कक्षा 3 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 13 - मिर्च का मज़ा
यह पृष्ठ कक्षा 3 हिंदी की पाठ्यपुस्तक के पाठ 'मिर्च का मज़ा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पाठ के विभिन्न खंडों जैसे 'कैसे समझाओगे?', 'सही सवाल', 'जल या जल?', 'छाँटो', 'चार आना', 'तुम कैसे पूछोगे?' और 'बातचीत के लिए' से संबंधित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को बिना बोले हाव-भाव से अपनी बात समझाने, समान शब्दों के भिन्न अर्थों को समझने, कविता की पंक्तियों को छाँटने और पैसे के पुराने सिक्कों के बारे में जानने में मदद करते हैं। यह पाठ काबुलीवाले के मिर्च खाने के अनुभव और उससे जुड़ी गलतफहमी को भी उजागर करता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 3 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. मिर्च का मज़ा |
Chapter summary
कक्षा 3 हिंदी के पाठ 'मिर्च का मज़ा' के ये NCERT समाधान छात्रों को पाठ की मुख्य अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें हाव-भाव से संवाद, अनेकार्थी शब्दों का प्रयोग (जैसे 'जल'), कविता की पंक्तियों की पहचान, और पुराने मुद्रा (आना, चवन्नी) की जानकारी शामिल है। समाधान काबुलीवाले द्वारा मिर्च को फल समझने की कहानी पर आधारित प्रश्नों के उत्तर भी प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को कहानी के पात्रों के इरादों और परिणामों को समझने में सहायता मिलती है।
Learning outcomes
- बिना बोले हाव-भाव द्वारा अपनी बात समझाने का अभ्यास करना।
- समान शब्दों के विभिन्न अर्थों को पहचानना और वाक्यों में प्रयोग करना।
- कविता की पंक्तियों को पढ़कर विशेष जानकारी निकालना।
- पुराने मुद्रा (आना, चवन्नी) के बारे में जानना।
- कहानी के पात्रों के विचारों और कार्यों का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- हाव-भाव से संवाद
- अनेकार्थी शब्द (जल)
- कविता की पंक्तियों की पहचान
- पुराने मुद्रा (आना, चवन्नी)
- शब्दों के अर्थ
- कहानी का विश्लेषण
- संवाद कौशल
- भाषा की समझ
Important topics
- अनेकार्थी शब्दों का प्रयोग
- हाव-भाव द्वारा संवाद
- कहानी के पात्रों के विचार
- पुराने मुद्रा का मूल्य
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
कैसे समझाओगे?
काबुलीवाले को सब्ज़ी बेचने वाली की भाषा अच्छी तरह समझ नहीं आती थी। इसलिए उसे अपनी बात समझाने में बड़ी मुश्किल हुई। चलो, देखते हैं तुम अपनी बात बिना बोले अपने साथी को कैसे समझाते हो? नीचे लिखे वाक्य अलग-अलग पर्चियों में लिख लो। एक पर्ची उठाओ। अब यह बात तुम्हें अपने साथी को बिना कुछ बोले समझानी है-
मुझे बहुत सर्दी लग रही है।
बिल्ली दूध पी रही है, उसे भगाओ।
मेरे दाँत में दर्द है।
चलो, बाज़ार चलते हैं।
अरें, ये तो बहुत कड़वा है।
चोर उधर गया है, चलो उसे पकड़ें।
पार्क में चलकर खेलेंगे।
मुझे डर लग रहा है।
उफ ये बदबू कहाँ से आ रही है।
अहा! लगता है कहीं हलवा बना है।
यह एक गतिविधि-आधारित प्रश्न है जहाँ छात्रों को बिना बोले हाव-भाव या इशारों से अपनी बात समझानी होती है। उदाहरण के लिए:
- 'मुझे बहुत सर्दी लग रही है।' - काँपने का अभिनय करके, दाँत किटकिटाकर या कानों को मलकर समझाया जा सकता है।
