CBSE कक्षा 8 संसाधन एवं विकाश: मानव संसाधन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के लिए 'संसाधन एवं विकाश' पुस्तक के अध्याय 6, 'मानव संसाधन' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें मानव को एक संसाधन क्यों माना जाता है, जनसंख्या के असमान वितरण के कारण, जनसंख्या वृद्धि के कारक, जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले तत्व, जनसंख्या संघटन की परिभाषा और जनसंख्या पिरामिड की व्याख्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को जनसंख्या से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | संसाधन एवं विकाश |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 6. मानव संसाधन |
Chapter summary
कक्षा 8 के 'संसाधन एवं विकाश' के अध्याय 6, 'मानव संसाधन' के ये NCERT समाधान छात्रों को मानव संसाधन की अवधारणा, जनसंख्या के वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारकों को समझने में मदद करते हैं। समाधान जनसंख्या वृद्धि के कारणों, जनसंख्या परिवर्तन के घटकों (जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास) और जनसंख्या संघटन को दर्शाने वाले जनसंख्या पिरामिड के महत्व पर प्रकाश डालते हैं।
Learning outcomes
- मानव को एक संसाधन के रूप में समझने की क्षमता विकसित करना।
- जनसंख्या के असमान वितरण के विभिन्न कारणों का विश्लेषण करना।
- विश्व जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारणों की पहचान करना।
- जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों (जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास) की व्याख्या करना।
- जनसंख्या संघटन और जनसंख्या पिरामिड की अवधारणा को समझना।
- जनसंख्या पिरामिड के माध्यम से किसी देश की जनसंख्या संरचना का अध्ययन करना।
Topics covered
Paper topics
- मानव संसाधन
- जनसंख्या वितरण
- जनसंख्या घनत्व
- जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक (भौगोलिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, सामाजिक)
- जनसंख्या वृद्धि
- जनसंख्या वृद्धि के कारण
- जनसंख्या परिवर्तन
- जन्म दर
- मृत्यु दर
- प्रवास
- जनसंख्या संघटन
- जनसंख्या पिरामिड
Important topics
- मानव को संसाधन क्यों माना जाता है?
- जनसंख्या वितरण के कारक
- जनसंख्या वृद्धि के कारण
- जनसंख्या परिवर्तन के घटक
- जनसंख्या पिरामिड का महत्व
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
- लोगों को एक संसाधन क्यों समझा जाता है?
- विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण के क्या कारण हैं?
- विश्व की जनसंख्या अत्यंत तीव्रता से बढ़ गई है। क्यों?
- जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो कारकों की भूमिका का वर्णन कीजिए।
- जनसंख्या संघटन से क्या तात्पर्य है?
- जनसंख्या पिरामिड क्या है? ये किसी देश की जनसंख्या को समझने में किस प्रकार मदद करते हैं?
Solution:
- लोगों को एक संसाधन इसलिए माना जाता है क्योंकि मानव अपनी आवश्यकताओं और योग्यताओं का उपयोग करके प्रकृति में उपलब्ध वस्तुओं को उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित करता है। मनुष्य अपने ज्ञान, कौशल और प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का मूल्य बढ़ाता है और उन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपयोग करता है।
- विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण के कई कारण हैं, जिन्हें मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:
- भौगोलिक कारक: इसमें स्थलाकृति (पहाड़, मैदान, पठार), जलवायु (अत्यधिक गर्म या ठंडी जलवायु वाले क्षेत्र कम बसे होते हैं), मृदा की उर्वरता (उपजाऊ भूमि वाले क्षेत्रों में अधिक जनसंख्या), जल की उपलब्धता (नदियों के किनारे या जल स्रोतों के पास अधिक जनसंख्या) और खनिज संसाधनों की उपस्थिति (खनिज समृद्ध क्षेत्रों में जनसंख्या का जमाव) शामिल हैं।
