कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: हमारी बदलती पृथ्वी NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 3, 'हमारी बदलती पृथ्वी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पृथ्वी की आंतरिक और बाह्य शक्तियों, जैसे अंतर्जनित और बहिर्जनित बल, के कारण होने वाले परिवर्तनों को समझाया गया है। छात्र सीखेंगे कि कैसे प्लेटें गति करती हैं, अपरदन और निक्षेपण की प्रक्रियाएं विभिन्न भू-आकृतियों जैसे बाढ़कृत मैदान, बालू टिब्बा, समुद्री पुलिन और चापझील का निर्माण करती हैं। समाधानों में इन प्रक्रियाओं के पीछे के कारणों और प्रभावों का स्पष्टीकरण शामिल है, जो छात्रों को पृथ्वी की गतिशील प्रकृति को समझने में मदद करते हैं। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. हमारी बदलती पृथ्वी

Chapter summary

कक्षा 7 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 3 'हमारी बदलती पृथ्वी' के ये NCERT समाधान छात्रों को पृथ्वी की सतह पर होने वाले विभिन्न परिवर्तनों से परिचित कराते हैं। यह अध्याय अंतर्जनित और बहिर्जनित बलों की भूमिका, प्लेट टेक्टोनिक्स, और अपरदन व निक्षेपण द्वारा निर्मित प्रमुख भू-आकृतियों जैसे बाढ़कृत मैदान, बालू टिब्बा, समुद्री पुलिन और चापझील की विस्तृत व्याख्या करता है। समाधानों का उद्देश्य इन जटिल भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ तरीके से समझाना है।

Learning outcomes

  • पृथ्वी की आंतरिक और बाह्य गतियों के कारण को समझना।
  • अंतर्जनित और बहिर्जनित बलों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • अपरदन और निक्षेपण की प्रक्रियाओं को पहचानना।
  • विभिन्न भू-आकृतियों के निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
  • समुद्री तरंगों, हिमनदों और पवन द्वारा निर्मित स्थलाकृतियों का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • पृथ्वी की गतियाँ
  • अंतर्जनित बल
  • बहिर्जनित बल
  • भूकंप
  • ज्वालामुखी
  • भूकंपीय तरंगें
  • प्लेट टेक्टोनिक्स
  • अपरदन
  • निक्षेपण
  • बाढ़कृत मैदान
  • बालू टिब्बा
  • समुद्री पुलिन
  • चापझील

Important topics

  • अंतर्जनित एवं बहिर्जनित बल
  • अपरदन एवं निक्षेपण की प्रक्रियाएँ
  • विभिन्न भू-आकृतियों का निर्माण (बाढ़कृत मैदान, बालू टिब्बा, समुद्री पुलिन, चापझील)
  • पृथ्वी की गतियों का प्रभाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

(क) प्लेटें क्यों घूमती हैं?

(ख) बहिर्जनित एवं अंतर्जनित बल क्या हैं?

(ग) अपरदन क्या है?

(घ) बाढ़कृत मैदान का निर्माण किस प्रकार होता है?

(ङ) बालू टिब्बा क्या है?

(च) समुद्री पुलिन का निर्माण कैसे होता है?

(छ) चापझील क्या है?

Solution:

(क) पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली संवहन धाराओं के कारण पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें घूमती हैं। ये धाराएँ मैग्मा को गर्म और ठंडा करती हैं, जिससे यह गति करता है और प्लेटों को अपने साथ ले जाता है।

(ख) बहिर्जनित एवं अंतर्जनित बल पृथ्वी की सतह पर परिवर्तन लाने वाले दो प्रकार के बल हैं।

  • अंतर्जनित बल: ये बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में उत्पन्न होते हैं। ये बल अचानक या धीरे-धीरे कार्य कर सकते हैं और भूकंप, ज्वालामुखी, पर्वत निर्माण जैसी भू-आकृतियों का निर्माण करते हैं।
  • बहिर्जनित बल: ये बल पृथ्वी की सतह पर कार्य करते हैं। इनमें अपरदन (जैसे जल, पवन, हिमनद द्वारा) और निक्षेपण (सामग्री का जमाव) शामिल हैं, जो भू-दृश्य को लगातार बदलते रहते हैं।

