कक्षा 7 संस्कृत NCERT समाधान: अध्याय 9 विमानयानं रचयाम

NCERT Solutions PDF Class 7 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 9, 'विमानयानं रचयाम' पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को विमान बनाने के बारे में एक कविता के माध्यम से संस्कृत भाषा की सुंदरता और रचनात्मकता का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है। समाधानों में गीत को सस्वर गाने, तृतीय विभक्ति का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा करने और भिन्न वर्ग के पदों की पहचान करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये विस्तृत स्पष्टीकरण छात्रों को पाठ को बेहतर ढंग से समझने, व्याकरण के नियमों को लागू करने और शब्दावली का विस्तार करने में मदद करते हैं। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और संस्कृत में समग्र समझ को मजबूत करने के लिए एक उत्कृष्ट उपकरण है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. विमानयानं रचयाम

Chapter summary

अध्याय 9, 'विमानयानं रचयाम' के लिए NCERT समाधान छात्रों को संस्कृत में एक रचनात्मक कविता का पता लगाने में मदद करते हैं। इसमें गीत को सस्वर गाने का अभ्यास, तृतीय विभक्ति का उपयोग करके वाक्यों को पूरा करना और दिए गए शब्दों के समूह से भिन्न वर्ग के शब्द को चुनना शामिल है। ये समाधान छात्रों को व्याकरणिक अवधारणाओं को समझने और लागू करने में सहायता करते हैं, जिससे संस्कृत भाषा में उनकी दक्षता बढ़ती है।

Learning outcomes

  • दिए गए गीत को सस्वर गाने का अभ्यास करना।
  • तृतीय विभक्ति का सही प्रयोग सीखकर वाक्यों को पूरा करना।
  • दिए गए शब्दों के समूह से भिन्न वर्ग के पद को पहचानना।
  • संस्कृत शब्दावली और व्याकरण की समझ को बढ़ाना।

Topics covered

Paper topics

  • विमानयानं रचयाम (कविता)
  • सस्वर गायन
  • तृतीय विभक्ति
  • कारक (करण कारक)
  • शब्द रूप (पुल्लिंग, नपुंसकलिंग)
  • भिन्न वर्ग के पद
  • संस्कृत व्याकरण
  • शब्दार्थ ज्ञान

Important topics

  • तृतीय विभक्ति का प्रयोग
  • भिन्न वर्ग के पद की पहचान
  • विमानयानं रचयाम कविता का भावार्थ
  • संस्कृत शब्दावली

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

पाठ में दिया गया गीत सस्वर गाओ।
Solution: इस प्रश्न का उद्देश्य छात्रों को पाठ में प्रस्तुत 'विमानयानं रचयाम' कविता को उत्साह और स्पष्टता के साथ सस्वर गाने के लिए प्रेरित करना है। गीत को गाकर छात्र पाठ के भाव और लय को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। सभी विद्यार्थियों को मिलकर इस गीत का अभ्यास करना चाहिए।

प्रश्न 2

कोष्ठकों में दिए गए शब्दों में तृतीय विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:

यथा- नभः <u>चन्द्रेण</u> शोभते। (चन्द्र)

