कक्षा 3 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 8 पंख फैलाएँ; उड़ते जाएँ - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 3 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8, 'पंख फैलाएँ; उड़ते जाएँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न पक्षियों की पहचान करने, उनकी अनूठी विशेषताओं जैसे पंखों, चोंच और आवासों को समझने में मदद करता है। समाधानों में पक्षियों के नाम भरने, उन्हें उनके आवासों के अनुसार वर्गीकृत करने और उनकी चोंच के आकार के आधार पर उनकी पहचान करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। यह छात्रों को अपने आसपास के पक्षी जीवन का निरीक्षण करने और सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 3 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. पंख फैलाएँ; उड़ते जाएँ |
Chapter summary
कक्षा 3 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8, 'पंख फैलाएँ; उड़ते जाएँ' के ये NCERT समाधान छात्रों को विभिन्न पक्षियों की दुनिया से परिचित कराते हैं। इसमें पक्षियों की पहचान करना, उनके द्वारा की जाने वाली आवाजों को समझना, उनके रहने के स्थानों को जानना और उनकी चोंच के विभिन्न आकारों का अध्ययन करना शामिल है। छात्र विभिन्न पक्षियों के नाम भरना, उन्हें सही स्थानों पर चिह्नित करना और उनकी विशिष्ट पहचान लिखना सीखेंगे। यह अध्याय छात्रों को पक्षियों के प्रति अवलोकन कौशल विकसित करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- विभिन्न पक्षियों की पहचान करना और उनके नाम लिखना।
- पक्षियों की आवाजों और उनके नामों के बीच संबंध स्थापित करना।
- पक्षियों के आवासों (जैसे पेड़, पानी, जमीन) को समझना।
- पक्षियों की चोंच के विभिन्न आकारों का निरीक्षण करना और पहचानना।
- अपने आसपास के पक्षी जीवन का अवलोकन करने का कौशल विकसित करना।
Topics covered
Paper topics
- पक्षियों की पहचान
- पक्षी आवास
- पक्षियों की चोंच के प्रकार
- पक्षियों की आवाजें
- राष्ट्रीय पक्षी (मोर)
- शिकारी पक्षी (चील, गिद्ध)
- पालतू पक्षी (कबूतर, तोता)
- पक्षी घोंसला बनाना (दर्जिन चिड़िया)
- पक्षी अवलोकन
- पर्यावरण में पक्षियों की भूमिका
Important topics
- पक्षियों की पहचान और उनके नाम
- पक्षियों के आवास
- पक्षियों की चोंच के विभिन्न आकार
- पक्षियों की आवाजों से पहचान
- पर्यावरण में पक्षियों का महत्व
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
अभ्यास 1: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
मेरे सिर पर ______ है, सुन्दर पंखों पर नाज है। सुन्दर नाच दिखाता हूँ। राष्ट्रीय पक्षी कहलाता हूँ।
यह पहेली भारत के राष्ट्रीय पक्षी, मोर के बारे में है। मोर अपने रंगीन और सुन्दर पंखों के लिए जाना जाता है, जिन्हें वह नाचते समय फैलाता है।
उत्तर: मोर
अभ्यास 2: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
आकाश से सीधे आती हूँ, झपट चूहा ले जाती हूँ। पूँछ है मेरी खाँचे वाली, ______ हूँ मैं बड़ी निराली।
यह वर्णन एक शिकारी पक्षी का है जो बहुत तेज़ी से झपटता है और चूहे जैसे छोटे जानवरों का शिकार करता है। इसकी पूँछ खाँचे वाली होती है। यह पक्षी चील है।
उत्तर: चील
अभ्यास 3: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
हरे-हरे हैं मेरे पंख, लाल है मेरी ______ का रंग। हरी मिर्च मैं खाता हूँ, ______ मैं कहलाता हूँ।
यह पहेली एक हरे रंग के पक्षी के बारे में है जिसके पंख हरे होते हैं और उसकी चोंच का रंग लाल होता है। यह पक्षी हरी मिर्च खाना पसंद करता है और तोता कहलाता है।
उत्तर: चोंच, तोता
अभ्यास 4: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
काले-काले ______ हैं मेरे, ______ रंग। काँव-काँव मैं शोर मचाता, ______ मैं कहलाता हूँ।
यह वर्णन एक सामान्य पक्षी का है जिसके पंख काले होते हैं और वह 'काँव-काँव' की आवाज करता है। यह पक्षी कौवा कहलाता है।