- आर्थिक कारक: औद्योगिक क्षेत्र, जहाँ रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होते हैं, बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करते हैं। इसके विपरीत, अविकसित या कम औद्योगिक क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व कम होता है।
- सांस्कृतिक और सामाजिक कारक: धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व वाले स्थान, बेहतर आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं वाले क्षेत्र लोगों को आकर्षित करते हैं, जिससे वहाँ जनसंख्या का जमाव होता है।
- विश्व की जनसंख्या में अत्यंत तीव्र वृद्धि के मुख्य कारण मृत्यु दर में कमी और जन्म दर का अपेक्षाकृत उच्च बने रहना है। मृत्यु दर में कमी मुख्य रूप से खाद्य आपूर्ति में सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, बीमारियों पर नियंत्रण और चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के कारण आई है। जब मृत्यु दर कम हो जाती है और जन्म दर अधिक रहती है, तो जनसंख्या में प्राकृतिक वृद्धि दर बढ़ जाती है।
- जनसंख्या परिवर्तन को मुख्य रूप से तीन कारकों द्वारा प्रभावित किया जाता है: जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास।
- जन्म दर: यह प्रति 1000 व्यक्तियों पर एक वर्ष में जीवित जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या को मापती है। उच्च जन्म दर जनसंख्या वृद्धि में योगदान करती है।
- मृत्यु दर: यह प्रति 1000 व्यक्तियों पर एक वर्ष में मरने वाले व्यक्तियों की संख्या को मापती है। जब मृत्यु दर कम होती है (जैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण), तो जनसंख्या बढ़ती है।
- प्रवास: यह लोगों का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र या एक देश से दूसरे देश में जाने की क्रिया है। प्रवास जनसंख्या के वितरण और आकार को बदल सकता है। यदि किसी क्षेत्र में आने वाले लोगों की संख्या जाने वाले लोगों से अधिक है, तो वहाँ की जनसंख्या बढ़ेगी।
- जनसंख्या संघटन से तात्पर्य किसी देश की जनसंख्या की संरचना या विन्यास से है। यह हमें जनसंख्या के विभिन्न घटकों का अध्ययन करने में मदद करता है, जैसे कि आयु-लिंग अनुपात (कितने पुरुष और महिलाएँ हैं, और विभिन्न आयु समूहों में उनका वितरण क्या है), साक्षरता का स्तर (कितने लोग साक्षर हैं), स्वास्थ्य की स्थिति (जीवन प्रत्याशा, मृत्यु दर आदि), व्यवसाय (लोग किस प्रकार के कार्य करते हैं), और आय-व्यय का स्तर। जनसंख्या संघटन को समझने की एक महत्वपूर्ण विधि जनसंख्या पिरामिड है।
- जनसंख्या पिरामिड किसी देश की जनसंख्या की आयु और लिंग संरचना को दर्शाने वाली एक ग्राफिकल विधि है। यह कुल जनसंख्या को विभिन्न आयु वर्गों (जैसे 0-4 वर्ष, 5-9 वर्ष, आदि) में विभाजित करता है और प्रत्येक आयु वर्ग में पुरुषों और महिलाओं की संख्या या प्रतिशत को अलग-अलग दिखाता है। जनसंख्या पिरामिड किसी देश की जनसंख्या को समझने में कई तरह से मदद करता है:
- यह जनसंख्या की आयु संरचना को दर्शाता है, जिससे पता चलता है कि बच्चों, वयस्कों और वृद्धों का अनुपात क्या है।
- यह लिंग अनुपात को स्पष्ट करता है, जिससे पता चलता है कि प्रत्येक आयु वर्ग में पुरुषों और महिलाओं की संख्या कितनी है।
- यह जनसंख्या की वृद्धि दर का अनुमान लगाने में मदद करता है (जैसे, चौड़ा आधार तीव्र वृद्धि दर्शाता है, जबकि संकरा आधार धीमी वृद्धि या गिरावट का संकेत देता है)।
- यह देश की क्रियाशील जनसंख्या (कार्यरत आयु वर्ग) और आश्रित जनसंख्या (बच्चे और वृद्ध) के अनुपात को समझने में सहायक होता है, जो आर्थिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 2
सही को चिह्नित कीजिए।
- जनसंख्या वितरण शब्द से क्या तात्पर्य है?
- (क) किसी विशिष्ट क्षेत्र में समय के साथ जनसंख्या में किस प्रकार परिवर्तन होता है?
- (ख) किसी विशिष्ट क्षेत्र में जन्म लेने वाले लोगों की संख्या के संदर्भ में मृत्यु प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या।
- (ग) किसी दिए हुए क्षेत्र में लोग किस रूप में वितरित हैं।
- वे तीन मुख्य कारक कौन से हैं जिनसे जनसंख्या में परिवर्तन होता है?
