कक्षा 9 समकालीन भारत - I: जनसंख्या के NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के लिए समकालीन भारत - I पुस्तक के अध्याय 6 'जनसंख्या' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों, जैसे स्थलाकृति, जलवायु, आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों की पड़ताल की गई है। समाधान बताते हैं कि कैसे मृत्यु दर में कमी के बावजूद जनसंख्या वृद्धि जारी है। लिंग अनुपात में भिन्नताओं के सामाजिक और शैक्षिक कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है। अभ्यास प्रश्नों के उत्तर, जिनमें प्रवास का प्रभाव, बच्चों के उच्च अनुपात के कारण और जनसंख्या वृद्धि दर की परिभाषा शामिल है, स्पष्ट रूप से समझाए गए हैं। ये समाधान छात्रों को जनसंख्या से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectसमकालीन भारत - I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. जनसंख्या

Chapter summary

कक्षा 9 के लिए समकालीन भारत - I के अध्याय 6 'जनसंख्या' के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत में जनसंख्या के वितरण, वृद्धि और संरचना की गहन समझ प्रदान करते हैं। समाधान जनसंख्या के असमान वितरण के भौगोलिक और आर्थिक कारकों, जनसंख्या वृद्धि दर में कमी के बावजूद निरंतर वृद्धि के कारणों और लिंग अनुपात को प्रभावित करने वाले सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों की व्याख्या करते हैं। अभ्यास प्रश्नों के उत्तर प्रवास, जन्म दर, मृत्यु दर और आयु संरचना जैसी प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं।

Learning outcomes

  • जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों को समझना।
  • जनसंख्या वृद्धि दर में कमी के बावजूद जनसंख्या में वृद्धि के कारणों का विश्लेषण करना।
  • लिंग अनुपात में भिन्नताओं के सामाजिक और शैक्षिक कारणों की व्याख्या करना।
  • प्रवास के जनसंख्या परिवर्तन पर प्रभाव को समझना।
  • जनसंख्या वृद्धि के महत्वपूर्ण घटकों (जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास) को परिभाषित करना।
  • आयु संरचना, जन्म दर और मृत्यु दर की अवधारणाओं को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • जनसंख्या का वितरण
  • जनसंख्या का घनत्व
  • जनसंख्या वृद्धि
  • जनसंख्या वृद्धि के घटक (जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास)
  • जनसंख्या वृद्धि दर
  • जनसंख्या की संरचना
  • आयु संरचना
  • लिंग अनुपात
  • साक्षरता
  • प्रवास का प्रभाव
  • जनसंख्या परिवर्तन
  • भारत में जनसंख्या संबंधी मुद्दे

Important topics

  • जनसंख्या के असमान वितरण के कारण
  • जनसंख्या वृद्धि दर में कमी के बावजूद जनसंख्या में वृद्धि
  • लिंग अनुपात को प्रभावित करने वाले कारक
  • जनसंख्या वृद्धि के महत्वपूर्ण घटक
  • आयु संरचना की परिभाषा

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

भारत में जनसंख्या के असमान वितरण के क्या कारण हैं?
Solution: भारत में जनसंख्या का वितरण असमान है, जिसके कई कारण हैं:
  1. स्थलाकृति: पहाड़ी, दुर्गम या दलदली क्षेत्रों की तुलना में मैदानी और नदी घाटियों जैसे क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है क्योंकि ये क्षेत्र कृषि और बसावट के लिए अधिक अनुकूल होते हैं।
  2. जलवायु: अत्यधिक ठंडे, गर्म या शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों की तुलना में समशीतोष्ण और मध्यम जलवायु वाले क्षेत्रों में अधिक लोग निवास करते हैं।
  3. आधारभूत सुविधाएँ: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बेहतर आधारभूत सुविधाओं वाले क्षेत्रों में लोग आकर्षित होते हैं, जिससे वहाँ जनसंख्या घनत्व बढ़ जाता है।
  4. रोजगार के अवसर: औद्योगिक क्षेत्र, शहरी केंद्र और वे स्थान जहाँ आर्थिक गतिविधियाँ अधिक होती हैं, रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं, जिससे लोग इन क्षेत्रों की ओर प्रवास करते हैं और जनसंख्या घनत्व बढ़ता है।

प्रश्न 2

सारणी 6.1 से पता चलता है कि वृद्धि दर में कमी के बावजूद प्रत्येक दशक लोगों की संख्या में नियमित रूप से वृद्धि हो रही है। ऐसा क्यों है?
Solution: यद्यपि भारत में जनसंख्या वृद्धि दर में कमी आई है, फिर भी प्रत्येक दशक में लोगों की कुल संख्या में वृद्धि जारी है। इसका मुख्य कारण यह है कि जन्म दर अभी भी मृत्यु दर से अधिक है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और जीवन स्तर में सुधार के कारण मृत्यु दर में काफी कमी आई है। हालाँकि, जन्म दर में उतनी तेजी से कमी नहीं आई है। इस प्रकार, जन्म लेने वाले व्यक्तियों की संख्या, मरने वालों की संख्या से अधिक होने के कारण, जनसंख्या में हर दशक में वृद्धि दर्ज की जाती है।