  • (क) सा ...... जलेन मुखं प्रक्षालयति। (विमल)
  • (ख) राघवः .....वहरति। (विमानयान)
  • (ग) कण्ठः ...... शोभते। (मौक्तिकहार)
  • (घ) नभः ..... प्रकाशते। (सूर्य)
  • (ङ) पर्वतशिखरम् ...... आकर्षकं दृश्यते। (अम्बुदमाला)
Solution: इस प्रश्न में हमें दिए गए कोष्ठक के शब्दों में तृतीय विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरना है। तृतीय विभक्ति का प्रयोग करण कारक के रूप में होता है, अर्थात क्रिया को करने में सहायक या साधन के रूप में।
  • (क) सा <u>विमलेन</u> जलेन मुखं प्रक्षालयति। (यहाँ 'स्वच्छ जल से' अर्थ है, इसलिए 'विमल' का तृतीय विभक्ति रूप 'विमलेन' होगा।)
  • (ख) राघवः <u>विमानयानेन</u> विहरति। (यहाँ 'विमान से' यात्रा करने का अर्थ है, इसलिए 'विमानयान' का तृतीय विभक्ति रूप 'विमानयानेन' होगा।)
  • (ग) कण्ठः <u>मौक्तिकहारेण</u> शोभते। (यहाँ 'मोतियों के हार से' गले की शोभा का वर्णन है, इसलिए 'मौक्तिकहार' का तृतीय विभक्ति रूप 'मौक्तिकहारेण' होगा।)
  • (घ) नभः <u>सूर्येण</u> प्रकाशते। (यहाँ 'सूर्य से' आकाश के प्रकाशित होने का वर्णन है, इसलिए 'सूर्य' का तृतीय विभक्ति रूप 'सूर्येण' होगा।)
  • (ङ) पर्वतशिखरम् <u>अम्बुदमालया</u> आकर्षकं दृश्यते। (यहाँ 'बादलों की माला से' पर्वत शिखर के आकर्षक दिखने का वर्णन है, इसलिए 'अम्बुदमाला' का तृतीय विभक्ति रूप 'अम्बुदमालया' होगा।)

प्रश्न 3

दिए गए शब्दों के समूह में से भिन्न वर्ग के पद का चयन करें:

भिन्नवर्गः

यथा- सूर्यः चन्द्रः, अम्बुदः, शुक्रः। अम्बुदः

  • (क) पत्राणि, पुष्पाणि, फलानि, मित्राणि। . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .
  • (ख) जलचरः, खेचरः, भूचरः, निशाचरः। .......................................
  • (ग) गावः, सिंहाः, कच्छपाः, गजाः। • • • • • • • • • • • • • • • • • • • •
  • (घ) मयूराः, चटकाः, शुकाः, मण्डूकाः। ..........

सौचिकः। (ङ) पुस्तकालयः, श्यामपट्टः, प्राचार्यः, . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .

  • (च) लेखनी, पुस्तिका, अध्यापिका, अजा। ......
Solution: इस प्रश्न में हमें दिए गए शब्दों के समूह में से उस शब्द को पहचानना है जो अन्य शब्दों से भिन्न है। इसके लिए हमें प्रत्येक शब्द के अर्थ और वर्ग को समझना होगा।

भिन्नवर्गः

यथा- सूर्यः चन्द्रः, अम्बुदः, शुक्रः। अम्बुदः (यहाँ सूर्य, चन्द्र, शुक्र ग्रह हैं, जबकि अम्बुद (बादल) एक प्राकृतिक वस्तु है।)

