कक्षा 12 समाजशास्त्र NCERT समाधान: अध्याय 5 सामाजिक विषमता और बहिष्कार के स्वरुप
यह खंड कक्षा 12 समाजशास्त्र के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 5: सामाजिक विषमता और बहिष्कार के स्वरुप पर केंद्रित है। इसमें सामाजिक विषमता और व्यक्तिगत भिन्नता के बीच अंतर, सामाजिक स्तरीकरण की प्रमुख विशेषताओं, पूर्वाग्रह और अन्य विश्वासों के बीच अंतर, सामाजिक बहिष्कार की अवधारणा, जाति और आर्थिक असमानता के बीच संबंध, अस्पृश्यता का अर्थ और जातीय विषमता को दूर करने के लिए अपनाई गई सरकारी नीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। ये समाधान छात्रों को इन जटिल सामाजिक अवधारणाओं को समझने में मदद करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए, ये समाधान छात्रों को प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्ट रूप से समझने में सहायता करते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | समाजशास्त्र |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. सामाजिक विषमता और बहिष्कार के स्वरुप |
Chapter summary
अध्याय 5 के ये NCERT समाधान सामाजिक विषमता और बहिष्कार के स्वरुप की अवधारणाओं की पड़ताल करते हैं। यह व्यक्तिगत भिन्नता से सामाजिक विषमता के अंतर को स्पष्ट करता है, सामाजिक स्तरीकरण की विशेषताओं पर प्रकाश डालता है, और पूर्वाग्रह को अन्य विश्वासों से अलग करता है। समाधान सामाजिक बहिष्कार की प्रकृति और जाति तथा आर्थिक असमानता के बीच संबंधों की भी व्याख्या करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह अस्पृश्यता के मुद्दे और जातीय असमानताओं को संबोधित करने के लिए लागू की गई नीतियों पर चर्चा करता है।
Learning outcomes
- सामाजिक विषमता और व्यक्तिगत भिन्नता के बीच अंतर को समझें।
- सामाजिक स्तरीकरण की मुख्य विशेषताओं की पहचान करें।
- पूर्वाग्रह और अन्य प्रकार के विश्वासों के बीच अंतर स्पष्ट करें।
- सामाजिक बहिष्कार की अवधारणा और इसके कारणों को परिभाषित करें।
- जाति और आर्थिक असमानता के बीच संबंधों का विश्लेषण करें।
- अस्पृश्यता के अर्थ और इसके सामाजिक प्रभावों को समझें।
- जातीय विषमता को कम करने के लिए सरकारी नीतियों का वर्णन करें।
Topics covered
Paper topics
- सामाजिक विषमता
- व्यक्तिगत भिन्नता
- सामाजिक स्तरीकरण
- पूर्वाग्रह
- विश्वास और राय
- सामाजिक अपवर्धन
- सामाजिक बहिष्कार
- जाति व्यवस्था
- आर्थिक असमानता
- अस्पृश्यता
- जातीय विषमता
- सरकारी नीतियां
Important topics
- सामाजिक विषमता बनाम व्यक्तिगत भिन्नता
- सामाजिक स्तरीकरण की विशेषताएँ
- पूर्वाग्रह की प्रकृति
- सामाजिक बहिष्कार की प्रक्रिया
- जाति और आर्थिक असमानता का संबंध
- अस्पृश्यता और इसके सामाजिक निहितार्थ
- जातीय विषमता को दूर करने की नीतियां
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. सामाजिक विषमता व्यक्तियों की विषमता से कैसे भिन्न है?