प्रश्न 3

इस प्रकार की विभिन्नताओं (लिंग अनुपात) के क्या कारण हो सकते हैं?
Solution: भारत में लिंग अनुपात (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) में विभिन्नता के कई सामाजिक और सांस्कृतिक कारण हैं:
  1. सामाजिक संरचना: भारतीय समाज पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान रहा है। कई परिवारों में पुत्रों को अधिक महत्व दिया जाता है, जिसके कारण कन्या भ्रूण हत्या या जन्म के बाद बालिकाओं की उपेक्षा जैसी प्रथाएँ प्रचलित हैं। दहेज प्रथा के कारण भी कुछ लोग लड़कियों को बोझ समझते हैं।
  2. अशिक्षा और जागरूकता की कमी: अशिक्षा और सामाजिक जागरूकता की कमी भी लिंग अनुपात को प्रभावित करती है। शिक्षा के अभाव में महिलाओं के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण बना रह सकता है। केरल जैसे राज्यों में उच्च साक्षरता दर और मातृसत्तात्मक समाज के प्रभाव के कारण लिंग अनुपात बेहतर पाया जाता है (प्रति 1,000 पुरुषों पर 1,058 महिलाएँ)।

अभ्यास

प्रश्न 1 (i)

नीचे दिए गए चार विकल्पों में सही विकल्प चुनिए। निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में प्रवास, आबादी में संख्या, वितरण एवं संरचना में परिवर्तन लाता है?
  • (क) प्रस्थान करने वाले क्षेत्र में
  • (ख) आगमन वाले क्षेत्र में
  • (ग) प्रस्थान व आगमन दोनों क्षेत्रों में
  • (घ) इनमें से कोई नहीं
Solution: (ग) प्रस्थान व आगमन दोनों क्षेत्रों में। प्रवास के कारण प्रस्थान करने वाले क्षेत्र की जनसंख्या कम हो जाती है और आगमन वाले क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ जाती है, जिससे दोनों क्षेत्रों की आबादी की संख्या, वितरण और संरचना में परिवर्तन आता है।

प्रश्न 1 (ii)

जनसंख्या में बच्चों का एक बहुत बड़ा अनुपात निम्नलिखित में से किसका परिणाम है?
  • (क) उच्च जन्म दर
  • (ख) उच्च मृत्यु दर
  • (ग) उच्च जीवन दर
  • (घ) अधिक विवाहित जोड़े
Solution: (क) उच्च जन्म दर। जब जन्म दर मृत्यु दर से काफी अधिक होती है, तो जनसंख्या में बच्चों (0-14 वर्ष आयु वर्ग) का अनुपात बड़ा होता है। उच्च मृत्यु दर या उच्च जीवन दर (प्रत्याशा) का बच्चों के अनुपात से सीधा संबंध नहीं है।

प्रश्न 1 (iii)

निम्नलिखित में से कौन-सा एक जनसंख्या वृद्धि दर का परिमाण दर्शाता है?
  • (क) एक क्षेत्र की कुल जनसंख्या
  • (ख) प्रत्येक वर्ष लोगों की संख्या में होने वाली वृद्धि
  • (ग) जनसंख्या वृद्धि की दर
  • (घ) प्रति हजार पुरूषों पर महिलाओं की संख्या
Solution: (ख) प्रत्येक वर्ष लोगों की संख्या में होने वाली वृद्धि। जनसंख्या वृद्धि दर से तात्पर्य किसी क्षेत्र की कुल जनसंख्या में एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) में होने वाले परिवर्तन से है, जो जन्म दर, मृत्यु दर और शुद्ध प्रवास के कारण होता है। विकल्प (ख) सीधे तौर पर वृद्धि की मात्रा को दर्शाता है।

प्रश्न 1 (iv)

2001 की जनगणना के अनुसार एक 'साक्षर' व्यक्ति वह है:
  • (क) जो अपने नाम को पढ़ एवं लिख सकता है।
  • (ख) जो किसी भाषा में पढ़ एवं लिख सकता है।
  • (ग) जिसकी उम्र 7 वर्ष है तथा वह किसी भी भाषा को समझ के साथ पढ़ एवं लिख सकता है।
  • (घ) जो पढना-लिखना व अंकगणित तीनों जानता है।
Solution: (ग) जिसकी उम्र 7 वर्ष है तथा वह किसी भी भाषा को समझ के साथ पढ़ एवं लिख सकता है। यह 2001 की जनगणना के अनुसार साक्षरता की आधिकारिक परिभाषा है, जिसमें आयु और समझने की क्षमता दोनों शामिल हैं।

प्रश्न 2 (i)