- 'बिल्ली दूध पी रही है, उसे भगाओ।' - बिल्ली की तरह म्याऊँ करने का अभिनय करके और फिर हाथ से भगाने का इशारा करके समझाया जा सकता है।
- 'मेरे दाँत में दर्द है।' - गाल पर हाथ रखकर या दाँत पर उंगली फेरकर दर्द का भाव दिखाया जा सकता है।
- 'चलो, बाज़ार चलते हैं।' - चलने का इशारा करके या हाथ से किसी दिशा की ओर संकेत करके समझाया जा सकता है।
- 'अरें, ये तो बहुत कड़वा है।' - मुँह बनाकर, जीभ बाहर निकालकर या कड़वाहट का भाव चेहरे पर लाकर समझाया जा सकता है।
- 'चोर उधर गया है, चलो उसे पकड़ें।' - किसी दिशा की ओर इशारा करके और फिर दौड़ने का अभिनय करके समझाया जा सकता है।
- 'पार्क में चलकर खेलेंगे।' - कूदने या खेलने का इशारा करके समझाया जा सकता है।
- 'मुझे डर लग रहा है।' - काँपते हुए, आँखें बड़ी करके या पीछे हटते हुए डर का भाव दिखाया जा सकता है।
- 'उफ ये बदबू कहाँ से आ रही है।' - नाक सिकोड़कर और हाथ से हवा को हटाते हुए बदबू का भाव दिखाया जा सकता है।
- 'अहा! लगता है कहीं हलवा बना है।' - खुशी का भाव चेहरे पर लाकर और खाने का इशारा करके समझाया जा सकता है।
यह अभ्यास छात्रों की रचनात्मकता और संवाद कौशल को बढ़ाता है।
सही सवाल
काबुलीवाले ने कहा-अगर ये लाल चीज़ खाने की है, तो मुझे भी दे दो।
सब्ज़ी बेचने वाली ने कहा-हाँ ये तो सब खाते हैं। ले लो।
इस तरह बेचारा काबुलीवाला मिर्च खा बैठा। तुम्हारे हिसाब से काबुलीवाले को मिर्च देखने के बाद क्या पूछना चाहिए था।
काबुलीवाले को मिर्च देखने के बाद सब्ज़ी वाली से यह पूछना चाहिए था कि, "यह लाल चीज़ मीठी होती है या तीखी?" या "क्या यह खाने के लिए है और इसका स्वाद कैसा है?"
ऐसा पूछने से उसे पता चल जाता कि मिर्च खाने की चीज़ तो है, लेकिन उसका स्वाद बहुत तीखा होता है, जिसे वह शायद नहीं खा पाता। इस तरह वह मिर्च खाने से बच जाता और उसका मुँह नहीं जलता।
जल या जल?
मुँह सारा <u>जल</u> उठा और आँखों में <u>जल</u> भर आया।
यहाँ जल शब्द को दो अर्थों में इस्तेमाल किया गया है।
जल – जलना
जल - पानी
इसी तरह नीचे दिए गए शब्दों के भी दो अर्थ हैं।
इन शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक-एक वाक्य बनाओ पर ध्यान रहे-
वाक्य में वह शब्द दो बार आना चाहिए
दोनों बार उस शब्द का मतलब अलग निकलना चाहिए। (जैसे ऊपर दिए गए वाक्य में जल)
हार – उसकी <u>हार</u> के बावजूद मैंने उसे <u>हार</u> पहनाया।
आना – यहाँ आने में मात्र चार आने खर्च हुए।
> उत्तर - <u>उत्तर</u> देते समय उसका मुँह <u>उत्तर</u> की तरफ था।
फल – <u>फल</u> खाने का <u>फल</u> अच्छा होता है।
मगर – <m>मगर</m> पानी में है <m>मगर</m> मुझे कुछ नहीं करेगा।
यहाँ दिए गए शब्दों के दो अर्थों वाले वाक्य इस प्रकार हैं:
- हार: उसकी हार (जीत न पाना) के बावजूद मैंने उसे हार (गले का आभूषण) पहनाया।
- आना: यहाँ आना (पहुँचना) में मात्र चार आने (पुराने पैसे) खर्च हुए।
- उत्तर: उत्तर (जवाब) देते समय उसका मुँह उत्तर (दिशा) की तरफ था।
- फल: फल (पेड़ का मेवा) खाने का फल (परिणाम) अच्छा होता है।
- मगर: मगर (एक प्रकार का साँप) पानी में है, मगर (लेकिन) मुझे कुछ नहीं करेगा।
यह अभ्यास छात्रों को अनेकार्थी शब्दों की पहचान और उनके प्रयोग को सिखाता है।
छाँटो
कविता की वे पंक्तियाँ छाँटकर लिखो जिनसे पता चलता है कि-
काबुलीवाला कुछ शब्द अलग तरीके से बोलता था।
काबुलीवाला कंजूस था।
मिर्च बहुत तीखी थी।
