कक्षा 7 संस्कृत: पाठ 7 सङ्कल्प: सिद्धिदायक: NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत पाठ 'सङ्कल्प: सिद्धिदायक:' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ छात्रों को क्रियाओं के विभिन्न रूपों, विशेष रूप से 'स्म' प्रत्यय के प्रयोग और भूतकाल की क्रियाओं को समझने में मदद करता है। समाधानों में उच्चारण अभ्यास और रिक्त स्थान भरने वाले अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों को संस्कृत व्याकरण की अपनी समझ को मजबूत करने में सहायता करते हैं। इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों को पाठ की सामग्री को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करना है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. सङ्कल्प: सिद्धिदायक:

Chapter summary

कक्षा 7 के संस्कृत पाठ 'सङ्कल्प: सिद्धिदायक:' के NCERT समाधान क्रियाओं के भूतकाल रूपों और 'स्म' प्रत्यय के प्रयोग पर केंद्रित हैं। इसमें छात्रों को क्रियाओं का सही उच्चारण करने और एकवचन, द्विवचन, बहुवचन तथा प्रथम, मध्यम और उत्तम पुरुष के अनुसार रिक्त स्थानों को भरने का अभ्यास कराया गया है। यह अभ्यास छात्रों की व्याकरणिक सटीकता को बढ़ाता है।

Learning outcomes

  • क्रियाओं के भूतकाल रूपों को पहचानना और उनका प्रयोग करना सीखना।
  • 'स्म' प्रत्यय के साथ क्रियाओं के भूतकाल रूपों का सही उच्चारण करना।
  • एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में क्रियाओं के रूपों को समझना।
  • प्रथम, मध्यम और उत्तम पुरुष के अनुसार क्रियाओं के रूपों का अभ्यास करना।
  • दिए गए उदाहरणों के आधार पर रिक्त स्थानों को भरना।

Topics covered

Paper topics

  • क्रियाओं का उच्चारण अभ्यास
  • भूतकाल क्रिया रूप ('स्म' प्रत्यय के साथ)
  • एकवचन, द्विवचन, बहुवचन
  • प्रथम पुरुष
  • मध्यम पुरुष
  • उत्तम पुरुष
  • रिक्त स्थान पूर्ति अभ्यास
  • संस्कृत व्याकरण

Important topics

  • भूतकाल क्रिया रूपों का 'स्म' प्रत्यय के साथ प्रयोग
  • पुरुष और वचन के अनुसार क्रिया रूपों का परिवर्तन
  • द्विवचन रूपों का अभ्यास
  • रिक्त स्थानों को सही क्रिया रूपों से भरना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

उच्चारणं कुरुत-

अभवत् अकथयत् अगच्छत्

न्यवेदयत् अपूजयत् स्वपिति

तपति प्राविशत् अवदत्

वदति स्म वसति स्म रक्षति स्म

वदति चरति स्म करोति स्म

गच्छति स्म अकरोत् पठति स्म

Solution:

छात्रों को इन शब्दों का उच्चारण स्वयं करना चाहिए। यह अभ्यास उन्हें संस्कृत क्रियाओं के विभिन्न रूपों, विशेष रूप से भूतकाल ('स्म' प्रत्यय के साथ) और वर्तमान काल के रूपों को पहचानने और बोलने में मदद करेगा। प्रत्येक शब्द का सही उच्चारण अभ्यास से ही संभव है।

प्रश्न 2

उदाहरणम् अनुसृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-

(क) एकवचनम् द्विवचनम् बहुवचनम्

यथा- वसति स्म वसतः स्म वसन्ति स्म

पूजयति स्म ...... .............

............. रक्षतः स्म ......

चरित स्म • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • •

• • • • • • • • • • • • • • • • • • • • कर्वन्ति स्म

(ख) पुरुषः एकवचनम् द्विवचनम् बहुवचन<br>म्

यथा- प्रथमपुरुषः अकथयत् अकथय ताम् न्

प्रथमपुरुषः ••••• अपूजयता अपूजय<br>म् न्

प्रथमपुरुषः अरक्षत् ...... ..........

पुरुषः (ग) एकवचनम् द्विवचनम् बहुवच<br>नम्

यथा- अवसः अवसतम् अवसत

मध्यमपुरुषः

मध्यमपु • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • अपूजयतम् • • • • • • • • • • • •

रुष: • • •

मध्यमपु रुष: •••• ...... अचरत

पुरुषः (घ) एकवचनम् द्विवचनम् बहुवचन<br>म्

यथा- अपठम् अपठाव अपठाम

उत्तमपुरुषः

Solution:

(क) 'स्म' प्रत्यय के साथ क्रिया रूपों को पूरा करना:

यह भाग वर्तमान काल की क्रियाओं में 'स्म' प्रत्यय जोड़कर उन्हें भूतकाल में बदलने का अभ्यास कराता है। यहाँ एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में प्रथम पुरुष के रूपों को भरना है।