उत्तर: पंख, काला, कौवा
अभ्यास 5: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
कुहू-कुहू आवाज लगाती, मधुर-मधुर मैं गीत सुनाती। सबके मन को हूँ मैं भाती, देखो ______ मैं कहलाती।
यह पहेली एक ऐसे पक्षी के बारे में है जो 'कुहू-कुहू' की मधुर आवाज निकालता है और अपने सुरीले गीतों से सबका मन मोह लेता है। यह पक्षी कोयल कहलाता है।
उत्तर: कोयल
अभ्यास 6: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
मरे जानवर खाकर मैं, जगह साफ कर देता हूँ। ऊँचे ______ में उड़ता हूँ। गिद्ध मैं कहलाता हूँ।
यह वर्णन एक ऐसे पक्षी का है जो मरे हुए जानवरों को खाकर पर्यावरण को साफ रखने में मदद करता है और ऊँचे आसमान में उड़ता है। यह पक्षी गिद्ध कहलाता है।
उत्तर: आसमान
अभ्यास 7: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
रंग सलेटी, पंजे ______ गुटर गूँ की भर कर चाभी। दिन भर शोर मचाता हूँ, ______ मैं कहलाता हूँ।
यह पहेली एक सलेटी रंग के पक्षी के बारे में है जिसके पंजे गुलाबी होते हैं और जो 'गुटर गूँ' की आवाज करता है। यह पक्षी कबूतर कहलाता है।
उत्तर: गुलाबी, कबूतर
अभ्यास 8: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
चोंच है मेरी बड़ी निराली, सुई हो जैसे सिलने वाली। पत्ते सिल कर घर बनाऊँ, ______ चिड़िया मैं कहलाऊँ।
यह वर्णन एक विशेष चिड़िया का है जिसकी चोंच सुई की तरह होती है और वह पत्तों को सिलकर अपना घोंसला बनाती है। इस चिड़िया को दर्जिन चिड़िया कहा जाता है।
उत्तर: दर्जिन
अभ्यास 9: पक्षियों की पहचान और उनकी विशेषताएँ
पेड़ के ______ में छेद बनाऊँ, उसमें छिपे कीड़े खाऊँ। टुक-टुक करता जाता हूँ, कठफोड़वा कहलाता हूँ।
यह पहेली कठफोड़वे के बारे में है, जो अपनी चोंच से पेड़ के तने में छेद करके उसमें छिपे कीड़ों को खाता है।
उत्तर: तने
अभ्यास 10: देखे गए पक्षी
पाठ में आए पक्षियों में से तुमने किन-किन को देखा है? उनके नाम लिखो।
छात्रों को अपने अनुभव के आधार पर उन पक्षियों के नाम लिखने हैं जिन्हें उन्होंने पाठ में पढ़े गए पक्षियों में से देखा है। उदाहरण के लिए, कुछ सामान्य पक्षी जिन्हें छात्र देख सकते हैं वे हैं:
उत्तर: कौवा, गौरैया, कबूतर, मोर, चील, तोता, कोयल, गिद्ध। (यह उत्तर छात्र के अवलोकन पर निर्भर करेगा।)
अभ्यास 11: पक्षियों का अवलोकन
अब बाहर जाकर देखो तुम्हें कितने पक्षी दिखते हैं। पेड़ पर ही नहीं, मैदान में, पानी में, पानी के आस-पास तथा झाड़ियों में भी देखना।
यह एक व्यावहारिक गतिविधि है जहाँ छात्रों को अपने आसपास के वातावरण का निरीक्षण करना है और विभिन्न स्थानों पर दिखने वाले पक्षियों की संख्या गिननी है। छात्र अपने अवलोकन के अनुसार निम्नलिखित प्रारूप में जानकारी भर सकते हैं:
उदाहरण अवलोकन:
- पेड़ पर: 10 पक्षी
- पानी में: 8 पक्षी
- जमीन पर: 7 पक्षी
- झाड़ियों में: 5 पक्षी
(यह उत्तर छात्र के वास्तविक अवलोकन पर निर्भर करेगा।)
अभ्यास 12: पक्षियों के नाम और उनके देखे जाने के स्थान
पक्षियों के नाम भरो तथा सही जगह पर 🗸 ) का निशान लगाओ। यदि नाम नहीं जानते तो उनकी कोई पहचान लिखो।
इस अभ्यास में, छात्रों को विभिन्न पक्षियों के नाम दिए गए हैं और उन्हें यह बताना है कि उन्होंने उन पक्षियों को कहाँ देखा है (पानी में, जमीन पर, पेड़ पर, घर में, उड़ते हुए)। छात्र अपनी जानकारी के अनुसार सही स्थानों पर निशान लगा सकते हैं।
उदाहरण तालिका:
| पक्षियों के नाम | पानी में | जमीन पर | पेड़ पर | घर में | उड़ते हुए |
| कौवा | 🗸 | 🗸 | 🗸 | ||
| कबूतर | 🗸 | 🗸 | 🗸 | 🗸 | |
| बत्तख | 🗸 | ||||
| सारस | 🗸 | 🗸 | 🗸 | 🗸 | |
| तोता | 🗸 | 🗸 | |||
| मुर्गी | 🗸 | 🗸 | |||
| गिद्ध | 🗸 | 🗸 |
(यह तालिका छात्र के अवलोकन और ज्ञान के अनुसार भरी जाएगी।)
अभ्यास 13: पक्षियों की चोंच की पहचान
क्या तुमने कभी ध्यान दिया है कि अलग-अलग पक्षियों की चोंच भी अलग-अलग तरह की होती हैं? नीचे कुछ पक्षियों की चोंच के चित्र हैं। इनको ध्यान से देखो और पहचानो-ये किन पक्षियों की चोंच हैं। नीचे उनके नाम लिखो। खाली खाने में किसी अन्य पक्षी की चोंच बनाओ और उसमें भी रंग भरो। उस पक्षी का नाम भी लिखो।