(ग) अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी की सतह से मिट्टी, चट्टानों के कणों और अन्य पदार्थों को जल, पवन, हिमनद या समुद्री तरंगों जैसे प्राकृतिक एजेंटों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यह भू-दृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

(घ) जब कोई नदी अपने किनारों से ऊपर बहने लगती है, तो बाढ़ आती है। इस बाढ़ के कारण नदी अपने किनारों के पास महीन मिट्टी और अन्य अवसादों को जमा कर देती है। इस निक्षेपण के परिणामस्वरूप एक समतल और उपजाऊ बाढ़कृत मैदान का निर्माण होता है।

(ङ) बालू टिब्बा रेगिस्तान या शुष्क क्षेत्रों में पवन द्वारा निर्मित एक स्थलाकृति है। जब पवन अपने साथ रेत के कणों को उड़ाकर ले जाती है और उसकी गति कम हो जाती है या वह रुक जाती है, तो रेत जमा होकर छोटी पहाड़ियों का रूप ले लेती है, जिन्हें बालू टिब्बा कहा जाता है।

(च) समुद्री पुलिन का निर्माण समुद्री तरंगों द्वारा होता है। जब समुद्री तरंगें तटों से टकराती हैं, तो वे अपने साथ लाए गए अवसाद (जैसे रेत, कंकड़) को तट के किनारे जमा कर देती हैं। इन अवसादों के लगातार जमा होने से समुद्री पुलिन का निर्माण होता है।

(छ) चापझील एक विशेष प्रकार की झील है जो नदी के मैदानी भागों में बनती है। जब नदी अपने घुमावदार मार्ग (वि artıसर्प) में बहती है, तो अपरदन और निक्षेपण की क्रियाओं के कारण, नदी का यह घुमावदार हिस्सा मुख्य धारा से कट जाता है। इस प्रकार, नदी से अलग होकर बनी हुई इस अर्धचंद्राकार या धनुषाकार झील को चापझील कहते हैं।

प्रश्न 2

2. सही उत्तर पर चिन्ह लगाइए:
  1. इनमें से कौन सी समुद्री तरंग की विशेषता नहीं है?
  • (क) शैल
  • (ख) किनारा
  • (ग) समुद्री गुफा
  1. हिमनद की निक्षेपण विशेषता है -
  • (क) बाढ़कृत मैदान
  • (ख) पुलिन
  • (ग) हिमोड़
  1. पृथ्वी की आकस्मिक गतियों के कारण कौन सी घटना होती है -
  • (क) ज्वालामुखी
  • (ख) वलन
  • (ग) बाढ़कृत मैदान
  1. छत्रक शैलें पाई जाती हैं -
  • (क) रेगिस्तान में
  • (ख) नदी घाटी में
  • (ग) हिमनद में
  1. चापझील यहाँ पाई जाती है -
  • (क) हिमनद
  • (ख) नदी घाटी
  • (ग) रेगिस्तान
Solution:

1. (क) शैल, (ख) किनारा, और (ग) समुद्री गुफा सभी समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित या उनसे संबंधित स्थलाकृतियाँ हैं। प्रश्न में 'इनमें से कौन सी समुद्री तरंग विशेषता नही है?' पूछा गया है, लेकिन दिए गए विकल्पों में से कोई भी समुद्री तरंग की विशेषता न होने का स्पष्ट विकल्प नहीं है। यदि प्रश्न का आशय 'समुद्री तरंग की विशेषता है?' होता, तो ये सभी सही होते। यदि कोई अन्य विकल्प होता जो समुद्री तरंग से संबंधित न हो, तो वह उत्तर होता। दिए गए विकल्पों के आधार पर, यह प्रश्न थोड़ा अस्पष्ट है। हालांकि, यदि हम सामान्य ज्ञान का उपयोग करें, तो 'शैल' और 'किनारा' सीधे समुद्री तरंगों से जुड़े हैं, जबकि 'समुद्री गुफा' भी तरंगों द्वारा निर्मित होती है। यदि कोई ऐसा विकल्प होता जो पृथ्वी की आंतरिक गति से संबंधित होता, तो वह सही उत्तर होता। इस प्रश्न के दिए गए विकल्पों में से, हम मान सकते हैं कि प्रश्न का उद्देश्य समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित विशिष्ट स्थलाकृतियों के बारे में पूछना है।

