हैं।
- समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब कैसा होता है? Answer: समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा, बिंब के आकार के बराबर और उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर बिंब दर्पण के सामने होता है। यह पार्श्व परिवर्तित भी होता है।
- गोलीय दर्पण क्या होते हैं? Answer: गोलीय दर्पण वे दर्पण होते हैं जिनका परावर्तक पृष्ठ किसी गोले के पृष्ठ का एक भाग होता है।
- अवतल दर्पण की परिभाषा दीजिए। Answer: अवतल दर्पण वह गोलीय दर्पण है जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर अर्थात गोले के केंद्र की ओर वक्रित होता है।
Frequently asked questions
वस्तुएँ हमें क्यों दिखाई देती हैं?
जब प्रकाश किसी वस्तु पर पड़ता है और वह प्रकाश हमारी आँखों द्वारा ग्रहण किया जाता है, तो हमें वस्तु दिखाई देती है। वस्तु प्रकाश को परावर्तित करती है।
प्रकाश सीधी रेखा में क्यों चलता प्रतीत होता है?
प्रकाश सीधी रेखा में चलता प्रतीत होता है क्योंकि यह एक सरल रेखा में गमन करता है, जैसा कि अपारदर्शी वस्तुओं द्वारा तीक्ष्ण छाया बनने से पता चलता है।
परावर्तन के नियम क्या हैं?
परावर्तन के नियम हैं: (i) आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है, तथा (ii) आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते हैं।
समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब कैसा होता है?
समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब आभासी, सीधा, बिंब के आकार के बराबर, दर्पण के पीछे समान दूरी पर और पार्श्व परिवर्तित होता है।
गोलीय दर्पण क्या होते हैं?
गोलीय दर्पण वे दर्पण होते हैं जिनका परावर्तक पृष्ठ किसी खोखले गोले का एक भाग होता है। ये अवतल या उत्तल हो सकते हैं।
प्रकाशिकी में विवर्तन का क्या अर्थ है?
विवर्तन वह प्रभाव है जिसमें प्रकाश अपने पथ में रखी छोटी वस्तुओं के किनारों पर मुड़ने की प्रवृत्ति दर्शाता है।
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NCERT Class 10 Science — Vigyan — Chapter 9 — प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.