कक्षा 12 भूगोल: भारत लोग और अर्थव्यवस्था - जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 के भूगोल विषय "भारत लोग और अर्थव्यवस्था" के पहले अध्याय "जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन" के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नों, लघु उत्तरीय प्रश्नों और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो भारत की जनसंख्या के वितरण, घनत्व, वृद्धि के पैटर्न और जनसांख्यिकीय संरचना को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में जलवायु, ग्रामीण जनसंख्या, श्रम सहभागिता दर और कृषि क्षेत्र में श्रमिकों के संलग्नता जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे जटिल जनसांख्यिकीय अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से सीख सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भारत लोग और अर्थव्यवस्था (भूगोल) |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. जनसंख्या - वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन |
Chapter summary
यह खंड कक्षा 12 के भूगोल के अध्याय "जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि एवं संघटन" के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें भारत की जनसंख्या के स्थानिक वितरण, घनत्व के विभिन्न पैटर्न, वृद्धि के कारकों और जनसांख्यिकीय संघटन से संबंधित अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान छात्रों को जलवायु के प्रभाव, ग्रामीण जनसंख्या की अधिकता के कारणों, श्रम सहभागिता में क्षेत्रीय भिन्नताओं और कृषि क्षेत्र में श्रमिकों के बड़े पैमाने पर संलग्नता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- भारत में जनसंख्या के वितरण और घनत्व के स्थानिक पैटर्न को समझना।
- जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण करना।
- जनसंख्या संघटन के विभिन्न पहलुओं, जैसे भाषाई समूह, का अध्ययन करना।
- जलवायु और भौगोलिक कारकों का जनसंख्या वितरण पर प्रभाव स्पष्ट करना।
- ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या के वितरण के कारणों की व्याख्या करना।
- श्रम सहभागिता दर में क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारणों का पता लगाना।
Topics covered
Paper topics
- जनसंख्या वितरण
- जनसंख्या घनत्व
- जनसंख्या वृद्धि
- जनसंख्या संघटन
- जलवायु का प्रभाव
- ग्रामीण जनसंख्या
- नगरीय जनसंख्या
- श्रम सहभागिता दर
- कृषि में संलग्न श्रमिक
- भाषाई समूह
- जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियाँ
- भारत की जनसंख्या
Important topics
- जनसंख्या वितरण और घनत्व के स्थानिक पैटर्न
- जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक
- जलवायु का जनसंख्या वितरण पर प्रभाव
- ग्रामीण बनाम नगरीय जनसंख्या
- श्रम सहभागिता दर में भिन्नताएँ
- कृषि क्षेत्र में श्रमिकों का संलग्नता
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1 (i)
सन् 2001 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- (क) 121.02 करोड़
- (ख) 328.7 करोड़
- (ग) 318.2 करोड़
- (घ) 121 करोड़
सही विकल्प (घ) 121 करोड़ है। हालांकि, स्रोत में दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार, 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121.02 करोड़ थी। प्रश्न 2001 की जनगणना के बारे में पूछता है, जिसके लिए सटीक विकल्प उपलब्ध नहीं है, लेकिन 121 करोड़ का आंकड़ा 2011 के करीब है। यदि हम 2011 के आंकड़े को देखें, तो विकल्प (क) सही होगा। दिए गए स्रोत के अनुसार, उत्तर (क) को सही माना गया है, जो 2011 के आंकड़े को दर्शाता है।
प्रश्न 1 (ii)
- (क) पश्चिम बंगाल
- (ख) उत्तर प्रदेश
- (ग) केरल
- (घ) पंजाब
सही विकल्प (ग) बिहार है, हालांकि यह विकल्पों में नहीं दिया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार का जनसंख्या घनत्व 1102 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जो भारत में सर्वाधिक है। दिए गए विकल्पों में से, पश्चिम बंगाल (1028 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) का घनत्व उत्तर प्रदेश (829 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी), केरल (860 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) और पंजाब (551 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) से अधिक है। इसलिए, यदि केवल दिए गए विकल्पों पर विचार करें, तो पश्चिम बंगाल सर्वाधिक घनत्व वाला राज्य है। लेकिन स्रोत में दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार, बिहार सर्वाधिक घनत्व वाला राज्य है।
प्रश्न 1 (iii)
- (क) तमिलनाडु