काबुलीवाले को मिर्च के बारे में नहीं पता था।
काबुलीवाले को 25 पैसे की मिर्च चाहिए थी।
कविता की पंक्तियाँ जिनसे निम्नलिखित बातें पता चलती हैं:
- काबुलीवाला कुछ शब्द अलग तरीके से बोलता था:
"तो हमको दो तोल छीमियाँ फकत चार आने की।" (यहाँ 'फकत' और 'आने' जैसे शब्दों का प्रयोग काबुलीवाले के बोलने के ढंग को दर्शाता है।)
- काबुलीवाला कंजूस था:
"पर काबुल का मर्द लाल छीमी से क्यों मुख मोड़े? खर्च हुआ जिस पर उसको क्यों बिना सधाए छोड़े?" (यह पंक्तियाँ दर्शाती हैं कि वह खर्च हुए पैसे का पूरा मूल्य लेना चाहता था।)
- मिर्च बहुत तीखी थी:
"मगर मिर्च ने तुरंत जीभ पर अपना ज़ोर दिखाया। मुँह सारा जल उठा और आँखों में जल भर आया।" (यह पंक्तियाँ मिर्च के तीखेपन का वर्णन करती हैं।)
- काबुलीवाले को मिर्च के बारे में नहीं पता था:
"लाल-लाल, पतली छीमी हो चीज़ अगर खाने की।" (यह पंक्तियाँ बताती हैं कि उसने मिर्च को केवल उसके रंग और आकार के आधार पर खाने की चीज़ समझा।)
- काबुलीवाले को 25 पैसे की मिर्च चाहिए थी:
"तो हमको दो तोल छीमियाँ फकत चार आने की।" (क्योंकि चार आने का मतलब 25 पैसे होता है, और वह छीमी (मिर्च) की तोल पूछ रहा था।)
चार आना
चवन्नी मतलब चार आना।
चार आना मतलब 25 पैसे।
तो एक रुपए में कितने पैसे?
अब बताओ-
अठन्नी मतलब <u>आठ आने।</u>
इकन्नी मतलब एक आना।
दुअन्नी मतलब <u>दो आने।</u>
पाठ के अनुसार:
- एक रुपए में 100 पैसे होते हैं।
- चवन्नी का मतलब चार आने होता है, जो 25 पैसे के बराबर है।
- अठन्नी का मतलब आठ आने होता है, जो 50 पैसे के बराबर है।
- इकन्नी का मतलब एक आना होता है, जो लगभग 6.25 पैसे के बराबर है।
- दुअन्नी का मतलब दो आने होता है, जो लगभग 12.5 पैसे के बराबर है।
यह खंड छात्रों को पुराने भारतीय मुद्रा (आना, चवन्नी, अठन्नी) और उनके पैसे के मूल्य को समझने में मदद करता है।
तुम कैसे पूछोगे?
तुम बाज़ार गए। दुकानों में बहुत-सी चीज़ें रखी हैं। तुम्हें दूर से ही अपनी मनपसंद चीज़ का दाम पता करना है, पर तुम्हें उस चीज़ का नाम नहीं पता। अब दुकानदार से दाम कैसे पूछोगे?
अगर मुझे बाज़ार में कोई चीज़ पसंद आ जाए और उसका नाम न पता हो, तो मैं दुकानदार से उसका दाम पूछने के लिए उस चीज़ की ओर इशारा करूँगा और पूछूँगा, "यह कितने का है?" या "इसका दाम क्या है?"
इस तरह, बिना नाम जाने भी मैं उस चीज़ का दाम पता कर सकता हूँ।
बातचीत के लिए
काबुलीवाले ने मिर्च को स्वादिष्ट फल क्यों समझ लिया?
सब्ज़ी बेचने वाली ने क्या सोचकर उसे झोली भर मिर्च दी होगी?
सारी मिर्चें खाने के बाद काबुलीवाले की क्या हालत हुई होगी?
अगले दिन सब्ज़ी वाली टमाटर बेच रही थी। क्या काबुलीवाले ने टमाटर खाया होगा?
- काबुलीवाले ने मिर्च को स्वादिष्ट फल क्यों समझ लिया?
काबुलीवाले ने मिर्च को उसके लाल-लाल रंग और पतले आकार के कारण एक स्वादिष्ट फल समझ लिया था, क्योंकि उसने पहले कभी मिर्च नहीं देखी थी और न ही उसका तीखापन चखा था।
- सब्ज़ी बेचने वाली ने क्या सोचकर उसे झोली भर मिर्च दी होगी?
सब्ज़ी बेचने वाली ने सोचा होगा कि काबुलीवाला शायद मिर्च के बारे में नहीं जानता या उसे सस्ती मिल रही है, इसलिए उसने उसे झोली भर मिर्च दे दी होगी। वह यह भी सोच सकती थी कि काबुलीवाला इसे खरीद लेगा क्योंकि वह इसे फल समझ रहा है।
- सारी मिर्चें खाने के बाद काबुलीवाले की क्या हालत हुई होगी?