  • यथा- वसति स्म (वह रहता था), वसतः स्म (वे दोनों रहते थे), वसन्ति स्म (वे सब रहते थे)
  • पूजयति स्म (वह पूजा करता था), पूजयतः स्म (वे दोनों पूजा करते थे), पूजयन्ति स्म (वे सब पूजा करते थे)
  • अचरति स्म (वह चलता था), रक्षतः स्म (वे दोनों रक्षा करते थे), रक्षन्ति स्म (वे सब रक्षा करते थे)
  • अचरित स्म (वह चला), अचरताम् स्म (वे दोनों चले), अचरन् स्म (वे सब चले)

(ख) प्रथम पुरुष के भूतकाल रूपों को पूरा करना:

यह भाग प्रथम पुरुष के भूतकाल (लङ्) रूपों को भरने का अभ्यास कराता है।

  • यथा- प्रथमपुरुषः अकथयत् (उसने कहा), अकथयताम् (उन दोनों ने कहा), अकथयन् (उन सबने कहा)
  • प्रथमपुरुषः अपूजयत् (उसने पूजा की), अपूजयताम् (उन दोनों ने पूजा की), अपूजयन् (उन सबने पूजा की)
  • प्रथमपुरुषः अरक्षत् (उसने रक्षा की), अरक्षताम् (उन दोनों ने रक्षा की), अरक्षन् (उन सबने रक्षा की)

(ग) मध्यम पुरुष के भूतकाल रूपों को पूरा करना:

यह भाग मध्यम पुरुष के भूतकाल (लङ्) रूपों को भरने का अभ्यास कराता है।

  • यथा- अवसः (तू रहता था), अवसतम् (तुम दोनों रहते थे), अवसत (तुम सब रहते थे)
  • मध्यमपुरुषः अपूजयः (तूने पूजा की), अपूजयतम् (तुम दोनों ने पूजा की), अपूजयत (तुम सबने पूजा की)
  • मध्यमपुरुषः अचरिः (तू चला), अचरतम् (तुम दोनों चले), अचरत (तुम सब चले)

(घ) उत्तम पुरुष के भूतकाल रूपों को पूरा करना:

यह भाग उत्तम पुरुष के भूतकाल (लङ्) रूपों को भरने का अभ्यास कराता है।

  • यथा- अपठम् (मैंने पढ़ा), अपठाव (हमने दोनों ने पढ़ा), अपठाम (हमने सबने पढ़ा)

Common mistakes

  • 'स्म' प्रत्यय के साथ क्रियाओं के रूपों में लिंग और वचन की त्रुटियाँ।
  • भूतकाल क्रियाओं के एकवचन, द्विवचन और बहुवचन रूपों को गलत मिलाना।
  • पुरुष (प्रथम, मध्यम, उत्तम) के अनुसार क्रिया रूपों का गलत चयन।

Revision tips

  • प्रत्येक क्रिया रूप का जोर से उच्चारण करें, विशेषकर 'स्म' के साथ।
  • रिक्त स्थानों को भरने के लिए दिए गए उदाहरणों को ध्यान से देखें और समझें।
  • क्रियाओं के विभिन्न रूपों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) को एक साथ लिखकर अभ्यास करें।
  • पाठ के संदर्भ में क्रियाओं के प्रयोग को समझने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा 'वस्' धातु का 'स्म' प्रत्यय के साथ भूतकाल, प्रथम पुरुष, बहुवचन रूप है?

Q2. 'पूजयति स्म' का द्विवचन रूप क्या है?

Q3. 'रक्षति स्म' का द्विवचन रूप क्या है?

Q4. 'अकथयत्' किस पुरुष और वचन का रूप है?

Q5. 'अकथय ताम्' किस पुरुष और वचन का रूप है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के संस्कृत पाठ 7 'सङ्कल्प: सिद्धिदायक:' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस पाठ में मुख्य रूप से क्रियाओं के भूतकाल रूपों का अभ्यास कराया गया है, विशेषकर 'स्म' प्रत्यय के प्रयोग के माध्यम से। इसमें एकवचन, द्विवचन, बहुवचन और प्रथम, मध्यम, उत्तम पुरुष के अनुसार क्रिया रूपों को समझना शामिल है।

क्या 'स्म' प्रत्यय का प्रयोग केवल भूतकाल के लिए होता है?

हाँ, 'स्म' प्रत्यय का प्रयोग क्रिया के साथ मिलकर उसे भूतकाल का बोध कराता है, जैसे 'पठति स्म' का अर्थ 'पढ़ता था' होता है।

इस पाठ के समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को क्रिया रूपों की पहचान करने, उनका सही उच्चारण करने और व्याकरणिक रूप से सही वाक्य बनाने का अभ्यास कराते हैं, जो परीक्षा में व्याकरणिक प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

रिक्त स्थान पूर्ति अभ्यास का क्या महत्व है?

रिक्त स्थान पूर्ति अभ्यास छात्रों को विभिन्न पुरुष और वचनों के अनुसार क्रिया रूपों के सही प्रयोग को समझने और लागू करने में मदद करता है, जिससे उनकी व्याकरणिक सटीकता बढ़ती है।

क्या इस पाठ में द्विवचन रूपों पर विशेष ध्यान दिया गया है?

हाँ, पाठ के अभ्यास में एकवचन, द्विवचन और बहुवचन तीनों रूपों का समावेश है, जिसमें द्विवचन रूपों को भरने पर भी जोर दिया गया है।

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