प्रश्न 2. सामाजिक स्तरीकरण की कुछ विशेषताएँ बतलाइए।
- यह एक सामाजिक विशेषता है: सामाजिक स्तरीकरण व्यक्तिगत मतभेदों का परिणाम नहीं है, बल्कि एक सामाजिक व्यवस्था है जो समाज में विषमता फैलाती है। उदाहरण के लिए, अधिक उत्पादन करने वाले समाजों में, संसाधन असमान रूप से वितरित होते हैं, जिसका व्यक्तिगत क्षमता से कोई लेना-देना नहीं होता।
- विश्वास और विचारधारा द्वारा समर्थित: सामाजिक स्तरीकरण को बनाए रखने के लिए विश्वास और विचारधाराओं का समर्थन आवश्यक है। उदाहरण के लिए, जाति व्यवस्था को शुद्धता के आधार पर न्यायोचित ठहराया जाता है, जिसमें ब्राह्मणों को सर्वोच्च और दलितों को निम्नतम स्थान दिया जाता है। हालाँकि, यह व्यवस्था सभी द्वारा स्वीकार नहीं की जाती है, और जो लोग शोषित होते हैं वे इसे चुनौती दे सकते हैं।
- पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरण: सामाजिक स्तरीकरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होता है, जिसमें सामाजिक स्थिति और संसाधन परिवारों के बीच पारित होते हैं। उदाहरण के लिए, एक बच्चा अपने माता-पिता की सामाजिक स्थिति प्राप्त करता है, और जन्म अक्सर व्यवसाय निर्धारित करता है, जैसे कि दलितों का पारंपरिक व्यवसायों तक सीमित रहना। सजातीय विवाह (अपनी ही जाति में विवाह) भी जातीयता को मजबूत करता है और अंतर्जातीय विवाह की संभावना को कम करता है।
प्रश्न 3. आप पूर्वाग्रह और अन्य किस्म की राय अथवा विश्वास के बीच भेद कैसे करेंगे?
प्रश्न 4. सामाजिक अपवर्धन या बहिष्कार क्या है?
प्रश्न 5. आज जाति और आर्थिक असमानता के बीच क्या संबंध है?
प्रश्न 6. अस्पृश्यता क्या है?
प्रश्न 7. जातीय विषमता को दूर करने के लिए अपनाई गई कुछ नीतियों का वर्णन करें?
Common mistakes
- सामाजिक विषमता को व्यक्तिगत भिन्नता के साथ भ्रमित करना।
- सामाजिक स्तरीकरण की विशेषताओं को पूरी तरह से न समझना।
- पूर्वाग्रह और अन्य विश्वासों के बीच सूक्ष्म अंतर को पहचानने में विफलता।
- सामाजिक बहिष्कार को केवल व्यक्तिगत कार्यों का परिणाम मानना, न कि संरचनात्मक प्रक्रियाओं का।
- जाति और आर्थिक असमानता के बीच ऐतिहासिक और वर्तमान संबंधों को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने के लिए मुख्य अवधारणाओं को रेखांकित करें।
- सामाजिक विषमता, स्तरीकरण और बहिष्कार के बीच संबंधों पर ध्यान केंद्रित करें।
- जाति व्यवस्था और आर्थिक असमानता के बीच संबंध के उदाहरणों को याद करें।
- अस्पृश्यता और इसे दूर करने के लिए सरकारी नीतियों के बारे में नोट्स बनाएं।
- अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए समाधानों में दिए गए उदाहरणों का उपयोग करें।
Practice MCQs
Q1. सामाजिक विषमता व्यक्तिगत भिन्नता से किस प्रकार भिन्न है?
Explanation: सामाजिक विषमता एक सामाजिक व्यवस्था को संदर्भित करती है जहाँ कुछ लोगों को संसाधनों और अवसरों का लाभ मिलता है, जबकि अन्य वंचित रह जाते हैं, जो व्यक्तिगत मतभेदों से परे है।
Q2. सामाजिक स्तरीकरण की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
Explanation: सामाजिक स्तरीकरण एक सामाजिक व्यवस्था है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है और अक्सर परिवार और सामाजिक संसाधनों के हस्तांतरण से जुड़ी होती है, न कि केवल व्यक्तिगत योग्यता या समानता से।
Q3. पूर्वाग्रह को अन्य किस्म की राय अथवा विश्वास से कैसे अलग किया जा सकता है?