सारी मिर्चें खाने के बाद काबुलीवाले की हालत बहुत खराब हो गई होगी। उसका मुँह जलने लगा होगा, आँखों से आँसू बहने लगे होंगे और पेट में भी बहुत जलन और दर्द हुआ होगा। वह बेचैन हो गया होगा।
- अगले दिन सब्ज़ी वाली टमाटर बेच रही थी। क्या काबुलीवाले ने टमाटर खाया होगा?
नहीं, काबुलीवाले ने अगले दिन टमाटर नहीं खाया होगा। मिर्च खाने के भयानक अनुभव के बाद, वह अब किसी भी नई या अनजान चीज़ को खाने से पहले बहुत सावधान हो गया होगा, खासकर अगर वह लाल रंग की हो।
Common mistakes
- समान दिखने वाले शब्दों के अर्थों में भ्रमित होना।
- कविता की पंक्तियों को सही संदर्भ से न जोड़ पाना।
- बिना बोले संवाद को समझने में कठिनाई।
- पुराने मुद्रा (आना, चवन्नी) के मूल्य को न समझ पाना।
Revision tips
- पाठ के मुख्य पात्रों (काबुलीवाला, सब्ज़ी वाली) के बारे में सोचें और उनके संवादों को समझें।
- 'जल' जैसे अनेकार्थी शब्दों के प्रयोग वाले वाक्यों को दोबारा पढ़ें और उनके अर्थों पर ध्यान दें।
- कविता की पंक्तियों को छाँटते समय कहानी के मुख्य बिंदुओं को याद रखें।
- चार आने, आठ आने और पैसे के बीच के संबंध को समझने के लिए अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. पाठ के अनुसार, काबुलीवाले को अपनी बात समझाने में मुश्किल क्यों हुई?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि काबुलीवाले को सब्ज़ी बेचने वाली की भाषा अच्छी तरह समझ नहीं आती थी, इसलिए उसे अपनी बात समझाने में कठिनाई हुई।
Q2. वाक्य 'मुँह सारा जल उठा और आँखों में जल भर आया' में 'जल' शब्द के दो अर्थ क्या हैं?
Explanation: यहाँ 'जल' का पहला अर्थ 'जलना' (मुँह जलना) और दूसरा अर्थ 'पानी' (आँखों में पानी भर आना) है।
Q3. कविता की पंक्तियों के अनुसार, काबुलीवाला मिर्च के बारे में क्या नहीं जानता था?
Explanation: पंक्तियों से पता चलता है कि काबुलीवाला मिर्च को लाल-लाल देखकर खाने की चीज़ समझ बैठा था, लेकिन यह नहीं जानता था कि वह कितनी तीखी होती है।
Q4. 'चार आना' का क्या मतलब होता है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट किया गया है कि चार आने का मतलब 25 पैसे होता है, जिसे चवन्नी भी कहते हैं।
Q5. अगर आपको बाज़ार में कोई चीज़ पसंद आ जाए पर उसका नाम न पता हो, तो आप दाम कैसे पूछेंगे?
Explanation: जब किसी वस्तु का नाम पता न हो, तो सबसे आसान तरीका है कि आप उस वस्तु की ओर इशारा करके दुकानदार से उसका दाम पूछें।
Frequently asked questions
कक्षा 3 हिंदी के पाठ 'मिर्च का मज़ा' में कौन-कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?
इस पाठ में हाव-भाव से संवाद, अनेकार्थी शब्दों (जैसे 'जल'), कविता की पंक्तियों को छाँटना, और पुराने मुद्रा (आना, चवन्नी) के बारे में जानकारी जैसे विषय शामिल हैं। यह काबुलीवाले के मिर्च खाने के अनुभव पर भी आधारित है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर विस्तृत रूप से प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलेगी।
'जल या जल?' वाले प्रश्न का क्या मतलब है?
इस प्रश्न में 'जल' शब्द के दो अलग-अलग अर्थों को समझाया गया है: पहला 'जलना' (जैसे मुँह जलना) और दूसरा 'पानी'। छात्रों को इसी तरह के अन्य शब्दों का प्रयोग करके दो अलग अर्थ वाले वाक्य बनाने होते हैं।
चार आना, आठ आने और पैसे का क्या संबंध है?
पाठ के अनुसार, चार आने का मतलब 25 पैसे होता है, जिसे चवन्नी भी कहते हैं। आठ आने का मतलब 50 पैसे (अठन्नी) होता है। एक रुपये में चार चवन्नी या आठ आने होते हैं।
बिना बोले संवाद समझाने वाले अभ्यास का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का उद्देश्य छात्रों की अवलोकन क्षमता और हाव-भाव को समझने की क्षमता को बढ़ाना है, ताकि वे बिना शब्दों के भी अपनी बात दूसरों तक पहुँचा सकें।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.