जनसंख्या वृद्धि के महत्वपूर्ण घटकों की व्याख्या करें।
Solution: जनसंख्या वृद्धि के तीन महत्वपूर्ण घटक हैं:
  1. जन्म दर: एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों पर जीवित जन्मों की संख्या को जन्म दर कहा जाता है। उच्च जन्म दर जनसंख्या वृद्धि में योगदान करती है।
  2. मृत्यु दर: एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों पर होने वाली मौतों की संख्या को मृत्यु दर कहा जाता है। उच्च मृत्यु दर जनसंख्या वृद्धि को कम करती है, जबकि कम मृत्यु दर इसे बढ़ाती है।
  3. प्रवास: लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाकर बसना प्रवास कहलाता है। यह या तो देश के भीतर (आंतरिक प्रवास) या देशों के बीच (अंतर्राष्ट्रीय प्रवास) हो सकता है। प्रवास जनसंख्या के वितरण और संरचना को बदल सकता है। जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि को दर्शाता है।

प्रश्न 2 (ii)

1981 से भारत में जनसंख्या की वृद्धि दर क्यों घट रही है?
Solution: 1981 से भारत में जनसंख्या की वृद्धि दर में कमी आने का मुख्य कारण जन्म दर में आई गिरावट है। सरकार द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, गर्भनिरोधक उपायों की उपलब्धता और उपयोग में वृद्धि, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक जागरूकता बढ़ने के कारण लोगों ने छोटे परिवार को अपनाना शुरू कर दिया है। इन सब प्रयासों के परिणामस्वरूप जन्म दर में तेजी से कमी आई है, जिससे जनसंख्या की समग्र वृद्धि दर घट रही है।

प्रश्न 2 (iii)

आयु संरचना, जन्म दर एवं मृत्यु दर को पारिभाषित करें।
Solution:
  1. आयु संरचना: किसी देश की जनसंख्या की आयु संरचना वहाँ के विभिन्न आयु समूहों (जैसे 0-14 वर्ष, 15-59 वर्ष, 60 वर्ष और उससे अधिक) के लोगों की संख्या और अनुपात को दर्शाती है। यह जनसंख्या की कार्यशील क्षमता और निर्भरता अनुपात को समझने में मदद करती है।
  2. जन्म दर: एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों पर जीवित जन्मों की संख्या को जन्म दर कहते हैं। यह जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख निर्धारक है।
  3. मृत्यु दर: एक वर्ष में प्रति हजार व्यक्तियों पर होने वाली मौतों की संख्या को मृत्यु दर कहते हैं। यह भी जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है।

Common mistakes

  • जनसंख्या वृद्धि के घटकों को केवल जन्म दर और मृत्यु दर तक सीमित समझना।
  • प्रवास के प्रभाव को केवल आगमन वाले क्षेत्र तक सीमित मानना।
  • साक्षर व्यक्ति की परिभाषा में आयु और समझ के पहलू को अनदेखा करना।
  • लिंग अनुपात में भिन्नताओं के केवल एक कारण पर ध्यान केंद्रित करना।

Revision tips

  • जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले भौगोलिक और आर्थिक कारकों की सूची बनाएं।
  • जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास के बीच संबंध को समझें।
  • भारत में लिंग अनुपात को प्रभावित करने वाले सामाजिक कारणों पर विशेष ध्यान दें।
  • अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में समझाने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक भारत में जनसंख्या के असमान वितरण का कारण बनता है?

Q2. वृद्धि दर में कमी के बावजूद प्रत्येक दशक लोगों की संख्या में नियमित वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?

Q3. भारत में लिंग अनुपात में भिन्नताओं का एक प्रमुख सामाजिक कारण क्या है?

Q4. जनसंख्या में बच्चों का एक बहुत बड़ा अनुपात किसका परिणाम है?

Q5. 2001 की जनगणना के अनुसार, एक 'साक्षर' व्यक्ति की क्या परिभाषा है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 के लिए समकालीन भारत - I के अध्याय 6 'जनसंख्या' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में भारत में जनसंख्या के असमान वितरण के कारणों, जनसंख्या वृद्धि दर में कमी के बावजूद जनसंख्या में निरंतर वृद्धि के कारणों, लिंग अनुपात में भिन्नताओं के सामाजिक और शैक्षिक कारणों, और जनसंख्या वृद्धि के महत्वपूर्ण घटकों जैसे जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास की व्याख्या की गई है।

जनसंख्या के असमान वितरण के क्या कारण हैं?

जनसंख्या के असमान वितरण के मुख्य कारण स्थलाकृति, जलवायु, आधारभूत सुविधाओं (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत्) की उपलब्धता और रोजगार के अवसरों की उपलब्धता हैं।

जनसंख्या वृद्धि के तीन महत्वपूर्ण घटक कौन से हैं?

जनसंख्या वृद्धि के तीन महत्वपूर्ण घटक हैं: जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास। जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर जनसंख्या की प्राकृतिक वृद्धि को दर्शाता है।

2001 की जनगणना के अनुसार एक 'साक्षर' व्यक्ति किसे माना जाता है?

2001 की जनगणना के अनुसार, एक साक्षर व्यक्ति वह है जिसकी आयु 7 वर्ष या उससे अधिक हो और वह किसी भी भाषा को समझ के साथ पढ़ और लिख सकता हो।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तार से समझाते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार करते हैं।

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