Explanation: पूर्वाग्रह अक्सर प्रत्यक्ष साक्ष्य के बजाय सुनी-सुनाई बातों या पूर्वकल्पित धारणाओं पर आधारित होता है, जबकि अन्य विश्वास तथ्यों और जानकारी पर आधारित हो सकते हैं।
Q4. सामाजिक अपवर्धन या बहिष्कार का क्या अर्थ है?
Explanation: सामाजिक अपवर्धन या बहिष्कार एक संरचनात्मक प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति या समूह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन से भेदभाव और अलगाव का सामना करते हैं।
Q5. जाति व्यवस्था के अंतर्गत, उच्च जातियों की आर्थिक स्थिति सामान्यतः कैसी होती है?
Explanation: पारंपरिक रूप से, जाति व्यवस्था में उच्च जातियों को बेहतर आर्थिक स्थिति प्राप्त होती है, जबकि निम्न जातियों की आर्थिक स्थिति खराब होती है।
Frequently asked questions
कक्षा 12 समाजशास्त्र के अध्याय 5 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
अध्याय 5 सामाजिक विषमता और बहिष्कार के स्वरुप पर केंद्रित है, जिसमें सामाजिक विषमता, व्यक्तिगत भिन्नता, सामाजिक स्तरीकरण, पूर्वाग्रह, सामाजिक बहिष्कार, जाति और आर्थिक असमानता के बीच संबंध, और अस्पृश्यता जैसी अवधारणाएं शामिल हैं।
सामाजिक विषमता और व्यक्तिगत भिन्नता में क्या अंतर है?
व्यक्तिगत भिन्नता व्यक्तियों की मानसिक और शारीरिक विशेषताओं में अंतर से संबंधित है, जबकि सामाजिक विषमता एक सामाजिक व्यवस्था को संदर्भित करती है जहाँ कुछ लोग संसाधनों और अवसरों का असमान रूप से लाभ उठाते हैं।
सामाजिक स्तरीकरण की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
सामाजिक स्तरीकरण एक सामाजिक विशेषता है, इसे विश्वासों और विचारधाराओं का समर्थन प्राप्त है, और यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होता है, जो अक्सर परिवार और सामाजिक संसाधनों के हस्तांतरण से जुड़ा होता है।
पूर्वाग्रह को कैसे परिभाषित किया जाता है?
पूर्वाग्रह एक समूह के सदस्यों द्वारा दूसरे समूह के सदस्यों के बारे में पूर्व-निर्मित विचार है, जो अक्सर प्रत्यक्ष साक्ष्य के बजाय सुनी-सुनाई बातों पर आधारित होता है और आमतौर पर नकारात्मक होता है।
सामाजिक बहिष्कार क्या है?
सामाजिक बहिष्कार एक संरचनात्मक प्रक्रिया है जिसके तहत व्यक्तियों या समूहों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन से भेदभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे वे सामाजिक प्रक्रियाओं से कट जाते हैं।
जाति और आर्थिक असमानता के बीच क्या संबंध है?
ऐतिहासिक रूप से, जाति व्यवस्था में उच्च जातियों की आर्थिक स्थिति बेहतर रही है, जबकि निम्न जातियों की स्थिति खराब रही है। हालांकि संबंध में बदलाव आया है, फिर भी व्यापक असमानताएं बनी हुई हैं।
अस्पृश्यता का क्या अर्थ है?
अस्पृश्यता एक सामाजिक प्रथा है जिसमें निचली जातियों के लोगों को कर्मकांड की दृष्टि से अशुद्ध माना जाता है और उनके स्पर्श से अन्य लोग अशुद्ध हो जाएंगे, जिसके परिणामस्वरूप कठोर सामाजिक प्रतिबंध लागू होते हैं।
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