NCERT Class 10 Science Vigyan: Chapter 6 — नियंत्रण एवं समन्वय
यह अध्याय सजीवों में नियंत्रण एवं समन्वय की प्रक्रिया पर केंद्रित है। पिछले अध्याय में सजीवों के अनुरक्षण कार्यों पर चर्चा के बाद, यह अध्याय बताता है कि कैसे जीव अपने पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों के प्रति अनुक्रिया करते हैं। यह गति को जीवन का एक महत्वपूर्ण लक्षण मानता है, जो वृद्धि से संबंधित हो भी सकती है और नहीं भी। अध्याय बताता है कि सजीवों को अपने पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों को पहचानने और उनके प्रति उचित अनुक्रिया करने के लिए विशेष तंत्र की आवश्यकता होती है। बहुकोशिकीय जीवों में, यह कार्य तंत्रिका और पेशी ऊतकों द्वारा किया जाता है। अध्याय जंतु तंत्रिका तंत्र की संरचना और कार्यप्रणाली का परिचय देता है, जिसमें ग्राही, तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन), विद्युत आवेग का संचरण और सिनेप्स की भूमिका शामिल है। यह बताता है कि कैसे सूचनाएं ग्राही से तंत्रिका कोशिका तक पहुँचती हैं और विद्युत आवेग के रूप में संचरित होती हैं, जो अंततः पेशी या ग्रंथि कोशिकाओं तक पहुँचकर अनुक्रिया उत्पन्न करती हैं। यह अध्याय छात्रों को सजीवों में जटिल प्रक्रियाओं को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Science |
| Book | Vigyan |
| Chapter | Chapter 6 — नियंत्रण एवं समन्वय |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 801 |
Learning outcomes
- सजीवों में नियंत्रण एवं समन्वय के महत्व को समझना।
- पर्यावरण में परिवर्तन के प्रति अनुक्रिया की प्रक्रिया को जानना।
- जंतु तंत्रिका तंत्र की मूल संरचना और कार्यप्रणाली को समझना।
- तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के विभिन्न भागों और उनके कार्यों की पहचान करना।
- विद्युत आवेग के संचरण और सिनेप्स की भूमिका को समझना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अनुरक्षण | रख-रखाव |
| गतिशील | चलने-फिरने वाला |
| नवोद््भिद | नया पौधा जो अंकुर से निकला हो |
| अनुक्रिया | किसी उद्दीपन के प्रति प्रतिक्रिया |
| नियंत्रण | किसी चीज़ को वश में रखना या निर्देशित करना |
| समन्वय | विभिन्न अंगों या क्रियाओं का तालमेल |
| तंत्रिका तंत्र | शरीर में सूचनाओं के संचरण के लिए जिम्मेदार प्रणाली |
| पेशी ऊतक | शरीर की गति के लिए जिम्मेदार ऊतक |
| ग्राही | संवेदी अंग जो बाहरी या आंतरिक उत्तेजनाओं का पता लगाते हैं |
| तंत्रिका कोशिका | न्यूरॉन, तंत्रिका तंत्र की मूल इकाई |
| विद्युत आवेग | तंत्रिका कोशिका में विद्युत संकेत |
| सिनेप्स | दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच का जंक्शन |
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Practice questions
- सजीवों में नियंत्रण एवं समन्वय क्यों आवश्यक है? Answer: सजीवों में नियंत्रण एवं समन्वय इसलिए आवश्यक है ताकि वे अपने पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों के प्रति उचित अनुक्रिया कर सकें और अपने जीवन को बनाए रख सकें।
- तंत्रिका तंत्र किन ऊतकों से बना होता है? Answer: तंत्रिका तंत्र तंत्रिका ऊतक से बना होता है, जिसमें तंत्रिका कोशिकाएँ (न्यूरॉन) होती हैं।
- ग्राही क्या कार्य करते हैं? Answer: ग्राही हमारे पर्यावरण से सूचनाओं का पता लगाते हैं और उन्हें तंत्रिका आवेगों में परिवर्तित करते हैं।
- तंत्रिका कोशिका में सूचना का संचरण कैसे होता है? Answer: तंत्रिका कोशिका में सूचना का संचरण विद्युत आवेग के रूप में होता है, जो द्रुमिका से कोशिकाकाय और फिर तंत्रिकाक्ष के माध्यम से संचरित होता है।
- सिनेप्स क्या है? Answer: सिनेप्स दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच का वह जंक्शन है जहाँ एक तंत्रिका कोशिका से दूसरी तंत्रिका कोशिका में सूचना का संचरण होता है।
Frequently asked questions
नियंत्रण एवं समन्वय का क्या अर्थ है?
नियंत्रण एवं समन्वय का अर्थ है शरीर के विभिन्न अंगों और क्रियाओं के बीच तालमेल बिठाना ताकि वे एक साथ मिलकर कार्य कर सकें और पर्यावरण के प्रति उचित अनुक्रिया कर सकें।
जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए कौन से तंत्र जिम्मेदार हैं?
जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र (हार्मोन) जिम्मेदार होते हैं।
तंत्रिका कोशिका को न्यूरॉन क्यों कहते हैं?
तंत्रिका कोशिका को न्यूरॉन इसलिए कहते हैं क्योंकि यह तंत्रिका तंत्र की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है।
विद्युत आवेग क्या है?
विद्युत आवेग तंत्रिका कोशिका में उत्पन्न होने वाला एक विद्युत संकेत है जो सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाता है।
सिनेप्स का क्या कार्य है?
सिनेप्स दो न्यूरॉन्स के बीच या न्यूरॉन और अन्य कोशिकाओं (जैसे पेशी या ग्रंथि) के बीच सूचना के संचरण की सुविधा प्रदान करता है।
क्या सभी गतियाँ वृद्धि के कारण होती हैं?
नहीं, सभी गतियाँ वृद्धि के कारण नहीं होती हैं। कुछ गतियाँ पर्यावरण में हुए परिवर्तनों के प्रति अनुक्रिया के कारण होती हैं।
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NCERT Class 10 Science — Vigyan — Chapter 6 — नियंत्रण एवं समन्वय. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.