- (क) जन्म, मृत्यु और विवाह
- (ख) जन्म, मृत्यु और प्रवास
- (ग) जन्म, मृत्यु और जीवन प्रत्याशा
- 1999 में विश्व की जनसंख्या हो गई
Solution:
- जनसंख्या वितरण का तात्पर्य है कि किसी दिए हुए क्षेत्र में लोग किस प्रकार फैले हुए हैं या वितरित हैं। यह केवल संख्या नहीं, बल्कि स्थानों पर लोगों के फैलाव का पैटर्न बताता है।
- सही विकल्प है: (ग) किसी दिए हुए क्षेत्र में लोग किस रूप में वितरित हैं।
- जनसंख्या में परिवर्तन मुख्य रूप से तीन कारकों के कारण होता है: जन्म दर (नए जन्मों की संख्या), मृत्यु दर (मृत्यु की संख्या), और प्रवास (लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना)। विवाह दर या जीवन प्रत्याशा सीधे तौर पर जनसंख्या परिवर्तन के मुख्य कारक नहीं हैं, बल्कि जन्म और मृत्यु दर को प्रभावित कर सकते हैं।
- सही विकल्प है: (ख) जन्म, मृत्यु और प्रवास।
- 1999 में विश्व की जनसंख्या लगभग 6 अरब (6 बिलियन) हो गई थी। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था जो जनसंख्या वृद्धि की दर को दर्शाता है।
Common mistakes
- जनसंख्या वितरण और जनसंख्या घनत्व के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- जनसंख्या परिवर्तन के केवल एक या दो कारकों पर ध्यान केंद्रित करना, जबकि तीन मुख्य कारक (जन्म, मृत्यु, प्रवास) होते हैं।
- जनसंख्या पिरामिड को केवल आयु-लिंग अनुपात के रूप में देखना, जबकि यह आश्रित और क्रियाशील जनसंख्या को भी दर्शाता है।
- जनसंख्या संघटन के विभिन्न घटकों को सूचीबद्ध करने में चूक जाना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और मुख्य अवधारणाओं को नोट करें।
- जनसंख्या वितरण, वृद्धि और परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों की सूची बनाएं।
- जनसंख्या पिरामिड के विभिन्न भागों (आधार, शिखर) और उनके महत्व को समझें।
- अभ्यास प्रश्नों को हल करने के बाद, दिए गए समाधानों से अपने उत्तरों का मिलान करें और सुधार करें।
Practice MCQs
Q1. लोगों को एक संसाधन क्यों माना जाता है?
Explanation: मानव अपनी आवश्यकताओं और योग्यताओं का उपयोग करके प्रकृति में उपलब्ध संसाधनों को उपयोगी बनाता है, इसलिए उसे एक संसाधन समझा जाता है।
Q2. जनसंख्या के असमान वितरण का एक प्रमुख भौगोलिक कारण क्या है?
Explanation: जलवायु, स्थलाकृति, मृदा, जल और खनिज जैसे भौगोलिक कारक जनसंख्या के वितरण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।
Q3. विश्व की जनसंख्या में तीव्र वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
Explanation: खाद्य आपूर्ति में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के कारण मृत्यु दर में कमी आई है, जिससे जनसंख्या तेजी से बढ़ी है।
Q4. जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक कौन सा है?
Explanation: जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास - ये तीन मुख्य कारक हैं जो किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन लाते हैं।
Q5. जनसंख्या पिरामिड क्या दर्शाता है?
Explanation: जनसंख्या पिरामिड किसी देश की कुल जनसंख्या को आयु और लिंग के आधार पर विभाजित करके उसकी संरचना को दर्शाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 के लिए मानव संसाधन अध्याय के मुख्य बिंदु क्या हैं?
मुख्य बिंदुओं में मानव को एक संसाधन के रूप में समझना, जनसंख्या के असमान वितरण के कारण, जनसंख्या वृद्धि के कारक, जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले तत्व (जन्म दर, मृत्यु दर, प्रवास) और जनसंख्या संघटन का अध्ययन शामिल है।
जनसंख्या के असमान वितरण के प्रमुख कारण क्या हैं?
जनसंख्या के असमान वितरण के प्रमुख कारण भौगोलिक (जैसे स्थलाकृति, जलवायु), आर्थिक (जैसे रोजगार के अवसर), सांस्कृतिक (जैसे धार्मिक स्थल) और सामाजिक (जैसे आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ) हैं।
जनसंख्या परिवर्तन को कौन से तीन मुख्य कारक प्रभावित करते हैं?
जनसंख्या परिवर्तन को मुख्य रूप से तीन कारक प्रभावित करते हैं: जन्म दर (प्रति 1000 व्यक्तियों पर जीवित जन्म), मृत्यु दर (प्रति 1000 व्यक्तियों पर मृत्यु) और प्रवास (लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना)।
जनसंख्या पिरामिड क्या है और यह कैसे उपयोगी है?
जनसंख्या पिरामिड एक ग्राफिकल तरीका है जो किसी देश की जनसंख्या की आयु और लिंग संरचना को दर्शाता है। यह हमें देश की आश्रित और क्रियाशील जनसंख्या को समझने में मदद करता है।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.