  • (क) पत्राणि, पुष्पाणि, फलानि, मित्राणि। <u>मित्राणि</u> (पत्र, पुष्प, फल - ये सभी किसी न किसी रूप में प्रकृति से संबंधित वस्तुएँ हैं, जबकि मित्र एक संबंध है।)
  • (ख) जलचरः, खेचरः, भूचरः, निशाचरः। <u>निशाचरः</u> (जलचर - जल में रहने वाला, खेचर - आकाश में उड़ने वाला, भूचर - भूमि पर चलने वाला। ये सभी विचरण के स्थान के आधार पर हैं। निशाचर - रात्रि में विचरण करने वाला, यह समय के आधार पर है, जो अन्य से भिन्न है।)
  • (ग) गावः, सिंहाः, कच्छपाः, गजाः। <u>कच्छपाः</u> (गावः - गाय, सिंहाः - सिंह, गजाः - हाथी ये सभी स्तनधारी जीव हैं, जबकि कच्छपः - कछुआ एक सरीसृप है।)
  • (घ) मयूराः, चटकाः, शुकाः, मण्डूकाः। <u>मण्डूकाः</u> (मयूर - मोर, चटक - चिड़िया, शुक - तोता, ये सभी पक्षी हैं। मण्डूक - मेढक उभयचर है।)
  • (ङ) पुस्तकालयः, श्यामपट्टः, प्राचार्यः, <u>सौचिकः</u> (पुस्तकालय - स्थान, श्यामपट्ट - वस्तु, प्राचार्यः - व्यक्ति (विद्यालय का)। सौचिकः - दर्जी, यह भी एक व्यक्ति है, लेकिन यह विद्यालय के संदर्भ से भिन्न है। यदि 'सौचिकः' को भिन्न माना जाए तो यह सही है। यदि 'प्राचार्यः' को भिन्न माना जाए तो अन्य दो वस्तुएँ हैं। दिए गए उत्तर के अनुसार 'सौचिकः' सही है।)
  • (च) लेखनी, पुस्तिका, अध्यापिका, अजा। <u>अजा</u> (लेखनी - लिखने की वस्तु, पुस्तिका - पुस्तक, ये दोनों वस्तुएँ हैं। अध्यापिका - एक व्यक्ति (स्त्री)। अजा - बकरी, यह एक पशु है। यहाँ 'अजा' भिन्न है क्योंकि अन्य दो वस्तुएँ हैं और अध्यापिका एक मानव है। यदि 'अध्यापिका' को भिन्न माना जाए तो अन्य दो वस्तुएँ हैं। दिए गए उत्तर के अनुसार 'अजा' सही है।)

Common mistakes

  • तृतीय विभक्ति के प्रत्ययों को गलत लगाना।
  • भिन्न वर्ग के पद को पहचानने में भ्रमित होना।
  • शब्दों के अर्थ को समझने में कठिनाई।

Revision tips

  • अध्याय के गीत को बार-बार गाकर याद करें।
  • तृतीय विभक्ति के नियमों का अभ्यास करें और वाक्यों में उनका प्रयोग करें।
  • भिन्न वर्ग वाले प्रश्नों को हल करने के लिए प्रत्येक शब्द के अर्थ पर ध्यान दें।
  • समाधानों को समझने के बाद स्वयं अभ्यास प्रश्न बनाने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. प्रश्न 2 (क) में 'विमल' शब्द से तृतीय विभक्ति में क्या रूप बनेगा?

Q2. प्रश्न 2 (ख) में 'विमानयान' शब्द से तृतीय विभक्ति में क्या रूप बनेगा?

Q3. प्रश्न 3 (क) में 'पत्राणि, पुष्पाणि, फलानि' किस वर्ग में आते हैं?

Q4. प्रश्न 3 (ख) में 'जलचरः, खेचरः, भूचरः' का सामान्य अर्थ क्या है?

Q5. प्रश्न 3 (ग) में 'गावः, सिंहाः, गजाः' किस वर्ग के हैं?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के संस्कृत अध्याय 9 'विमानयानं रचयाम' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में छात्रों को एक कविता के माध्यम से विमान बनाने की कल्पना करने और संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे तृतीय विभक्ति का प्रयोग और भिन्न वर्ग के पदों की पहचान, का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

तृतीय विभक्ति का प्रयोग किस प्रकार के वाक्यों में होता है?

तृतीय विभक्ति का प्रयोग मुख्य रूप से करण कारक के रूप में होता है, अर्थात जब कोई क्रिया किसी साधन या माध्यम से की जाती है। जैसे - 'वह हाथ से लिखता है' (हस्तेन लिखति)।

भिन्न वर्ग के पद का क्या अर्थ है?

भिन्न वर्ग के पद का अर्थ है कि दिए गए शब्दों के समूह में से वह शब्द चुनना जो अन्य शब्दों से अर्थ, वर्ग या प्रकृति में भिन्न हो।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को जानने में मदद मिलती है।

प्रश्न 1 का क्या उद्देश्य है?

प्रश्न 1 का उद्देश्य छात्रों को अध्याय में दी गई कविता को सस्वर गाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे वे पाठ के प्रवाह और लय को महसूस कर सकें।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.