- (ख) केरल
- (ग) महाराष्ट्र
- (घ) गुजरात
सही विकल्प (क) तमिलनाडु है। 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में नगरीय जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक था, जो लगभग 48.4% था। इसके बाद केरल (47.7%), महाराष्ट्र (45.2%) और गुजरात (42.6%) का स्थान आता है।
प्रश्न 1 (iv)
- (क) चीनी-तिब्बती
- (ख) आस्ट्रिक
- (ग) भारतीय-आर्य
- (घ) द्रविड
सही विकल्प (ग) भारतीय-आर्य है। भारत की अधिकांश जनसंख्या इसी भाषाई समूह से संबंधित है। इस समूह में हिंदी, बंगाली, मराठी, पंजाबी, गुजराती, राजस्थानी आदि प्रमुख भाषाएँ शामिल हैं। द्रविड समूह दक्षिण भारत में प्रमुख है, जबकि चीनी-तिब्बती और आस्ट्रिक समूह पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं।
प्रश्न 2 (i)
जलवायु जनसंख्या के वितरण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती है। अत्यधिक तापमान और वर्षा की कमी वाले क्षेत्र, जैसे राजस्थान का थार मरुस्थल, मानव बसाव के लिए प्रतिकूल होते हैं, जिससे यहाँ जनसंख्या घनत्व कम पाया जाता है। इसी प्रकार, अत्यधिक ठंड और आर्द्रता वाले क्षेत्र, जैसे जम्मू और कश्मीर का लेह-लद्दाख क्षेत्र, या अत्यधिक आर्द्रता वाले क्षेत्र जैसे मेघालय और सुंदरवन के दलदली इलाके, भी कठोर जीवन स्थितियों के कारण कम घनी आबादी वाले होते हैं। इसके विपरीत, समशीतोष्ण जलवायु और मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है, क्योंकि ये कृषि और अन्य मानवीय गतिविधियों के लिए अनुकूल होते हैं।
प्रश्न 2 (ii)
भारत में कई राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या पाई जाती है। उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश (लगभग 89.96%), बिहार (लगभग 88.70%), असम (लगभग 85.92%), और ओडिशा (लगभग 83.32%) जैसे राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत बहुत अधिक है। इतनी विशाल ग्रामीण जनसंख्या के लिए उत्तरदायी एक प्रमुख कारण कृषि पर अत्यधिक निर्भरता है। इन क्षेत्रों में अधिकांश लोग आजीविका के लिए प्राथमिक गतिविधियों, विशेषकर कृषि और संबद्ध व्यवसायों पर निर्भर करते हैं। रोजगार के सीमित अवसर और औद्योगीकरण व शहरीकरण की धीमी गति भी लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में ही रहने के लिए प्रेरित करती है।
प्रश्न 2 (iii)
भारत के कुछ राज्यों में श्रम सहभागिता दर अन्य राज्यों की अपेक्षा ऊँची होने के कई कारण हैं। आर्थिक विकास के निम्न स्तर वाले क्षेत्रों में, जहाँ निर्वाह अर्थव्यवस्था या अर्ध-निर्वाह अर्थव्यवस्था प्रचलित है, श्रम की आवश्यकता अधिक होती है। उदाहरण के लिए, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में, जहाँ कृषि एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है, कृषकों की संख्या अधिक होने के कारण श्रम सहभागिता दर ऊँची पाई जाती है। इसी प्रकार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कृषि मजदूरों की बड़ी संख्या श्रम सहभागिता को बढ़ाती है। महिला श्रमिकों की भागीदारी भी प्राथमिक क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है, जो कुल श्रम सहभागिता दर को प्रभावित करती है।
प्रश्न 2 (iv)
यह कथन बिल्कुल सत्य है कि भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अंश कृषि क्षेत्र में संलग्न है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, भारत की कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 58.2 प्रतिशत कृषक और कृषि मजदूर के रूप में कार्यरत है। इसकी तुलना में, केवल 4.2 प्रतिशत श्रमिक घरेलू उद्योगों में संलग्न हैं, और शेष 37.6 प्रतिशत श्रमिक अन्य विनिर्माण, व्यापार, वाणिज्य और सेवा क्षेत्रों में कार्यरत हैं। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी काफी हद तक कृषि पर निर्भर है और अधिकांश कार्यबल इसी क्षेत्र में रोजगार पाता है।
प्रश्न 3
भारत में जनसंख्या घनत्व का स्थानिक वितरण अत्यंत विषमतापूर्ण है। यह वितरण भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों से प्रभावित होता है।
उच्च घनत्व वाले क्षेत्र:
- उत्तरी मैदान: गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र के जलोढ़ मैदानों में जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक पाया जाता है। यहाँ उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल की उपलब्धता और समतल स्थलाकृति कृषि और बसाव के लिए अत्यंत अनुकूल है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य इसी श्रेणी में आते हैं।
- तटीय मैदान: पूर्वी और पश्चिमी तटीय मैदानों में भी जनसंख्या घनत्व अधिक है, क्योंकि यहाँ कृषि और व्यापार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मध्यम घनत्व वाले क्षेत्र:
- प्रायद्वीपीय पठार: दक्कन का पठार और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में जनसंख्या घनत्व मध्यम पाया जाता है। यहाँ की स्थलाकृति और जलवायु कुछ क्षेत्रों में कृषि के लिए उपयुक्त है।
निम्न घनत्व वाले क्षेत्र:
- पर्वतीय और पठारी क्षेत्र: हिमालय, अरावली, पश्चिमी घाट जैसे पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व बहुत कम है। यहाँ की कठिन जलवायु, ऊबड़-खाबड़ स्थलाकृति और सीमित आर्थिक अवसर बसाव को हतोत्साहित करते हैं।
- शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्र: राजस्थान का थार मरुस्थल जैसे अत्यंत शुष्क क्षेत्रों में जल की कमी और अत्यधिक तापमान के कारण जनसंख्या घनत्व निम्न है।
- वन और दलदली क्षेत्र: पूर्वोत्तर भारत के घने वनों वाले क्षेत्र और सुंदरवन जैसे दलदली इलाकों में भी जनसंख्या घनत्व कम पाया जाता है।
संक्षेप में, भारत में जनसंख्या का घनत्व मुख्य रूप से मैदानी और तटीय क्षेत्रों में केंद्रित है, जबकि पर्वतीय, पठारी, शुष्क और दुर्गम क्षेत्रों में यह काफी कम है।
Common mistakes
- जनसंख्या घनत्व और जनसंख्या वृद्धि के बीच अंतर को समझने में भ्रम।
- जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों को केवल एक या दो तक सीमित रखना।
- आंकड़ों को याद रखने पर अत्यधिक ध्यान देना, अवधारणाओं को समझने के बजाय।
- श्रम सहभागिता दर को केवल आर्थिक विकास के स्तर से जोड़ना, अन्य कारकों की उपेक्षा करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए मुख्य कारकों को सूचीबद्ध करें।
- भारत के जनसंख्या घनत्व मानचित्र का अध्ययन करें और उच्च व निम्न घनत्व वाले क्षेत्रों के कारणों को समझें।
- जनसंख्या वृद्धि के विभिन्न चरणों और उनके कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
- श्रम सहभागिता दर को प्रभावित करने वाले सामाजिक और आर्थिक कारकों की तुलना करें।
Practice MCQs
Q1. सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या लगभग कितनी थी?
Explanation: 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.02 करोड़ दर्ज की गई थी।
Q2. 2011 की जनगणना के अनुसार, निम्नलिखित में से किस राज्य का जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक था?
Explanation: 2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार का जनसंख्या घनत्व 1102 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जो सर्वाधिक था।
Q3. किस भाषाई समूह से संबंधित लोग भारत में सबसे बड़े भाषाई समूह का निर्माण करते हैं?
Explanation: भारतीय-आर्य भाषाई समूह भारत में सबसे बड़ा भाषाई समूह है, जिसमें हिंदी, बंगाली, मराठी जैसी भाषाएँ शामिल हैं।
Q4. जनसंख्या के वितरण में जलवायु की भूमिका के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र कम घनी आबादी वाला है?
Explanation: राजस्थान का थार क्षेत्र अत्यधिक उष्णता और शुष्कता के कारण कम घनी आबादी वाला है।
Q5. भारत के किन राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत सर्वाधिक है?
Explanation: हिमाचल प्रदेश (89.96%) और बिहार (88.70%) जैसे राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत बहुत अधिक है।
Frequently asked questions
कक्षा 12 भूगोल के अध्याय 1 में किन मुख्य जनसांख्यिकीय अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में भारत में जनसंख्या के वितरण, घनत्व, वृद्धि की दर और विभिन्न जनसांख्यिकीय संघटकों जैसे आयु, लिंग, ग्रामीण-नगरीय निवास, व्यावसायिक संरचना और भाषाई समूहों पर चर्चा की गई है।
जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक क्या हैं?
जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में भौगोलिक कारक (जैसे जलवायु, स्थलाकृति, जल की उपलब्धता) और आर्थिक व सामाजिक कारक (जैसे औद्योगीकरण, शहरीकरण, परिवहन की सुविधाएँ) शामिल हैं।
भारत में श्रम सहभागिता दर में क्षेत्रीय भिन्नता क्यों पाई जाती है?
श्रम सहभागिता दर में भिन्नताएँ आर्थिक विकास के स्तर, निर्वाह कृषि पर निर्भरता, सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों और महिला श्रमिकों की भागीदारी जैसे कारणों से उत्पन्न होती हैं।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।
क्या इन समाधानों में 2011 की जनगणना के आँकड़े शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में 2011 की जनगणना के प्रासंगिक आँकड़ों का उपयोग किया गया है ताकि भारत की जनसंख्या की वर्तमान स्थिति को दर्शाया जा सके।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.