यह अभ्यास छात्रों को पक्षियों की चोंच के विभिन्न आकारों का निरीक्षण करने और उन्हें पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है। चोंच का आकार पक्षी के भोजन और जीवन शैली के अनुसार भिन्न होता है।
पहचान (चित्रों के आधार पर):
- तोता: मुड़ी हुई और मजबूत चोंच (फल तोड़ने और छीलने के लिए)।
- कौवा: सामान्य, मजबूत और नुकीली चोंच (सब कुछ खाने के लिए)।
- मोर: छोटी, मोटी और नुकीली चोंच (दाने और कीड़े खाने के लिए)।
- चील: तेज, नुकीली और मुड़ी हुई चोंच (शिकार को फाड़ने के लिए)।
- बगुला: लंबी, पतली और नुकीली चोंच (पानी में से मछली पकड़ने के लिए)।
अन्य पक्षी की चोंच: छात्र अपनी कल्पना से किसी अन्य पक्षी (जैसे गौरैया, मुर्गी, बत्तख) की चोंच बना सकते हैं और उसका नाम लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए, बत्तख की चोंच चपटी होती है जिससे वह पानी से भोजन छान सके।
Common mistakes
- पक्षियों के नाम और उनकी आवाजों को गलत मिलाना।
- पक्षियों को उनके सही आवासों के साथ वर्गीकृत करने में भ्रमित होना।
- पक्षियों की चोंच के विभिन्न आकारों के कार्यों को समझने में कठिनाई।
Revision tips
- प्रत्येक पक्षी की विशिष्ट आवाज और पहचान को याद करें।
- पक्षियों को उनके आवासों के अनुसार वर्गीकृत करने का अभ्यास करें।
- विभिन्न पक्षियों की चोंच के चित्रों को देखकर उनकी पहचान करने का अभ्यास करें।
- अपने आस-पास के पक्षियों का अवलोकन करें और उन्हें पाठ में सीखे गए पक्षियों से जोड़ने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. किस पक्षी को 'राष्ट्रीय पक्षी' कहा जाता है?
Explanation: मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी कहा जाता है और यह अपने सुन्दर नाच के लिए जाना जाता है।
Q2. कौन सा पक्षी चूहे को झपट कर ले जाता है?
Explanation: चील अपनी तेज नजर और झपटने की क्षमता के लिए जानी जाती है, और वह चूहे जैसे छोटे शिकार को ले जा सकती है।
Q3. कौन सा पक्षी 'कुहू-कुहू' की आवाज निकालता है और मधुर गीत सुनाता है?
Explanation: कोयल अपनी मीठी आवाज और 'कुहू-कुहू' की पुकार के लिए प्रसिद्ध है।
Q4. कौन सा पक्षी मरे हुए जानवरों को खाकर वातावरण को साफ रखता है?
Explanation: गिद्ध एक सफाईकर्मी पक्षी है जो मरे हुए जानवरों को खाता है और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है।
Q5. कौन सी चिड़िया पत्तों को सिलकर अपना घोंसला बनाती है?
Explanation: दर्जिन चिड़िया अपनी चोंच का उपयोग पत्तों को सिलकर घोंसला बनाने के लिए करती है।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान कक्षा 3 के सामाजिक विज्ञान विषय के लिए है, जो अध्याय 8 'पंख फैलाएँ; उड़ते जाएँ' पर आधारित है।
इस अध्याय में मुख्य रूप से किन पक्षियों के बारे में बताया गया है?
इस अध्याय में मोर, चील, तोता, कौवा, कोयल, गिद्ध, कबूतर और दर्जिन चिड़िया जैसे विभिन्न पक्षियों के बारे में बताया गया है।
समाधान छात्रों को पक्षियों के बारे में क्या सीखने में मदद करते हैं?
ये समाधान छात्रों को पक्षियों की पहचान करने, उनकी आवाजों को पहचानने, उनके आवासों को समझने और उनकी चोंच के विभिन्न आकारों का अध्ययन करने में मदद करते हैं।
क्या इन समाधानों में पक्षियों के अवलोकन के लिए कोई अभ्यास है?
हाँ, समाधानों में छात्रों को बाहर जाकर पक्षियों को देखने, उनकी संख्या गिनने और उन्हें उनके देखे गए स्थानों के अनुसार वर्गीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
पक्षियों की चोंच के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है?
समाधान बताते हैं कि अलग-अलग पक्षियों की चोंच अलग-अलग तरह की होती है और यह जानकारी पक्षियों की पहचान करने में सहायक होती है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.