2. (ग) हिमोड़ हिमनद (ग्लेशियर) द्वारा निक्षेपित सामग्री होती है। बाढ़कृत मैदान नदी द्वारा और पुलिन समुद्री तरंगों द्वारा निर्मित होते हैं।

3. (क) ज्वालामुखी पृथ्वी की आंतरिक आकस्मिक गतियों के कारण होता है। वलन भी आंतरिक गतियों से होता है लेकिन यह अक्सर धीमी गति से होता है। बाढ़कृत मैदान बहिर्जनित बलों (नदी) का परिणाम है।

4. (क) छत्रक शैलें (Mushroom rocks) रेगिस्तान में पाई जाती हैं। ये पवन द्वारा अपरदन के कारण बनती हैं, जहाँ नीचे का भाग अधिक घिस जाता है और ऊपर का भाग मशरूम जैसा दिखता है।

5. (ख) चापझीलें नदी घाटियों में पाई जाती हैं। ये नदी के विसर्पों के कट जाने से बनती हैं।

Common mistakes

  • अंतर्जनित और बहिर्जनित बलों के बीच भ्रमित होना।
  • अपरदन और निक्षेपण के बीच अंतर को ठीक से न समझना।
  • विभिन्न भू-आकृतियों के निर्माण की प्रक्रियाओं को गलत बताना।

Revision tips

  • प्रत्येक भू-आकृति के निर्माण में शामिल बल (अंतर्जनित/बहिर्जनित) और प्रक्रिया (अपरदन/निक्षेपण) को सूचीबद्ध करें।
  • मुख्य शब्दावली जैसे 'प्लेट', 'अपरदन', 'निक्षेपण', 'बाढ़कृत मैदान', 'चापझील' आदि को परिभाषित करें।
  • अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपनी भाषा में फिर से लिखने का प्रयास करें।
  • चित्रों या आरेखों की सहायता से विभिन्न स्थलाकृतियों के निर्माण की कल्पना करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी समुद्री तरंग की विशेषता नहीं है?

Q2. हिमनद (ग्लेशियर) की निक्षेपण विशेषता इनमें से कौन सी है?

Q3. पृथ्वी की आकस्मिक गतियों के कारण कौन सी घटना होती है?

Q4. छत्रक शैलें (मशरूम रॉक्स) सामान्यतः कहाँ पाई जाती हैं?

Q5. चापझील (Oxbow Lake) सामान्यतः कहाँ पाई जाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 3 'हमारी बदलती पृथ्वी' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में पृथ्वी की आंतरिक और बाह्य गतियों, अंतर्जनित और बहिर्जनित बलों, तथा इन बलों द्वारा निर्मित विभिन्न भू-आकृतियों जैसे बाढ़कृत मैदान, बालू टिब्बा, समुद्री पुलिन और चापझील के निर्माण की प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है।

अंतर्जनित बल और बहिर्जनित बल में क्या अंतर है?

अंतर्जनित बल वे बल हैं जो पृथ्वी के आंतरिक भाग में उत्पन्न होते हैं और भूकंप व ज्वालामुखी जैसी घटनाएँ लाते हैं। बहिर्जनित बल वे बल हैं जो पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं, जैसे अपरदन और निक्षेपण, जो भू-आकृतियों का निर्माण करते हैं।

समुद्री तरंगें किस प्रकार समुद्री पुलिन का निर्माण करती हैं?

समुद्री तरंगें किनारों पर लगातार टकराती हैं और अपने साथ लाए गए अवसाद (जैसे रेत, कंकड़) को जमा करती हैं। समय के साथ, इन अवसादों के जमा होने से समुद्री पुलिन का निर्माण होता है।

चापझील कैसे बनती है?

जब कोई नदी मैदानी भाग में बहती है, तो वह घुमावदार मार्ग (वि artıसर्प) बना लेती है। अपरदन और निक्षेपण की प्रक्रिया के कारण, नदी का यह घुमावदार हिस्सा मुख्य धारा से कट जाता है और एक अलग झील का रूप ले लेता है, जिसे चापझील कहते हैं।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तार से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।

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